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पंजाब

राज्यसभा जाने की तैयारी कर रहे नवनीत चतुर्वेदी को पंजाब पुलिस उठा ले गई!

प्रमोद पाहवा-

सब अपने होते हैं लेकिन कोई सगा नहीं होता। श्रीमान श्री नवनीत चतुर्वेदी जी संभावित राजयसभा सांसद पंजाब को रुपनगर (रोपड) पुलिस गिरफ्तार करने आई तो चंडीगढ़ पुलिस ने बचा लिया।

लेकिन सोशल मीडिया पर इसे गुरह मंत्री और उसकी हेराफेरी, वोट चोरी से जोड़कर सवाल उठने शुरु हुए तो कसाई ने बकरे को ही आगे करना था! और आख़िरकार सनमान जोग पंजाब पुलिस आप जी नू चक के लै गई।

मावा खान आल्या दा ढाई किलो दा हात्थ ते बिराह्मण दा शरीर! भगवान भली करे।


डॉ पथिक-

नवनीत चतुर्वेदी सर मायावी व्यक्ति हैं। पंजाब मे घटित हो रही नवनीत सर की लीला बड़े बड़े राजनैतिक चिंतकों के भी समझ से परे है।

लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि महीने में 20 दिन पंचतारा होटलों की मैदे की रोटी और ब्रोकली की सलाद खाने वाले नवनीत सर की ऐसी क्या मजबूरी हो गई जो उन्हें फर्जी वाड़ा करके जेल की पतली दाल पीने को मजबूर होना पड़ा।

हालांकि राज्यसभा के लालच में व्यक्ति का चूतिया हो जाना कोई बड़ी बात नहीं। कुमार विश्वास जैसे समझदार व्यक्ति ने भी राज्यसभा के लालच में नेताओं के बहुत तलवे चाटे बहुत टाइम खोटी किया बहुत बकचोदी की फिर भी राज्यसभा दूर की कौड़ी रही।

नवनीत सर का राजनैतिक पार्टी का बिजनेस बहुत बढ़िया चल रहा था पता नहीं कौन सी मनहूस घड़ी में उनको राज्यसभा का शौक चर्राया।

इस प्रकरण में मेरा अनुमान है कि कोई व्यक्ति नवनीत सर को चूतिया बना गया। हो सकता है किसी फाइव स्टार होटल में नवनीत सर को कोई व्यक्ति मिला हो जिसने इन्हें आश्वासन दिया हो कि “नवनीत भाई, आप राज्यसभा का फॉर्म भरो विधायकों के सिग्नेचर का मैं जुगाड़ कर दूंगा और फिर मांडवली करके फॉर्म वापस खींच लेंगे इस प्रक्रिया में बढ़िया कमाई हो जाएगी”।

और इसी लालच में नवनीत सर फंस गए हों। अब पंजाब पुलिस की कस्टडी में इस बात का पता लगाया जाएगा कि उन्हें चूतिया बनाने वाला विधायकों के सील ठप्पे लगाने वाला उनका साझेदार कौन है।

नवनीत सर एक जमाने में सुब्रमण्यम स्वामी जैसे व्यक्ति के चेले रह चुके हैं। इस घटना को जानकर सुब्रमण्यम स्वामी को भी ठेस पहुंची होगी कि मेरे चेले को कोई चूतिया बना गया।

हालांकि मुझे पूर्ण विश्वास है कि नवनीत सर के साथ थाने में मार पीट नहीं होगी। पुलिस नेताओं को कभी नहीं मारती।

मैंने कहीं पढ़ा था कि नेताओं से इंट्रोगेशन का पुलिस का तरीका यह होता है कि 4- 5 पुलिस वाले एक कंबल पर पेशाब करते हैं फिर नेता से बोलते हैं कि नेताजी अमुक प्रश्न का जवाब दो अन्यथा यह पेशाब वाला कंबल तुम्हें ओढ़ा दिया जाएगा। और पेशाब वाले कंबल को ओढ़ने के भय से सफाई पसंद नेता सारी सच्चाई बक देता है।


मोहम्मद ज़ाहिद-

नवनीत चतुर्वेदी से मेरा परिचय सोशल मीडिया के माध्यम से ही हुआ, मेरी कई बार की मुलाकात है , और फोन या व्हाट्स एप पर लगातार राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर बात होती रही है..

सीधे साधे आदमी हैं , सामान्य जीवन ही जीते हैं, 5 STAR और ताज होटल की फोटो सोशल मीडिया की चकल्लसबाजी के लिए है , कोई भी वहां जाकर 100 फोटो खींच सकता है और सालभर फेसबुक पर अपडेट कर सकता है..

नवनीत चतुर्वेदी RTI के विशेषज्ञ रहे हैं, सरकारी सिस्टम को जानते रहे हैं, नवनीत चतुर्वेदी देश में इंदिरा गांधी को हटाकर मोरारजी देसाई को पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री बनाने वाली “जनता पार्टी” के अध्यक्ष हैं, पार्टी भले मृत सैय्या पर हो परन्तु चुनाव आयोग द्वारा पंजीकृत एक राजनीतिक दल है जिसके अध्यक्ष नवनीत चतुर्वेदी को 26 जनवरी की परेड और प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रपति द्वारा आमंत्रित किया जाता है…

ऐसा व्यक्ति जिसने भारतीय राजनीति की सड़न को अपनी किताब “जियो पालिटिक्स” में सामने रख दिया हो ऐसा व्यक्ति मुर्ख तो नहीं हो सकता..

मुझे नहीं लगता कि ऐसा व्यक्ति इतना बड़ा स्पष्ट फ्राड करेगा कि आम आदमी पार्टी के 10 विधायकों का फर्ज़ी हस्ताक्षर करके राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी बनेंगा…

कोई भी समझ सकता है कि आखिर सत्तारुढ़ आम आदमी पार्टी के दस विधायक ऐसे राजनीतिक दल का समर्थन क्यों करेंगे जिस पार्टी का देश में एक भी विधायक न हो और इसके अध्यक्ष को कोई जानता तक न हो , ना उसके पास पैसा ना पावर..फ्राड पहली नज़र में ही लगेगा…

ऐसा फर्जीवाड़ा करने पर कोई भी पकड़ा जाएगा यह मामूली समझ रखने वाला व्यक्ति भी समझ सकता है…एक ऐसा व्यक्ति जो जानता हो कि फर्जीवाड़ा नामांकन करते ही सामने आएगा और पकड़ा जाएगा कोई खुद को फंसाने के लिए ऐसा क्यों करेगा ? यही कारण है कि विधायकों की आपत्ति के बाद नवनीत चतुर्वेदी का नामांकन पत्र 14 अक्टूबर को खारिज हो गया।

होना ही था, यह सब कैसे हुआ समझ से परे है , संभव है कि नवनीत चतुर्वेदी किसी बड़े व्यक्ति का मोहरा बने हों और मामला बढ़ता देख वह व्यक्ति पीछे हो गया हो.. उस व्यक्ति पर भरोसा करके ही नवनीत चतुर्वेदी ने फर्ज़ी दस्तावेज पर नामांकन किया हो… यह मेरा अनुमान है.. बाकी मामला कानून के समक्ष है…

नवनीत चतुर्वेदी पर दस अलग-अलग जगहों पर

BNS धारा 316 जालसाजी , BNS धारा 318: धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी, BNS धारा 336 जाली दस्तावेज का वैध के रूप में उपयोग, BNS धारा 61(2) और BNS धारा 318(4) धोखाधड़ी की धाराएं लगाई गई है।

चंडीगढ़ पुलिस और पंजाब पुलिस के बीच कुछ विवाद के बाद कल 15 अक्टूबर 2025 को पंजाब पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

उम्मीद है कि न्याय होगा , मेरी व्यक्तिगत समझ कहती है कि यह मामला नवनीत चतुर्वेदी से आगे का है… नवनीत चतुर्वेदी किसी पर भरोसा करके फंस गए लगते हैं…

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