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उत्तर प्रदेश

ऊर्जा राज्‍यमंत्री डॉ सोमेंद्र तोमर ने ट्रस्‍ट के नाम खरीद डालीं 10 करोड़ की जमीनें!

अनिल कुमार-

अपने चेले विपुल चपराना के कारगुजारियों के चलते चर्चा में आये उत्तर‍ प्रदेश के ऊर्जा राज्‍यमंत्री डा. सोमेंद्र तोमर को जमीन खरीदने का जबर्दस्‍त शौक है। आंकड़े बताते हैं कि 2020-21 में दायर इनकम टैक्‍स में खुद 1061774 रुपये तथा पत्‍नी का 920883 रुपये वार्षिक आय बताने वाले डा. सोमेंद्र तोमर ने मंत्री बनने के बाद आश्‍चर्यजनक तरीके से अगले तीन सालों में दस करोड़ से ज्‍यादा की पट्टा वाली जमीनें ट्रस्‍ट के नाम पर खरीद डालीं। सैकड़ों लोगों के नाम से आवंटित कुल 24 जमीनों का सौदा डा. सोमेंद्र ने 23/01/2023 से 17/04/2025 के दरमियान कीं। अब पैसे पेड़ पर उगे या कोई खजाना हाथ लगा, ये तो जांच का विषय है।

रिकार्ड के अनुसार डा. तोमर ने 13/03/2024 तथा 13/09/2024 को सर्वाधिक नौ-नौ संपत्तियों की रजिस्‍ट्री करवाई। इसके अतिरिक्‍त 23/01/2023 को एक, 27/09/2023 को तीन,16/04/2025 तथा 17/04/2025 को एक-एक संपत्तियों यानी कुल मिलाकर 24 जमीनों की रजिस्‍ट्री शांति निकेतन ट्रस्‍ट के नाम से हुईं। इनमें से नौ जमीनें अनुसूचित पट्टा थीं, जिसके लिये प्रशासन से आदेश लेना पड़ता है। पर इन्‍हें सभी नौ अनुसूचित पट्टों की रजिस्‍ट्री के लिये आसानी से सरकारी आदेश मिल गया। जबकि सामान्‍य लोगों को अनुसूचित पट्टा या जमीन की रजिस्‍ट्री कराने में नाकों चने चबाने पड़ जाते हैं, लेकिन ऊर्जा राज्‍य मंत्री के लिये ऐसी कोई भी दिक्‍कत नहीं हुई, ऐसा रजिस्‍ट्री के आंकड़े बताते हैं।

सबसे दिलचस्‍प बात यह रही कि इन सभी 24 पट्टे वाली जमीनों की रजिस्‍ट्री कराने के गवाह केवल तीन लोग रहे। इन तीनों ने ही सभी जमीनों की रजिस्‍ट्री कराई। माना जाता है कि भाजपाइयों की मुसलमानों से नहीं पटती, लेकिन रजिस्‍ट्री की गवाही बताती है कि उनके सबसे अच्‍छे यार जाने आलम पुत्र ताहिर अली हैं। यही सबसे ज्‍यादा रजिस्ट्रियों के गवाह रहे। इनके अलावा सोहनवीर पुत्र सत्‍येंद्र तथा दीपक मेहता पुत्र बल्‍लभ मेहता ने जमीन रजिस्‍ट्री के दौरान गवाह बने। चौथा गवाह डा. तोमर को शायद खोजने के बाद भी नहीं मिला होगा, इसलिये चौथे किसी गवाह की गवाही रजिस्‍ट्री के दौरान नहीं हुई। सभी जमीनों की गवाही इन तीनों ने दी।

अब जमीन लेना कोई गुनाह तो नहीं है, लेकिन जांच का विषय जरूर है कि डा. तोमर को एक ही गांव कायस्‍त मांवडी में 47732 वर्गमीटर जमीन एकदम अगल-बगल सटी हुई कैसे मिल गईं? साल दो साल पहले तक पति पत्‍नी मिलाकर लगभग बीस लाख की वार्षिक आय दर्शाने वाले मंत्रीजी के पास अचानक से इतना धन कैसे आ गया कि उन्‍होंने तीन सालों के भीतर कुल 105512400 (दस करोड़ पचपन लाख बारह हजार चार सौ) रुपये खर्च कर लगभग 50 हजार वर्गमीटर जमीन खरीद डाली। वैसे, बताया जा रहा है कि मंत्री जी ने जहां जमीन खरीदी है, वहीं आसपास में सरकार टाउनशिप डेवलप करने जा रही है। जाहिर है कि टाउनशिप बनेगा तो जमीनों के दाम बढ़ेंगे या फिर अधिग्रहण होगा तो मोटा रकम आयेगा।

खैर, इस जमीन सौदे और मंत्री जी के आय स्रोत की सच्‍चाई जो भी हो, लेकिन एक बात तो तय है कि मंत्री बनना कोई घाटे का सौदा नहीं है। वह भी उस सरकार में जिसे कागजों में ईमानदार सरकार बताया जाता है। इसी सरकार में किसी की करोड़ों की नगदी उड़ने की खबरें आती हैं तो किसी के दर्जनों प्‍लॉट खरीदने की खबरें आती हैं, लेकिन कार्रवाई या जांच कहीं नहीं होती है। यही है सबसे ईमानदार सरकार होने की गारंटी।

आम आदमी अपनी जरूरतें पूरी नहीं कर पा रहा है, मंत्री, विधायक, अधिकारी इस सरकार में तर माल खा रहे हैं। बताया जाता है कि डा.तोमर भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष डा. भूपेंद्र चौधरी जी के भी बहुत प्‍यारे नेता हैं। यह रजिस्‍ट्री एक उदाहरण भी है कि नेता-विधायक-मंत्री जनता के कामों में कहते हैं कि अधिकारी सुन नहीं रहे, जबकि उनके खुद के काम खटाखट हो जा रहे हैं।

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1 Comment

1 Comment

  1. Roop raj Kishore

    October 27, 2025 at 7:24 am

    Matter of CBI ENQUIRY.

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