Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

उत्तर प्रदेश

लोक सेवा आयोग की अनियमितताओं पर अधिवक्ता सौरभ सोमवंशी ने योगी जी को लिखा पत्र!

प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट के अधिवक्ता सौरभ सिंह सोमवंशी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और लोक सेवा आयोग उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के द्वारा परीक्षाओं के संपन्न होने व उत्तर कुंजी जारी होने के बाद प्रश्नों को हटाए जाने व कट ऑफ की अनियमित के संदर्भ में शिकायत की है।

उन्होंने कहा कि उत्तर कुंजी जारी करने के बाद भारी मात्रा में आयोग के द्वारा प्रश्नों को डिलीट किया जाता है परिणाम यह होता है कि अधिक अंक प्राप्त करने वाला अभ्यर्थी मेरिट सूची से बाहर हो जाता है और कम अंक प्राप्त करने वाला अभ्यर्थी क्वालीफाई कर दिया जाता है। इसलिए डिलीटेड सवालों के सापेक्ष कम्पनसेटरी अंकों को देने का प्रावधान लागू किया जाए।

सौरभ सोमवंशी ने कहा है कि आयोग की उत्तर कुंजी के अनुसार यदि कोई अभ्यर्थी 120 सवाल हल करके 100 प्रश्न सही करता है और दूसरा अभ्यर्थी 110 सवाल हल करके सिर्फ 90 प्रश्न सही करता है। तो दोनों के ही 20 प्रश्न गलत होते हैं परंतु जब आयोग संशोधित उत्तर कुंजी से 15 उन सवालों को हटाता है जो पहले अभ्यर्थी के सही थे तो इस तरह से पहले अभ्यर्थी के सही प्रश्न मात्र 85 होते हैं जबकि दूसरा अभ्यर्थी 90 सही सवालों के साथ मेंस के लिए क्वालीफाई करा दिया जाता है होना यह चाहिए कि डिलीटेड सवालों के सापेक्ष सिर्फ उन सवालों को करने वाले छात्रों को कंपनसेटरी मार्क्स के तौर पर निर्धारित अंक के एक तिहाई या आधे अंक दिए जाएं।

सौरभ सोमवंशी ने सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया के बलराम विष्णु सुब्रमण्यम बनाम यूनियन ऑफ इंडिया 2017 और मद्रास उच्च न्यायालय के लक्ष्मी श्री बनाम यूनियन ऑफ इंडिया 2018 के मामले का जिक्र करते हुए मांग की है कि इस तरह के और अन्य मामलों में भी न्यायालय ने सीधे तौर पर ज्यादा सवाल हल करने वाले छात्रों को काम सवाल हल करने वाले छात्रों से अलग माना है और इस तरह के निर्णय में अदालत ने डिलीट सवालों के सापेक्ष कंपनसेटरी अंकों की बात को माना है।

करीब एक दर्जन से अधिक छात्रों की तरफ से मुख्यमंत्री से इस मामले की शिकायत करने वाले इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता सौरभ सिंह सोमवंशी ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के समय से ही गलत सवालों के डिलीट करने के साथ अनियमितता का खेल भी किया जाता है उन्होंने यह भी प्रश्न उठाया है कि जब संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में प्रश्न गलत नहीं होते तो उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन आने वाले तमाम संस्थाओं के द्वारा आयोजित होने वाली परीक्षाओं के प्रश्न क्यों गलत होते हैं।

जबकि प्रश्न बनाने वाले एक्सपर्ट होते हैं उन्होंने कहा कि इस मामले पर वह छात्रों की तरफ से इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका भी दाखिल करेंगे।

पत्र देखें…

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन