Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

उत्तर प्रदेश

फर्जी मुकदमे में फंसाए गये मऊ के छह पत्रकारों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत!

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मऊ जनपद के छह पत्रकारों को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमे की आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। पत्रकारों पर एक खबर की कवरेज के कई दिनों बाद विभिन्न आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसे पत्रकारों ने दुर्भावनापूर्ण और साजिशन कार्रवाई बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। न्यायालय ने मामले को प्रथम दृष्टया विचारणीय मानते हुए अगली सुनवाई तक सभी कार्यवाहियों पर स्थगन आदेश जारी कर दिया।

माननीय न्यायमूर्ति संजय कुमार पचौरी की एकल पीठ में धारा 528 बीएनएसएस के तहत दाखिल आवेदन संख्या 39613/2025 पर सुनवाई हुई। मामले में राहुल सिंह समेत छह पत्रकारों ने आपराधिक मामला संख्या 1004/2025 तथा केस अपराध संख्या 545/2024 को निरस्त करने की मांग की थी। यह मुकदमा थाना सरायलखंसी, जनपद मऊ में बीएनएस की धारा 79, 353(2) एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत दर्ज किया गया था।

पत्रकारों की ओर से विद्वान अधिवक्ता ज्ञानेंद्र सिंह और दीपक दुबे ने पक्ष रखते हुए कहा कि 12 दिसंबर 2024 की घटना के संबंध में 16 दिसंबर 2024 को दर्ज एफआईआर पूरी तरह झूठे, निराधार और दुर्भावनापूर्ण आरोपों पर आधारित है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि आवेदक संख्या 1, 2, 3 और 6 पत्रकारिता की वैध डिग्री धारक हैं, जबकि आवेदक संख्या 4 और 5 कैमरामैन हैं। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि पत्रकारों के खिलाफ लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई पूर्व-समन साक्ष्य तक उपलब्ध नहीं है।

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला विचारणीय प्रतीत होता है। कोर्ट ने विपक्षी पक्ष संख्या-2 को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह में प्रतिवाद दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक आवेदकों के विरुद्ध संबंधित मामले की आगे की कार्यवाही स्थगित रहेगी।

अधिवक्ता ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले में जानबूझकर पत्रकारों को खबरों को लेकर हतोत्साहित करने के लिए उनके ऊपर फर्जी तरीके से मुकदमा दर्ज कर फंसाया गया था, जिसे माननीय न्यायालय के विद्वान न्यायाधीश ने संज्ञान लिया और राहत दे दी, आगे भी मैं इसी तरह से पूरे प्रदेश के पत्रकारों से जुड़े मामलों के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में लड़ता रहूंगा। मऊ के पत्रकार संगठनों और अन्य बंधुओं द्वारा अधिवक्ता ज्ञानेंद्र सिंह का आभार प्रकट किया है।

देखें आदेश…

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन