देश में दिल की बीमारियां तेजी से जानलेवा बनती जा रही हैं। भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय की 2022-24 की रिपोर्ट के मुताबिक देश में होने वाली कुल मौतों में सबसे बड़ा कारण हृदय रोग है। रिपोर्ट के अनुसार 32.1 प्रतिशत मौतें हार्ट संबंधी बीमारियों की वजह से हो रही हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के सभी क्षेत्रों में हृदय रोग मौत का प्रमुख कारण बन चुका है। सबसे ज्यादा असर उत्तरी क्षेत्र में देखा गया, जहां 35.1 प्रतिशत मौतें हृदय रोग से हुईं। इसके बाद मध्य क्षेत्र में 24.1 प्रतिशत मौतें इस कारण दर्ज की गईं। पूर्वोत्तर क्षेत्र में यह आंकड़ा 4.8 प्रतिशत और पूर्वी क्षेत्र में 4.2 प्रतिशत रहा।
पुरुषों में पाचन तंत्र रोग से ज्यादा मौतें
रिपोर्ट के मुताबिक पुरुषों में पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों से मौत का प्रतिशत 7.7 रहा, जबकि महिलाओं में यह आंकड़ा 3.4 प्रतिशत दर्ज किया गया।
वहीं जनन-मूत्र संबंधी रोगों से पुरुषों में 3.8 प्रतिशत और महिलाओं में 2.9 प्रतिशत मौतें हुईं।
श्वसन और संक्रमण से भी बढ़ीं मौतें
रिपोर्ट में कहा गया है कि श्वसन तंत्र की बीमारियों से 6 प्रतिशत मौतें हुईं। पाचन तंत्र रोग से 5.9 प्रतिशत और संक्रमण से 5.7 प्रतिशत लोगों की जान गई।
इसके अलावा बुखार से 4.1 प्रतिशत, चोट से 4.1 प्रतिशत, बाहरी कारणों से 3.6 प्रतिशत और जनन-मूत्र संबंधी रोगों से 3.4 प्रतिशत मौतें दर्ज की गईं।
उम्र बढ़ने के साथ बढ़ रहा खतरा
रिपोर्ट के अनुसार अधिकतर अस्पष्ट कारणों से होने वाली मौतें 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों में देखी गईं। वहीं तपेदिक, मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों का असर भी कई मामलों में सामने आया।
विशेषज्ञों ने दी हस्तक्षेप की सलाह
रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने कहा है कि मृत्यु दर कम करने के लिए विशेष स्वास्थ्य रणनीतियां अपनाने की जरूरत है। बचपन से जुड़े स्वास्थ्य कार्यक्रमों को मजबूत करने और लोगों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कम उम्र में होने वाली मौतों में कमी आई है, जो बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और सरकारी कार्यक्रमों का असर माना जा रहा है। हालांकि 30 से 69 वर्ष आयु वर्ग में अब भी बड़ी संख्या में मौतें विभिन्न बीमारियों की वजह से हो रही हैं।

जनगणना महारजिस्ट्रार की रिपोर्ट के अनुसार भारत में सबसे ज्यादा 32.1% मौतें दिल की बीमारियों की वजह से हो रही हैं। मतलब दिल मौतों की सबसे बड़ी वजह बन गया है। ये वाकई में बेहद चिंताजनक है। -मिथिलेश धर



