उत्कर्ष सिन्हा-
मनहूस है ये महीना। आज गिरिजेश मिश्र भी चले गए। हमारे काबिल अनुज एक-एक कर के चले जा रहे हैं। गिरीजेश का चेहरा आँखों के सामने घूम रहा है। वो राष्ट्रीय सहारा गोरखपुर में जब आया था। एकदम शांत रहने वाला लड़का, लेकिन कलम बोलती थी, खबर बोलती थी उसकी, सामने से प्रसिद्धि की भूख नहीं थी लेकिन खबरों की बड़ी भूख थी।

वो दौर भी बेखौफ खबरों का था, खबर है तो लिखी जाएगी और गिरिजेश भी उतनी ही बेखौफी के साथ लिख जाता । कभी तेज आवाज में बात नहीं, बड़ों का हमेशा लिहाज, पूछने में हिचकना नहीं यही खूबियां उन्हें और आगे ले गईं। अखबार से टीवी तक, राष्ट्रीय सहारा से zee news तक और TV 9 तक, टिक के संस्थान में रहना खूबी थी।
युवा अवस्था की यादें भी मन में जमी रहती हैं, गिरिजेश भी जमे रहेंगे हम सब के मन में। अलविदा भाई, विनम्र श्रद्धांजलि
वरिष्ठ पत्रकार टीवी9 भारतवर्ष के एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर प्रिय मित्र श्री गिरजेश मिश्र के निधन की सूचना से स्तब्ध हूं।
अभी कुछ दिन पहले बात हुई थी।भविष्य की ढेर सारी योजनाओं पर गिरजेश काम कर रहे थे। गिरिजेश एक बेहतरीन क़लमकार ही नहीं बेहतरीन इंसान भी थे।
नमन मित्र। आपकी कमी हमेशा खलेगी।-प्रदीप श्रीवास्तव
विपिन चौबे-
TV9 Bharatvarsh में मेरे सहकर्मी और इंडिया न्यूज़ के पुराने साथी Girijesh Mishra अब नहीं रहे। गिरिजेश जी से लगभग दस सालों से भी पुराना रिश्ता है। गोरखपुर का होने के नाते एक अलग लगाव था। हर विषय पर गिरिजेश जी का ज्ञान उन्हे भीड़ से अलग बनाता था। शांत धीर गम्भीर सधे हुए शब्दों में बात करना उनकी विशेषता थी।

इतनी कम उम्र में किसी साथी का जाना बेहद तकलीफ़देह होता है। जीवन को लेकर गिरिजेश जी ने बहुत कुछ सोच रखा था अब उनके हिस्से का संघर्ष आख़िरी दौर में था लेकिन विधाता को कुछ और मंजूर था। गिरिजेश भाई के अंतिम संस्कार में जा रहा हूँ मन बहुत व्यथित है। अब तो बस यही कह सकता हूँ की ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। उनके परिवार को इस दुःख को सहने की शक्ति दे।


