शीतल पी सिंह-
जिस जहाज़ पर अमरीकी सेना ने हमला किया, जिसमें भारतीय नाविक तैनात थे , उनमें से एक भारतीय का पिता कट्टर मोदी समर्थक है। उसने गोदी मीडिया के एक सेनापति को लिखा,
I am father of one of the three crew missing. Aditya Sharma is my son.
Please help to locate and find him.
Below shipping company message to me.
My son has reported exploitation by senior at ship and want to quit this ship in April.
We have all conservation in records.


पापा कहते थे किसी की मौत का जश्न नहीं मनाना चाहिए, ये वो शै है जो कभी भी, किसी के घर में भी आ सकती है बिना बुलाए
मुझे दुख है शर्मा जी आपके बेटे की मौत पर, उतना ही जितना गज़ा के बेगुनाहों की मौत पर था।
-अशोक कुमार पांडेय
अरविंद केजरीवाल-
“प्रधानमंत्री मोदी, ट्रंप को ‘थैंक यू’ कह रहे हैं। आखिर किस बात के लिए धन्यवाद? उन जहाज़ों पर हमला करने के लिए, जिन पर भारतीय सवार थे, और जिनमें भारतीय नागरिकों की जान गई? अब यह स्थिति हमारे देश के लिए बेहद शर्मनाक होती जा रही है।
मोदी जी ने भारत की संप्रभुता, राष्ट्रीय स्वाभिमान और अपने नागरिकों के जीवन को पूरी तरह ट्रंप के भरोसे छोड़ दिया है। भारत को एक मजबूत प्रधानमंत्री की जरूरत है। ट्रंप को यह छूट नहीं दी जा सकती कि वह हमारे देश और हमारे लोगों के साथ अपनी मर्जी से जैसा चाहे वैसा व्यवहार करें।”
कविश अजिज-
23 साल के इस लड़के का नाम आदित्य शर्मा है। इनके पिता राजेश शर्मा अंधभक्त हैं जो फलस्तीन में मासूम बच्चों के कत्ल पर खुश हो रहे थे।
अमेरिका ने जिस भारतीय जहाज पर हमला किया आदित्य उस के नाविक थे। हमले में आदित्य की मौत हो गई। आदित्य अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे।
अफसोस!! उनके पिता राजेश शर्मा “ग़ज़ा में नरसंहार का जश्न मनाते हुए इसराइल और अमरीका को सलाह दे रहे थे कि पूरे गजा को बर्बाद करके गैर मुस्लिम टेरिटरी बना दी जाए”
आज उसी इसराइल और अमरीका ने राजेश शर्मा के लड़के को मार डाला, अब शर्मा जी सरकार से सवाल कर रहे हैं।

वक्त हर मर्ज़ का इलाज है, कहते हैं दूसरों की तकलीफ़ को महसूस न भी करें तो हँसी न उड़ाओ, वक़्त की मार बड़ी बेदर्द होती है।
-सरफराज नजीर


