हाजीपुर। बिहार के वैशाली जिले में एक पत्रकार के घर देर रात पुलिस पहुंचने और अल्कोहल टेस्ट करने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय अखबार ‘अहान’ के संपादक मनीष कुमार सिंह का आरोप है कि जिले में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ी खबरें प्रकाशित करने के बाद उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
बताया जाता है कि 16 जून की रात पुलिस टीम मनीष कुमार सिंह के घर पहुंची और तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान उनका ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट भी किया गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी घर के भीतर जांच करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि अल्कोहल टेस्ट की रिपोर्ट शून्य आई, यानी पत्रकार द्वारा शराब सेवन किए जाने की पुष्टि नहीं हुई।
वायरल वीडियो में एक और बात चर्चा का विषय बनी हुई है। जांच के दौरान मौजूद पुलिसकर्मी आपस में बहस करते और उलझते हुए भी दिखाई दे रहे हैं, जिससे पूरी कार्रवाई को लेकर लोगों के बीच सवाल उठने लगे हैं।
घटना के बाद पत्रकार मनीष कुमार सिंह ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि उन्होंने वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर किया था। इसी के बाद प्रशासनिक दबाव बढ़ने लगा और अब पुलिस कार्रवाई के जरिए उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है।
मनीष कुमार सिंह के मुताबिक जिलाधिकारी की ओर से उनकी खबरों के संबंध में स्पष्टीकरण और सबूत मांगे गए थे। उन्होंने लिखित रूप से सभी तथ्यों और दस्तावेजों के साथ जवाब भी उपलब्ध करा दिया था। इसके बावजूद उनके अनुसार उन्हें और उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है।
पत्रकार ने आशंका जताई है कि आने वाले दिनों में उनके घर पर फिर से छापेमारी की जा सकती है और उनसे जुड़े लोगों को भी जांच के नाम पर प्रताड़ित किया जा सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह नियमित जांच थी तो फिर आधी रात को उनके घर पहुंचने की क्या जरूरत थी?
इस घटना के सामने आने के बाद पत्रकार संगठनों और सोशल मीडिया पर कई लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं प्रशासन की ओर से अभी तक इस कार्रवाई को लेकर कोई विस्तृत सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।


