बेगूसराय। जिले के बछवाड़ा थाना क्षेत्र में मनरेगा योजना में कथित अनियमितताओं की पड़ताल करने पहुंचे एक पत्रकार के साथ मारपीट, मोबाइल छीनने की कोशिश और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। घायल पत्रकार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित पत्रकार ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि उन्हें रानी-एक पंचायत में मनरेगा योजना के तहत फर्जी हाजिरी और वित्तीय गड़बड़ियों की सूचना मिली थी। इसी सूचना की सत्यता जांचने और वीडियो कवरेज करने के लिए वह शनिवार को वार्ड संख्या-13 स्थित कार्यस्थल पर पहुंचे थे।
प्रभात खबर की वेबसाइट में पब्लिश रिपोर्ट के अनुसार, मौके पर मौजूद वार्ड सदस्य और उनके सहयोगियों ने पत्रकार को वीडियो रिकॉर्डिंग करने से रोक दिया। विरोध करने पर कथित तौर पर उनके साथ अभद्रता की गई और मोबाइल फोन छीनने का प्रयास किया गया। पत्रकार का कहना है कि इसके बाद आरोपियों ने उन्हें जमीन पर पटक दिया और लात-घूंसों से जमकर मारपीट की, जिससे उनके सिर, पेट और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मारपीट के दौरान वार्ड सदस्य ने उनका हाथ पकड़ लिया, जबकि उसके पुत्र ने गला दबाकर हत्या का प्रयास किया। पत्रकार के अनुसार, उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद उनकी जान बच सकी।
पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद जाते-जाते आरोपियों ने उन्हें धमकी दी कि यदि भविष्य में उनके खिलाफ कोई खबर प्रकाशित की गई तो परिणाम गंभीर होंगे। कथित तौर पर कहा गया कि दोबारा खबर बनाई तो “तुम्हारी मौत की खबर छपवा देंगे।”
घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल पत्रकार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बछवाड़ा पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेगूसराय सदर अस्पताल रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि आंतरिक चोटों के कारण उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है और बेहतर उपचार के लिए आगे रेफर किए जाने पर भी विचार किया गया।
पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


