खुशदीप सहगल-
क्या अब एंकरिंग के लिए भी धर्म देखा जाएगा? हिन्दुओं से जुड़ा मामला है तो कोई हिन्दू ही एंकरिंग करे और कोई नहीं? अगर मुस्लिम एंकर ऐसा करे तो क्या वो गुनाह हो जाएगा? अगर यही पैमाना अपनाया जाए तो फिर तो किसी हिन्दू एंकर को भी मुस्लिमों से जुड़े मुद्दों पर एंकरिंग नहीं करनी चाहिए. ऐसा हुआ तो पिछले 12 बरस से दिन-रात ‘हिन्दू-मुसलमान, हिन्दू मुसलमान’ कर रहे गोदी एंकर-एंकरानियों की तो दुकान ही बंद हो जाएगी…
ABP न्यूज़ की एंकर रोमाना ईसार ख़ान और विश्व हिन्दू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल के बीच चैनल पर हुई तक़रार की सोशल मीडिया पर बहुत चर्चा है. इसे लेकर विश्व हिन्दू परिषद इतना आहत हुआ कि रोमाना के ख़िलाफ़ लंबा चौड़ा शिकायती पत्र ही ABP न्यूज़ संपादक को भेज दिया. इस पत्र में क्या लिखा है, उस पर पोस्ट में आगे बात करता हूं…
पहले ये जान लिया जाए कि रोमाना ईसार ख़ान और विनोद बंसल के बीच डिबेट के दौरान क्या हुआ. दरअसल, रोमाना ने अपने डिबेट शो में विनोद बंसल को बुलाया और अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के आरोपों के बारे में सवाल किया (बता दें तब तक SIT गठित नहीं हुई थी), तब विनोद बंसल ने जवाब में कहा “राम मंदिर में कोई चोरी नहीं हुई है” और “एक रोमाना खान राम मंदिर की चोरी पर बोलेंगी”. ज़ाहिर है विनोद बंसल का इशारा एंकर के धर्म की ओर था…
घोटाला उजागर होने और SIT गठित होने के बाद रोमाना ईसार खान ने दोबारा डिबेट रखी और उसमें भी विनोद बंसल को बुलाया. तब रोमाना ने विनोद बंसल को उनके पहले दिए ‘चोरी नहीं होने’ संबंधी बयान की ओर दिलाया. साथ ही पूछा कि राम जन्मभूमि मंदिर से जुड़ा ट्रस्ट क्या हिन्दू समाज को बेवकूफ बनाने के लिए बनाया गया?
विनोद बंसल ने उल्टा जवाब दिया, “क्या आपकी तकरीर हो गई? क्या आप मस्जिद में जाकर दोबारा बोलेंगी?”…
रोमाना ने इस पर कहा, “मेरे धर्म को लेकर मुझे घेरने की कोशिश मत कीजिए. मैं इसकी कड़ी निंदा करती हूं. आप क्यों बीच में मस्जिद की बात ले आए…”
अब बात विश्व हिन्दू परिषद के उस पत्र की जो ABP न्यूज़ संपादक को रोमाना के ख़िलाफ़ भेजा गया…
विहिप की दिल्ली प्रांत इकाई ने चैनल के संपादक को औपचारिक शिकायत पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण से जुड़े कार्यक्रम में एंकर की भाषा और प्रस्तुति निष्पक्ष पत्रकारिता की कसौटी पर खरी नहीं उतरती…
29 जून 2026 को भेजे गए पत्र में विहिप के प्रांत मंत्री सुरेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा है कि कार्यक्रम के दौरान एंकर रोमाना इसार खान ने जिस शैली में सवाल पूछे और चर्चा का संचालन किया, उससे ऐसा आभास हुआ कि विषय के सभी पक्षों को समान अवसर नहीं दिया गया. पत्र में दावा किया गया है कि इस तरह की प्रस्तुति से हिंदू धार्मिक संस्थाओं की छवि पर अनावश्यक प्रश्नचिह्न लगाने का प्रयास हुआ…
विहिप ने एबीपी न्यूज़ से कार्यक्रम की संपादकीय समीक्षा कराने, एंकर की भूमिका की जांच करने, भविष्य में धार्मिक विषयों पर संतुलित और तथ्यपरक कवरेज सुनिश्चित करने तथा यदि कोई तथ्यात्मक त्रुटि हुई हो तो उसका सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी करने की मांग की है…
पत्र में कहा गया है कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का विषय है और ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर मीडिया को तथ्यों की पुष्टि के साथ जिम्मेदार और संतुलित पत्रकारिता करनी चाहिए…
रोमाना ईसार ख़ान के साथ मैंने ज़ी न्यूज़ में कई साल काम किया. तब ज़ी न्यूज़ आज वाला ज़ी न्यूज़ नहीं था. तब निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ पत्रकारिता के लिए ज़ी न्यूज़ की धाक थी. 2012 में सुधीर चौधरी के संपादक बनने के बाद ज़ी न्यूज़ पहले वाला ज़ी न्यूज़ नहीं रहा. रोमाना के साथ मैंने जितने साल काम किया, हमेशा मेहनती, मिलनसार, वरिष्ठों का सम्मान करने वाली और घटनाक्रमों पर पैनी नज़र रखने वाली पत्रकार-एंकर पाया.
इसलिए पत्रकारिता धर्म निभा रही रोमाना पर विनोद बंसल का उनके धर्म को लेकर निशाना बनाना पूरी तरह अनुचित और निंदनीय था. इसके बाद विहिप का ABP न्यूज़ संपादक को रोमाना के ख़िलाफ़ शिकायती पत्र भेजने से यही संकेत मिला कि संगठन का विनोद बंसल के रवैये को पूरा समर्थन है. अगर ऐसा है तो हर वक़्त हिन्दू मुसलमान करने वाले गोदी एंकर्स के ख़िलाफ़ उनके चैनल्स को मुस्लिम संगठन भी शिकायती पत्र भेजना शुरू कर दें तो क्या होगा?
मूल खबर…
एबीपी न्यूज़ की कवरेज से बिलबिला गए विहिप वाले!



