नई दिल्ली/अयोध्या। राम मंदिर के कथित चढ़ावा और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े आरोपों को लेकर राजनीतिक और मीडिया हलकों में बहस तेज होती जा रही है। राष्ट्रीय और क्षेत्रीय टीवी चैनलों पर इस मुद्दे पर लगातार डिबेट हो रही है, जबकि कई अखबार भी इसे प्रमुखता से प्रकाशित कर रहे हैं। इसके बावजूद केंद्र स्तर पर अब तक कोई स्पष्ट आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आने से विपक्ष और राजनीतिक विश्लेषक सवाल उठा रहे हैं।
विपक्षी दलों का आरोप है कि मामले में कार्रवाई और जवाबदेही को लेकर अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि यह केवल किसी व्यक्ति या संस्था का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और दान से जुड़ा विषय है, इसलिए इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
राजनीतिक गलियारों में भी इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि विवाद को केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित मानना पर्याप्त नहीं होगा, क्योंकि इसका असर व्यापक राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी पड़ सकता है।
उधर, राम मंदिर ट्रस्ट और संबंधित पक्षों की ओर से समय-समय पर आरोपों का खंडन किया गया है, जबकि मामले के कुछ पहलुओं की जांच की मांग भी उठ रही है।
फिलहाल, यह मुद्दा मीडिया और राजनीतिक विमर्श के केंद्र में बना हुआ है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि जांच एजेंसियां और संबंधित प्राधिकरण आगे क्या कदम उठाते हैं और इस पूरे विवाद पर केंद्र सरकार की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं।
राम मंदिर चंदा चोरी की ख़बर अख़बार और टीवी पर प्राथमिकता से छापी और दिखाई जा रही है। रोज़ टीवी पर बहस हो रही है।दिल्ली ख़ामोश है। योगी जी के रणनीतिकार समझा रहे है कि चम्पत राय निपट रहे है। दिल्ली को लग रहा है कि संघ और योगी जी का नुक़सान हो रहा है लेकिन ये कोई नहीं सोच रहा है कि बीजेपी भी निपट रही है!
-आदेश रावल, पत्रकार

टॉप सीक्रेट खबर पर रोज ही मुहर लग रही है।
अब दैनिक भास्कर ने लिखा है कि पूर्वी क्षेत्र के प्रचारक अनिल कुमार या फिर अनिल सिंह अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की नई संरचना का खाका खीच रहे हैं।
यूपी के सब से पॉवरफुल क्षेत्र प्रचारक माने जाने वाले अनिल सिंह अपनी रिपोर्ट नागपुर को सौंपेंगे, और उसके आधार पर ही ट्रस्ट में हुए इस्तीफ़े की जगह नए सदस्य अपॉंइट किए जाएँगे।
कथा का सार ये है कि यूपी में सरकार से लेकर संगठन और संगठन से लेकर राम मंदिर तक अप्रत्याशित शक्ति की अभूतपूर्व अनिल बह रही है, ये न भूतो है! न भविष्यत है!
-अभिषेक उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार




