लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सप्लाई की गई एल्बेंडाजोल 400 एमजी की गोलियों के सात बैच गुणवत्ता जांच (Not of Standard Quality-NSQ) में फेल पाए जाने के बाद बड़ा एक्शन लिया गया है। उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाइज कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPMSCL) ने दवा आपूर्ति करने वाली एफी पैरेंट्रल्स (Affy Parentrals) को तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
यूपीएमएससीएल की ओर से जारी आदेश के अनुसार, कंपनी को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उसका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय लिया गया।
एल्बेंडाजोल 400 एमजी टैबलेट का उपयोग मुख्य रूप से पेट के कीड़ों (कृमि संक्रमण) के इलाज के लिए किया जाता है और यह दवा सरकारी अस्पतालों में व्यापक स्तर पर वितरित की जाती है। जांच में इसके सात बैच निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे।
यूपीएमएससीएल ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को केवल सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी नीति के तहत गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की गई।
ब्लैकलिस्ट किए जाने के बाद एफी पैरेंट्रल्स अगले तीन वर्षों तक यूपीएमएससीएल की खरीद प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकेगी। कंपनी का नाम यूपीएमएससीएल की ब्लैकलिस्टेड फर्मों की सूची में शामिल कर दिया गया है।
उत्तरप्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सप्लाई हो रही पेट के कीड़े मारने की दवा सरकारी जांच में फेल हो गयी है.
एल्बेंडाजोल-400 एमजी टेबलेट (National Deworming Day पर) सरकारी और निजी स्कूलों में भी राज्य सरकार की ओर से बच्चों को दी जाती है. कई बार इस दवा से बच्चों की तबियत बिगड़ते हुए भी देखी गयी है.
यूपी में घटिया दवा सप्लायर कंपनी एफी पैरेन्ट्रल्स को 3 साल के लिए बैन कर दिया गया है.
-नरेंद्र प्रताप
जी के गौरव-
उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सप्लाई हो रही पेट के कीड़े मारने की दवा एल्बेंडाजोल-400 एमजी सरकारी जांच में फेल हो गई है।
दवा का dissolution टेस्ट फेल पाया गया, यानी दवा शरीर में ठीक से घुलती ही नहीं मरीज दवा खाते रहे, असर शून्य।
यही दवा National Deworming Day पर सरकारी और निजी स्कूलों में बच्चों को भी दी जाती है।
सप्लायर कंपनी एफी पैरेंट्रल्स, बड्डी (हिमाचल प्रदेश) को 3 साल के लिए बैन कर दिया गया है।
यह पहला मामला नहीं है इस कंपनी के कई दवाओं के बैच पहले भी गुणवत्ता जांच में फेल हो चुके हैं।



