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उत्तर प्रदेश

राम मंदिर की मीडिया कवरेज पर पाबंदी; दिल्ली दरबार से था मामला रफा-दफा करने का निर्देश!

Hindi newspaper clipping with bold headline about a legal/press case and multiple paragraphs in Devanagari script, including subheadings and bullet-like points.

अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में नए खुलासों और बढ़ते विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि परिसर के बाहर मीडिया कवरेज पर सख्ती कर दी गई है। अब मंदिर के सामने किसी भी तरह की मीडिया कवरेज के लिए एसपी सुरक्षा की पूर्व अनुमति अनिवार्य कर दी गई है। बिना अनुमति कवरेज करने पहुंचे मीडिया कर्मियों को सुरक्षा कर्मियों द्वारा हटाया जा रहा है। इस कदम ने मामले को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामले को दबाने की कोशिश के आरोप

इसी बीच सामने आई मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद शुरुआत में कुछ ट्रस्ट पदाधिकारी इस पूरे प्रकरण को दबाने की कोशिश में जुट गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली दरबार में बैठे वरिष्ठ पदाधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई थी, जिसके बाद कथित तौर पर मामले को किसी तरह रफा-दफा करने के निर्देश दिए गए।

बताया गया है कि बाद में जब मामला सार्वजनिक हुआ और दबाव बढ़ा तो एसआईटी जांच की सिफारिश की गई तथा अंततः एफआईआर दर्ज कराई गई। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि कुछ पदाधिकारी इस आशंका से भी मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहते थे कि जांच की आंच उन तक भी पहुंच सकती है। हालांकि, इन दावों पर संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

CBI जांच की मांग हुई तेज

चढ़ावा चोरी मामले में अब केंद्रीय एजेंसी CBI से जांच कराने की मांग लगातार तेज होती जा रही है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और संत समाज के कुछ प्रतिनिधियों का कहना है कि चूंकि मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर में आने वाले दान से जुड़ा है, इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच केंद्रीय एजेंसी से कराई जानी चाहिए।

उधर, पुलिस और एसआईटी अपनी जांच आगे बढ़ा रही हैं। आरोपियों से पूछताछ, बरामदगी और वित्तीय लेनदेन की जांच जारी है। प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर भी आगे की कार्रवाई पर मंथन चल रहा है।

मामले में लगातार सामने आ रहे नए खुलासों और प्रशासन की सख्ती के बीच अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जांच का दायरा और बढ़ेगा तथा क्या केंद्र या राज्य सरकार CBI जांच की मांग पर कोई फैसला लेती है।


Front page of a Hindi newspaper with a large headline about Ram temple and police cordon, plus photos of the temple complex and a scene outside a building.

बड़ी खबर—अमर उजाला लिख रहा है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी की हो सकती है CBI जांच।
तो फिर तो CBI को उस SIT की भी जांच करनी होगी, जिसने बिना FIR किए जांच की और उसके बाद रिपोर्ट उसी राम मंदिर ट्रस्ट को सौंप दी,
जिस पर चढावा चोरी मामले में संलिप्तता के संगीन आरोप हैं। यही poetic justice होगा!
-अभिषेक उपाध्याय

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