नई दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के कार्यालय में एक और महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव हुआ है। मंत्रालय की ओर से जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, मंत्री के असिस्टेंट प्राइवेट सेक्रेटरी (APS) सिद्धार्थ यादव की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। साथ ही उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त भी कर दिया गया है।
3 जुलाई 2026 को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के 3 जुलाई 2026 के कार्यालय ज्ञापन और सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के आधार पर यह निर्णय लिया गया है।
आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि मंत्री भूपेंद्र यादव के APS के रूप में सिद्धार्थ यादव की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाती है तथा उन्हें उनके दायित्वों से तुरंत मुक्त किया जाता है।
पहले भी हो चुके हैं कई बदलाव
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब मंत्री भूपेंद्र यादव के कार्यालय में हाल के दिनों में कई प्रशासनिक बदलाव हो चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, सिद्धार्थ यादव का नाम सामने आने के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि मंत्री कार्यालय में लगातार फेरबदल हो रहे हैं।
कारण का उल्लेख नहीं
हालांकि, मंत्रालय के आदेश में नियुक्ति समाप्त किए जाने का कोई कारण नहीं बताया गया है। यह केवल नियुक्ति समाप्त करने और तत्काल कार्यमुक्त करने की सूचना देता है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा
मंत्री कार्यालय में लगातार हो रहे बदलावों को लेकर राजनीतिक और नौकरशाही हलकों में चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, अब तक केंद्र सरकार, पर्यावरण मंत्रालय या मंत्री कार्यालय की ओर से इन बदलावों के कारणों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे “असाधारण घटना” बताते हुए दावा किया है कि पिछले 12 वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर नहीं हो सकी है। इसलिए इसे तथ्य के रूप में नहीं कहा जा सकता। फिलहाल आधिकारिक रूप से इतना ही स्पष्ट है कि APS सिद्धार्थ यादव की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के निजी स्टाफ़ की तत्काल प्रभाव से छुट्टी किए जाने की ये खबर बहुत बड़ी है।
चाय की प्याली में तूफ़ान है!!
शिकारियों के पंजों में चिड़िया की जान है!!
-अभिषेक उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार

मुकेश कुमार-
जहँ जहँ पाँव पड़े संघियन के तहँ तहँ भ्रष्टाचार….
केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव के स्टाफ को हटा दिया गया है। कारण नहीं बताया जा रहा है, मगर संभावना यही है कि राम मंदिर जैसी भक्ति वहां भी चल रही थी।
कहा जा रहा है कि कुछ और मंत्रालयों में भी ऐसी ही कार्रवाई की जाने वाली है।
पीएमओ, एमएचए की जाँच कोई कर नहीं सकता इसलिए वहाँ पर परदा पड़ा रहेगा।
आप अब समझ गए होंगे कि आरएसएस ने अपने स्वयंसेवकों का कैसा चरित्र निर्माण किया है। इनकी नैतिकता और आदर्शों का चर्मोत्कर्ष अब पूरे देश के सामने चमचमा रहा है।
धन्य हैं सावरकर, हेडेगवार, गोलवलकर, गोडसे, मुखर्जी वगैरा…वगैरा जिन्होंने ऐसे चरित्र निर्माण अभियान के बीज रोपे। आज वे नरक या जहां भी होंगे, लहलहाती फसल को देखकर लहालोट हो रहे होंगे।

केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव के ऑफिस के 3 नहीं 4 विकेट गिरे हैं. उनके करीबी और आधिकारिक रूप से APS सिद्धार्थ यादव को भी तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है. चिट्ठी अभी मिली है. ये असाधारण घटना है. बीते 12 सालों के मोदी राज में कभी ऐसा नहीं हुआ.
-पंकज झा, वरिष्ठ पत्रकार



