हल्द्वानी, 31 जुलाई। हिंदुस्तान अखबार के हल्द्वानी एडिशन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। दरअसल, हिंदुस्तान मीडिया वेंचर्स लिमिटेड (HMVL) ने हल्द्वानी स्थित अपने परिसर की विभिन्न संपत्तियों और उपकरणों की बिक्री के लिए सीलबंद टेंडर जारी किया है। टेंडर में प्रिंटिंग से जुड़े कई अहम उपकरण भी शामिल हैं। इसके बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या कंपनी हल्द्वानी में अपने प्रिंटिंग ऑपरेशन को बंद करने, सीमित करने या किसी दूसरे केंद्र से शिफ्ट करने की तैयारी कर रही है।
हालांकि, कंपनी की ओर से फिलहाल हल्द्वानी एडिशन को बंद करने या दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए टेंडर को सीधे एडिशन बंद होने की पुष्टि के तौर पर देखना जल्दबाजी होगी।
किन चीजों की हो रही है बिक्री?
टेंडर नोटिस के मुताबिक, HMVL हल्द्वानी परिसर में मौजूद कई तरह के सामान और मशीनरी को बेचने जा रही है। इनमें 11 एयर कंडीशनर, 16 बैटरी (12V 26 AH), 34 बैटरी (12V 100 AH), 50 चेयर और 63 फायर एक्सटिंग्विशर शामिल हैं।
इसके अलावा फायर फाइटिंग उपकरण, फर्नीचर, मेटल केज बिन, रैक, अलमारी और टेबल समेत कई अन्य सामान भी बिक्री के लिए रखे गए हैं।
सबसे अहम बात यह है कि टेंडर में प्रिंटिंग से जुड़े उपकरण भी शामिल हैं। इनमें Manograph Cityline Printing Tower and Mono Unit की 6 यूनिट और Manograph Cityline Reel Stand जैसे उपकरण शामिल हैं। इसके साथ ही वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, वॉटर कूलर और जेनरेटर आदि की बिक्री भी प्रस्तावित है।
कब तक जमा करना होगा टेंडर?
टेंडर में दी गई जानकारी के मुताबिक, इच्छुक खरीदार 7 अगस्त 2026 को परिसर और सामान का निरीक्षण कर सकते हैं। निरीक्षण की अनुमति शनिवार और रविवार को छोड़कर दी जाएगी।
टेंडर जमा करने की अंतिम तारीख 10 अगस्त 2026 शाम 5 बजे तक निर्धारित की गई है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि सामान ‘As is where is basis’ यानी जिस स्थिति और स्थान पर है, उसी आधार पर बेचा जाएगा। सफल बोलीदाता को 100 प्रतिशत अग्रिम भुगतान के बाद ही सामान उठाने की अनुमति होगी।
क्या हल्द्वानी एडिशन बंद होने वाला है?
प्रिंटिंग टावर और दूसरे प्रोडक्शन उपकरणों की बिक्री ने एडिशन के भविष्य को लेकर सवाल जरूर खड़े किए हैं। हालांकि, केवल संपत्तियों की बिक्री के टेंडर के आधार पर यह कहना संभव नहीं है कि हिंदुस्तान का हल्द्वानी एडिशन बंद किया जा रहा है।
संभावना यह भी हो सकती है कि कंपनी हल्द्वानी में प्रिंटिंग और प्रोडक्शन से जुड़े काम को समेटकर किसी दूसरे केंद्र से अखबार की छपाई या सप्लाई की व्यवस्था करे। मीडिया संस्थानों में लागत कम करने और प्रिंट ऑपरेशन को कंसोलिडेट करने के लिए इस तरह के कदम पहले भी देखने को मिले हैं।
कर्मचारियों और वितरकों में बढ़ी चिंता
टेंडर सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर कर्मचारियों, पत्रकारों और वितरकों के बीच भी एडिशन के भविष्य को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। अगर हल्द्वानी की प्रिंटिंग यूनिट में बड़े स्तर पर बदलाव होता है तो इसका असर स्थानीय रोजगार और वितरण व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि HMVL हल्द्वानी में सिर्फ अपनी अतिरिक्त संपत्तियां और पुराने उपकरण बेच रही है या प्रिंटिंग ऑपरेशन को भी किसी दूसरे केंद्र में ले जाने की तैयारी है। कंपनी की ओर से इस संबंध में आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार है।
नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध टेंडर नोटिस में दर्ज जानकारी पर आधारित है। हल्द्वानी एडिशन बंद होने या शिफ्ट होने की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल कंपनी की ओर से नहीं की गई है। प्रकरण पर हिंदुस्तान के एडिटर इन चीफ शशि शेखर से भड़ास ने संपर्क किया है। उनका वर्जन आने पर अपडेट किया जाएगा।


