नई दिल्ली। टेलीविजन इंडस्ट्री में लंबे समय से रुकी TRP रेटिंग को फिर शुरू करने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (I&B Ministry) की BP&L विंग ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC India) को प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन देने की सिफारिश की है। मंजूरी मिलने पर BARC दोबारा टीवी ऑडियंस मेजरमेंट और TRP डेटा जारी कर सकेगा। हालांकि, यह रजिस्ट्रेशन TV Ratings Policy 2026 की शर्तों के अनुपालन पर निर्भर होगा और जनवरी 2027 में इसकी समीक्षा की जा सकती है।
BARC ने नई नीति के तहत रजिस्ट्रेशन के लिए 29 अप्रैल 2026 को आवेदन किया था। इसके बाद मंत्रालय ने 1 जुलाई 2026 को BARC को टीवी ऑडियंस मापने और TRP प्रकाशित करने से रोक दिया था, जब तक कि नई नीति के तहत उसका रजिस्ट्रेशन तय नहीं हो जाता।
रेटिंग बंद होने से विज्ञापन बाजार पर असर
TRP डेटा रुकने के बाद ब्रॉडकास्टर्स, विज्ञापनदाताओं और विज्ञापन एजेंसियों ने मंत्रालय के सामने अपनी चिंताएं रखी थीं। ब्रॉडकास्टर्स ने कहा कि रेटिंग लंबे समय तक बंद रहने से टीवी से विज्ञापन बजट दूसरे माध्यमों की ओर जाने का खतरा बढ़ सकता है।
वहीं, विज्ञापनदाताओं और एजेंसियों का कहना था कि BARC डेटा उपलब्ध नहीं होने से टीवी मीडिया प्लानिंग प्रभावित हो रही है और इससे पूरे विज्ञापन एवं मीडिया इकोसिस्टम पर असर पड़ रहा है।
70,876 घरों तक पहुंचा BARC का पैनल
24 जुलाई को मंत्रालय को भेजे ईमेल में BARC ने बताया कि उसने TV Ratings Policy 2026 के तहत जरूरी बदलावों की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। BARC का मौजूदा मेजरमेंट पैनल बढ़कर 70,876 घरों तक पहुंच गया है।
BARC के मुताबिक वह दिसंबर 2026 तक सरकार द्वारा तय 80,000 मीटर वाले पैनल का लक्ष्य हासिल करने की उम्मीद कर रहा है। नई नीति में शुरुआत में 80 हजार घरों का पैनल रखने और इसके बाद हर साल 10 हजार घर जोड़ने का प्रावधान है, जब तक यह संख्या 1.2 लाख तक नहीं पहुंच जाती। इसका मकसद अलग-अलग बाजारों, भाषाओं और व्यूइंग प्लेटफॉर्म की टीवी खपत को ज्यादा प्रतिनिधित्व देना है।
पांचवें स्वतंत्र निदेशक की नियुक्ति की प्रक्रिया
नई रेटिंग व्यवस्था में गवर्नेंस और स्वतंत्रता पर भी जोर दिया गया है। BARC ने बोर्ड में पांचवें स्वतंत्र सदस्य की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि बोर्ड में स्वतंत्र निदेशकों की हिस्सेदारी कम से कम 33 प्रतिशत सुनिश्चित की जा सके।
इसके लिए कंपनी ने अपने Articles of Association में संशोधन की मंजूरी मांगी है। यह प्रस्ताव फिलहाल Registrar of Companies की मंजूरी के इंतजार में है और पांचवें स्वतंत्र सदस्य की तलाश जारी है।
लैंडिंग पेज की व्यूअरशिप TRP से हटाने की तैयारी
BARC ने मंत्रालय को यह भी बताया है कि उसने टीवी के लैंडिंग पेज से मिलने वाली व्यूअरशिप को अंतिम रेटिंग से बाहर करने के लिए तैयार किए गए एल्गोरिदम का सफल परीक्षण कर लिया है। सिस्टम को लागू करने के लिए तैयार बताया गया है।
इसके अलावा, ब्रॉडकास्टर्स के लिए एक सुरक्षित पोर्टल भी शुरू किया गया है, जहां वे लैंडिंग पेज से संबंधित घोषणाएं जमा कर सकेंगे। नई TV Ratings Policy के तहत टीवी या सेट-टॉप बॉक्स ऑन करने पर डिफॉल्ट रूप से खुलने वाले चैनल से मिलने वाली व्यूअरशिप को आधिकारिक रेटिंग में शामिल नहीं किया जाएगा।
दिसंबर से CTV व्यूअरशिप भी शामिल होने की उम्मीद
BARC ने अपने पैनल में Connected TV (CTV) घरों को भी धीरे-धीरे शामिल करना शुरू कर दिया है। इन घरों से मिलने वाला डेटा दिसंबर 2026 से BARC की रेटिंग में शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि, BARC ने मंत्रालय को इसे संभव हो सके तो तय समय से पहले शुरू करने की कोशिश की जानकारी दी है।
इसके अलावा, लीनियर टीवी, OTT और डिजिटल प्लेटफॉर्म की संयुक्त क्रॉस-मीडिया मेजरमेंट व्यवस्था के लिए BARC ने Comscore के साथ प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट शुरू करने की तैयारी की है। यह प्रक्रिया छह से आठ महीने में पूरी होने की उम्मीद है।
पहले से अलग है मौजूदा TRP संकट
BARC की मौजूदा रेटिंग बंद होने की वजह को मार्च में लगाए गए न्यूज चैनल रेटिंग सस्पेंशन से अलग समझना होगा। मार्च में मंत्रालय ने इजरायल-ईरान संघर्ष के दौरान टीवी न्यूज कवरेज में कथित अटकलों और सनसनीखेज प्रस्तुति को लेकर न्यूज चैनल रेटिंग की रिपोर्टिंग पर रोक लगाई थी।
अब प्रस्तावित प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन का दायरा व्यापक है। इसका उद्देश्य टीवी ऑडियंस डेटा की लंबे समय से चली आ रही कमी को दूर करना है, साथ ही BARC को TV Ratings Policy 2026 के तहत बाकी पैनल, गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी से जुड़ी शर्तें पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय देना है।
हालांकि, मंत्रालय की ओर से प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही BARC के लिए TRP मापन और प्रकाशन औपचारिक रूप से दोबारा शुरू हो सकेगा।


