कोटा। राजस्थान के कोटा नगर निगम के वार्ड नंबर 87 में बुधवार को पुनर्मतदान की कवरेज कर रहे दो पत्रकारों के साथ कथित मारपीट और उनके मोबाइल फोन छीनने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पत्रकारों और पीड़ितों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर महावीर नगर पुलिस थाने के बाहर धरना दिया।
पुलिस के मुताबिक घटना दोपहर करीब एक बजे महावीर नगर विस्तार योजना के सेक्टर-4 स्थित बूथ संख्या 99 के पास हुई। यहां दादाबाड़ी विस्तार योजना निवासी पत्रकार लोकेश जोशी (55) और अनुभव मित्तल (29) पुनर्मतदान की कवरेज कर रहे थे।
लोकेश जोशी ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि पूर्व पार्षद देवेंद्र चौधरी उर्फ मामा चौधरी की मौजूदगी में मनीष महावर और मनीष खींची नाम के दो लोगों ने उनका और अनुभव मित्तल का रास्ता रोका और दोनों से बहस करने लगे।
शिकायत के अनुसार, दोनों आरोपियों ने पत्रकारों के साथ हाथापाई की और उनके मोबाइल फोन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। जोशी का आरोप है कि घटना की रिकॉर्डिंग रोकने के लिए आरोपियों में से एक ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया और बाद में उसे फेंक दिया।
जोशी ने यह भी आरोप लगाया कि हाथापाई के दौरान उनकी जेब में रखे 3,000 रुपये गिर गए, जिन्हें बाद में वह नहीं तलाश सके।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 126(2) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक मामले की जांच सहायक उप-निरीक्षक रामहेत मीणा को सौंपी गई है।
डीएसपी उदय सिंह ने बताया कि पीड़ितों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और उन्हें चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि आरोपियों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद भाजपा विधायक संदीप शर्मा और कांग्रेस की कोटा शहर अध्यक्ष राखी गौतम भी पुलिस थाने पहुंचे और पत्रकारों के धरने में शामिल हुए। दोनों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
भाजपा विधायक संदीप शर्मा ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता इस तरह की घटना में शामिल नहीं हो सकते। उन्होंने पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार की ओर से आवश्यक कदम उठाए जाने का आश्वासन दिया।
वहीं, कांग्रेस नेता राखी गौतम ने आरोप लगाया कि घटना के पीछे भाजपा कार्यकर्ता हैं। उन्होंने भाजपा पर लोगों और मीडिया को डराने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।


