चित्रकूट/बाँदा। हरियाणा पुलिस द्वारा वरिष्ठ पत्रकार एवं ‘हिन्दी खबर’ न्यूज चैनल के प्रधान संपादक अतुल अग्रवाल समेत 5 पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने के विरोध में पत्रकारों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। भारतीय मीडिया महासंघ के पदाधिकारियों ने महामहिम राज्यपाल को संबोधित 4 सूत्रीय ज्ञापन मंडलायुक्त चित्रकूट धाम मंडल, बांदा के माध्यम से सौंपा।
जिलाध्यक्ष अल्तमश हुसैन के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि दिनांक 10 अक्टूबर 2026 को तड़के सुबह हरियाणा पुलिस ने उत्तर प्रदेश के नोएडा से अतुल अग्रवाल, लिविंग इंडिया न्यूज के सौरभ उपाध्याय, महिला पत्रकार सुदेश नैन मोर समेत 5 लोगों को हिरासत में लिया है।
महासंघ ने आरोप लगाया कि हरियाणा में अवैध नशे के कारोबार और ड्रग माफिया के विरुद्ध खबर दिखाने के कारण यह प्रतिशोधात्मक कार्रवाई की गई है, जिसे पत्रकारों ने ‘अगवा’ करने जैसा कृत्य बताया है। ज्ञापन में कहा गया है कि यह कृत्य केवल पत्रकारों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन नहीं, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 19(1) में प्रदत्त प्रेस की स्वतंत्रता और सीधे लोकतंत्र पर हमला है। महामहिम अपने स्तर से हरियाणा सरकार से वार्ता कर इस अवैध हिरासत का संज्ञान लें और सभी पांच पत्रकारों की तत्काल रिहाई सुनिश्चित कराएं।
प्रकरण की जांच सीबीआई या किसी स्वतंत्र न्यायिक एजेंसी से कराई जाए कि क्या सच में ड्रग माफिया के दबाव में पत्रकारों को निशाना बनाया गया। भविष्य में उत्तर प्रदेश के किसी भी पत्रकार के विरुद्ध अन्य राज्य की पुलिस द्वारा कार्रवाई से पूर्व यूपी पुलिस को सूचित करना अनिवार्य किया जाए। उत्तर प्रदेश में अविलंब पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाए।
ज्ञापन सौंपने में पत्रकार आनंद तिवारी, शुभम सिंह, साकेत अवस्थी, वरिष्ठ पत्रकार राजेन्द्र मिश्रा, कुलदीप मिश्रा, शिवम तिवारी, राजेन्द्र कुमार मिश्रा, अयाज़ जमा सहित जनपद के तमाम पत्रकार मौजूद रहे।
भारतीय मीडिया महासंघ जिलाध्यक्ष अल्तमश हुसैन ने कहा यदि अन्य प्रदेश की पुलिस इस तरह यूपी में घुसकर हमारे पत्रकारों को उठा ले जाएगी तो यहां का पत्रकार स्वयं को असुरक्षित महसूस करेगा। संविधान की संरक्षिका होने के नाते राज्यपाल महोदया लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की रक्षा करें।




