Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

प्रिंट

क्या डीएवीपी दिल्ली और सूचना जनसम्पर्क विभाग पटना के अफसर गिरफ्तार किए जाएंगे!

डीएवीपी नई दिल्ली के संयुक्त निदेशक जितेन्द्र सिंह ने जिस आदेश के तहत दैनिक हिन्दुस्तान के गैर निबंधित और अवैध भागलपुर और मुजफ्फरपुर संस्करणों को केन्द्र सरकार की विज्ञापन सूची में सूचीबद्ध करने दोनों अवैध संस्करणों के लिए अलग अलग सरकारी विज्ञापन दर निर्धारित करने और दोनों अवैध संस्करणों को सरकारी विज्ञापन प्रकाशन मद में सरकारी खजाना लूटने का दरवाजा खोल दिया उस सरकारी दस्तावेज की छायाप्रति यहां पेश की जा रही है पुलिस अधीक्षक बाबू राम के आदेश पर इस दस्तावेजी साक्ष्य को अनुसंधानकर्ता राजेश शरण को सुपुर्द कर दिया गया है


श्रीकृष्ण प्रसाद (अधिवक्ता)

मुंगेर (बिहार) सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में शुरू पुलिस अनुसंधान में दैनिक हिन्दुस्तान के करोड़ों के सरकारी विज्ञापन फर्जीवाड़ा में जब कोतवाली कांड संख्या-445। 2011 के सूचक मन्टू शर्मा की उपस्थिति में उनके अधिवक्ता श्रीकृष्ण प्रसाद ने पुलिस अधीक्षक बाबू राम (अब स्थानांतरित) के समक्ष दो दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए, तो पुलिस अधीक्षक सहित अपर पुलिस अधीक्षक हरिशंकर कुमार और कांड के अनुसंधानकर्ता सह अरक्षी निरीक्षक (कोतवाली) राजेश शरण हतप्रभ रह गए। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अधिवक्ता श्रीकृष्ण प्रसाद ने अनुसंधानकर्ता राजेश शरण को दोनों महत्वपूर्ण दस्तावेजी-साक्ष्य सुपुर्द कर दिए। परन्तु, पुलिस अधीक्षक बाबू राम ने अनुसंधान की जो रिपोर्ट जारी की, उस रिपोर्ट में इन दस्तावेजों की चर्चा तक नहीं की।

अधिवक्ता श्रीकृष्ण प्रसाद ने पुलिस अधीक्षक बाबू राम को बताया कि भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के विज्ञापन और दृश्य प्रचार निदेशालय (डी0ए0वी0पी0, तृतीय तल, पी0टी0आई0 बिल्डिंग, संसद मार्ग, नई दिल्ली) जब किसी दैनिक अखबार को सरकारी विज्ञापन पाने वाले अखबारों की सूची में सूचिबद्ध करता है, तब भारत सरकार उस अखबार को केन्द्र सरकार का सभी सरकारी विज्ञापन प्रकाशन हेतु भेजता है। साथ ही, डीएवीपी, नई दिल्ली उस सूचीबद्ध अखबार के लिए सरकारी विज्ञापन प्रकाशन का सरकारी-दर भी निर्धारित करता है। डीएवीपी नई दिल्ली द्वारा निर्धारित विज्ञापन-दर को आधार मानकर बिहार का सूचना एवं जनसम्पर्क निदेशालय (पटना) उस अखबार को सरकारी विज्ञापन पानेवाले अखबारों की स्वीकृत सूची में सूचीबद्ध करता है और उक्त अखबार को डीएवीपी के विज्ञापन-दर पर बिहार सरकार भी विज्ञापन देती है।

दैनिक हिन्दुस्तान के सरकारी विज्ञापन के करोड़ों के फर्जीवाड़ा में डीएवीपी नई दिल्ली भी मुख्यरूप से उतना ही जिम्मेवार है जितना बिहार का सूचना एवं जनसम्पर्क निदेशालय। डीएवीपी नई दिल्ली ने दैनिक हिन्दुस्तान के भागलपुर और मुजफ्फरपुर संस्करणों को ‘स्वतंत्र संस्करण’ घोषित कर ‘फैससिमाईल-ऐडिसन’ का नाम देकर दोनों गैर-निबंधित और अवैध संस्करणों को सरकारी विज्ञापन पाने वाले अखबारों की सूची में सूचीबद्ध कर दिया। इस प्रकार डीएवीपी नई दिल्ली ने दैनिक हिन्दुस्तान के फर्जी भागलपुर और मुजफ्फरपुर संस्करणों के जरिए नामजद अभियुक्तों को सरकारी खजाना लूटने का दरवाजा ग्यारह वर्षों तक खोल दिया।

अब प्रश्न उठता है कि क्या मुंगेर पुलिस कोतवाली थाना कांड संख्या- 445। 2011 में भारत सरकार के डीएवीपी (नई दिल्ली) और सूचना एवं जनसम्पर्क निदेशालय (पटना, बिहार) के जिम्मेवार पदाधिकारियों को नामजद अभियुक्त बनाने और उनको गिरफ्तार करने का साहस करेगी?

चर्चित सामाजिक और आर0टी0आई0 कार्यकर्ता मन्टू शर्मा के आवेदन पर मुंगेर कोतवाली थाना में दर्ज प्राथमिकी (प्राथमिकी संख्या-445, वर्ष 2011) में नामजद अभियुक्त हैं:-

  • शोभना भरतिया। अध्यक्ष, हिन्दुस्तान प्रकाशन समूह, 18-20, कस्तुरवा गांधी मार्ग, नई दिल्ली
  • शशि शेखर, प्रधान संपादक, दैनिक हिन्दुस्तान, प्रधान कार्यालय, नई दिल्ली
  • अक्कू श्रीवास्तव, कार्यकारी संपादक, पटना संस्करण, दैनिक हिन्दुस्तान
  • बिनोद बंधु, उप-स्थानीय संपादक, भागलपुर संस्करण, दैनिक हिन्दुस्तान
  • अमित चोपड़ा, मुद्रक और प्रकाशक, मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड, भागलपुर।

पुलिस ने उपर वर्णित सभी नामजद अभियुक्तों के विरूद्ध भारतीय दंड संहिता की धाराएं 420। 471।476 और प्रेस एण्ड रजिस्ट्रेशन आफ बुक्स् एक्ट, 1867 की धाराएं 8(बी), 14 और 15 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन