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दैनिक जागरण से निकलवाने के पीछे CFO आरके अग्रवाल का हाथ : आशुतोष

सेवा में

भड़ास4मीडिया,

सर,

मुझे फ़र्ज़ी तरीके से हटाए जाने के बाद दिनांक 20/8/2019 से ऑफिस में घुसने पर भी रोक लगा दी गई है। जब 16 अगस्त 2019 को सुबह के वक्त मैं ऑफिस पहुंचा तो वहां के सिक्योरिटी इंचार्ज हरि ने मुझे अन्दर जाने से रोक दिया। मैंने कारण पूछा तो उसने बताया ऊपर से आदेश आया है कि आपको संस्थान के अन्दर प्रवेश न करने दिया जाए। तब मैंने हरि से कहा कि मेरा बायोमैट्रिक कार्ड तो पंच हो रहा है, फिर मुझे अन्दर जाने की अनुमति क्यों नहीं है?

इस पर उसने कहा कि आप out के लिए दुबारा पंच कर के वापिस चले जाइये, क्योंकि मैनेजमेंट का आदेश है तो मुझे पालन करना है। जब मैंने वापिसी के लिए पंच किया तो वह कार्ड पंच नहीं हुआ और मैंने सिक्योरिटी इंचार्ज से बिना कोई बहस किये ही वापस जाना सही समझा।

मुझको विश्वसनीय सूत्रों से यह भी पता चला है कि संस्थान के CFO श्री R K AGARWAL जी ने आनन फानन में मेरा पूरा हिसाब करके चेक भी बनवा कर तैयार करवा दिया है। इसके पहले भी न जाने क्यों श्री अग्रवाल मुझे निकालने के लिए मेरे बॉस संजीव अग्निहोत्री पर बराबर दबाव बना रहे थे। मुझे निकालने के लिए दबाव बनाने के वास्ते उनको अनाप शनाप बोलते थे। अब मैं बहुत ही बुरे दौर से गुजर रहा हूं।
मैं एक पत्र भी संस्थान को दे चुका हूं जिसकी कॉपी श्रम विभाग से रिसीव करवा चुका हूं। इस समय मेरी मानसिक स्थिति बहुत ही खराब है। मेरी समझ में नहीं आ रहा है कि अब मेरी बेटी जिसकी आयु मात्र 8 साल है, उसका भरण पोषण मैं कैसे करूँगा। मुझे विश्वास था कि कम से कम संस्थान के मालिक मेरी बात को समझेंगे। इस कारण से मैंने पत्र की एक कॉपी उनको भी SPEED POST के जरिये भेजी थी। लेकिन फिर भी कोई असर नहीं हुआ।

प्रबंधन ने अपनी गलती न सुधारते हुए फ़र्ज़ी तरीके से किया हुआ निलंबन जारी रक्खा हुआ है, जिससे मुझे व मेरे परिवार को लगातार मानसिक उत्पीड़न के दौर से गुजरना पड़ रहा है. साथ ही डर भी है कि मेरे साथ प्रबंधन कोई अनहोनी न करवा दे क्योंकि अब मुझको भी कोई कानूनी कार्यवाही करनी ही पड़ेगी।

नोट- अगर मेरे साथ कोई अनहोनी होती है तो उसकी सारी जिम्मेदारी जागरण संस्थान व प्रबंधन की होगी। याद रहे, इसी प्रकार से पूर्व में भी सर्क्युलेशन विभाग के एक कर्मचारी राजेश बाजपेई ने भी प्रबंधन के उत्पीड़न से तंग आकर ऑफिस परिसर में ही सल्फास खा कर अपनी जान दे दी थी।

धन्यवाद

आशुतोष मिश्रा

असिस्टेन्ट मैनेजर, जागरण रिसर्च सेन्टर

दैनिक जागरण, कानपुर

[email protected]


पूरे प्रकरण को समझने के लिए इसे भी पढ़ें-

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