Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

Covaxin टीका लगवाने वालों की विदेश यात्रा खतरे में!

Manoj Yadav-

Covaxin की डोज लिए उन देसी मिलेनियल्स के लिए एक बुरी खबर आई है जो अगले कुछ महीनों में विदेश जाने की सोच रहे हैं।

अमेरिका और यूरोप के कई देशों की लिस्ट में covaxin का कोविड के वैक्सीन के रूप में जिक्र ही नहीं है । ऐसा इसलिए है कि WHO ने उसे अभी कोविड वैक्सीन के रूप में मान्यता नहीं दी है।

कोविड के मिस मैनेजमेंट के साथ साथ इस नई इंटरनेशनल बेइज्जती में जम्बूद्वीप के उन विशेषज्ञों का बहुत बड़ा हाथ है जिन्हें इन सबसे निबटने की जिम्मेदारी दी गई थी।

इन लोगों ने अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए कभी सच बोलने की जहमत नहीं उठाई।

कुम्भ मेला, चुनावी रैलियों पर इनकी चुप्पी के साथ covaxin के बिना तीसरे फेज के ट्रॉयल डेटा के बिना इमरजेंसी मंजूरी पर भी ये विशेषज्ञ चुप बैठे रहे । WHO तभी से इस डेटा को माँग रहा है जो उसे अभी तक नहीं मिला है।

सारी दुनिया जम्बूद्वीप नहीं है न ही सभी देशों के लोग भक्त प्रजाति के हैं जिन्हें डेटा को मैनिपुलेट करके बेवकूफ बनाया जा सकता है।

आप अपनी जीडीपी को बढ़ा चढ़ा कर दिखाइए, वैक्सीन, 2DG, कोरोनिल जैसी दवाइयों को अपने नागरिकों को मनमर्जी से खिलाइए , कोविड मरीजों को इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन सुंघाइये, दुनियाँ को कोई फर्क नही पड़ता।

उन्हें फर्क तब पड़ता है जब आपकी इन हरकतों से उनके जीवन पर असर पड़ने की लेश मात्र भी संभावना होती है।


गिरीश मालवीय-

न्यू वर्ल्ड ऑर्डर का खेल शुरू हो गया है अगर एस्ट्राजेन्का की वेक्सीन कोविशील्ड आपने लगवा रखी है तो ही आप यूरोप अमेरिका की यात्रा कर पाएंगे, कोवेक्सीन की कोई मान्यता नही है, यही है इम्युनिटी पासपोर्ट का वो खेल, जिसके बारे में आपको शुरू से आगाह कर रहा हूँ

विश्व स्वास्थ्य संगठन की लेटेस्ट गाइडेंस डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, इमर्जेंसी यूज लिस्टिंग में जिन वेक्सीन का नाम है बस वो ही वेक्सीन चलेगी बाकी नही इस लिस्ट में एस्ट्राजेन्का की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा उत्पादित कोविशील्ड, मॉडर्ना, फाइजर, जानसेन (अमेरिका और नीदरलैंड में) और सिनोफार्म/BBIP शामिल है, कमाल की बात है कि चीन की बनाई वेक्सीन इस लिस्ट में है लेकिन भारत बायोटेक की कोवेक्सीन इस लिस्ट से गायब है, ……

दरअसल जो जिन देश ने अपने यहां इंटरनेशनल ट्रेवल की छूट दे रहे हैं या तो वे अपनी खुद की रेग्युलेटरी अथॉरिटी द्वारा स्वीकृत की गई वैक्सीन को मान्यता दे रहे हैं या फिर विश्व स्वास्थ्य संगठन की इमर्जेंसी यूज लिस्टिंग (EUL) की तरफ से स्वीकृत की गई वैक्सीन को ही मान्य कर रहे हैं जैसे कि अगर आप रूस जा रहे हैं तो आप स्पूतनिक लगवा कर भी जा सकते हैं लेकिन स्पूतनिक लगवा कर आप अमेरिका नही ट्रैवल कर पाएंगे………

कोवैक्सीन को इरान, नेपाल, फिलिपींस, मेक्सिको, गुएना, पराग्वे, जिम्बॉब्वे और मॉरिशस में ही मान्यता मिली है. इसलिए सिर्फ इन्ही देशो में ट्रेवल करने की आपको इजाजत मिलेंगी जबकि कोविशील्ड लगाने वाले लगभग सभी देशों में अपना वेक्सीन सर्टिफिकेट दिखा कर आसानी से ट्रेवल कर सकते हैं।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन