Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सियासत

राम मंदिर के चंदा के नाम पर जो धंधा चल रहा है, उसका पहला लीक बाहर आ गया है!

संजय शर्मा-

यह खबर सही है तो इस देश के करोड़ों लोगों की आस्था पर इससे दुख पहुँचाने वाली कोई दूसरी खबर नहीं हो सकती! राम मंदिर के लिये ट्रस्ट के लोग जो ज़मीन ख़रीदे उसमें करोड़ों की हेराफेरी कर दे! नर्क में भी जगह नहीं मिलेगी!


अशोक कुमार पांडेय-

अयोध्या से बड़े खेल की ख़बर आ रही है ज़मीन घोटाले की। बताया जा रहा है कि जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए 18.5 करोड़ की जो ज़मीन ख़रीदी गई वह दस मिनट पहले दो करोड़ में बेची गई थी। बैनामे और रजिस्ट्री में एक ही आदमी की गवाही है।

18 मार्च 2021 को बाबा हरिदास के परिवार ने सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी के नाम ज़मीन दो करोड़ में बेची। उसके दस मिनट बाद सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी ने राममंदिर निर्माण के लिए बने ट्रस्ट को 18.5 करोड़ में रेजिस्टर्ड अग्रीमेंट द्वारा ज़मीन बेच दी।

आज आप के नेता संजय सिंह और सपा नेता पवन पांडेय ने प्रेस कॉन्फ़्रेन्स करके यह बताया है और दस्तावेज़ भी पेश किए हैं।

हे राम
शिव शिव



श्याम मीरा सिंह-

राम मंदिर के चंदा के नाम पर जो धंधा चल रहा है, उसका पहला लीक बाहर आ गया है. मंदिर ट्रस्ट के नाम पर 2 करोड़ की ज़मीन 18.5 करोड़ रुपए में ख़रीदी गई है. पूरा मामला ऐसे है कि 18 मार्च के दिन पहले एक ज़मीन 2 करोड़ रुपए में ख़रीदी गई. ये ज़मीन बाबा हरिदास ने रवि मोहन तिवारी और सुल्तान अंसारी को बेची थी.

जैसे ही इस ज़मीन का दाखिला ख़ारिज हुआ उसके पाँच से दस मिनट बाद ही ये ज़मीन मंदिर ट्रस्ट को 18 करोड़ रुपए में बेच दी गई. ग़ज़ब की बात ये है कि बेचने और ख़रीदने दोनों में ही राम मंदिर के ट्रस्टी अनिल मिश्रा और मेयर ऋषिकेष उपाध्याय गवाह रहे हैं. जिस दिन ज़मीन ख़रीदी गई उसी दिन RTGS (इंटरनेट बैंकिंग) के माध्यम से 17 करोड़ रुपए का ट्रैंज़ैक्शन किया भी गया. मतलब बड़ी ही सफ़ाई से Money laundering की गई थी ताकि किसी को पता ही न चले.

जो ट्रस्टी इस ज़मीन की ख़रीद-फ़रोख़्त में गवाह रहे हैं, उनका अतीत भी जान लीजिए, जो अनिल मिश्र जी हैं, वे होम्योपैथी के डॉक्टर हैं. RSS के अवध प्रांत के प्रांत कार्यवाह भी रहे हैं. कार्रवाह संघ में Executive president की तरह होते हैं. जो RSS की अवध यूनिट है उसके ये Executive president रहे हैं.

जो मेयर हृषिकेश उपाध्याय हैं, ये महाराज साल 2017 में भाजपा की सीट पर चुनाव लड़के मेयर बने हैं, जब इन्होंने शपथ ली थी तो पूरे मंत्रोच्चार के साथ ली थी. नीचे मेयर साहब और प्रधानसेवक जी की एक तस्वीर है.

इससे पहले निर्मोही अखाड़े ने भी RSS के विश्व हिंदू संगठन पर आरोप लगाया था कि राम मंदिर के नाम पर VHP ने 1400 करोड़ रुपये तक वसूले हैं.

राम मंदिर के नाम पर जो इस देश के लोगों को मूर्ख बनाया गया है पूरी दुनिया में इससे बड़ा राजनीतिक, आर्थिक घोटाला नहीं मिलेगा. राम मंदिर के नाम पर इस देश ने मूर्खों को देश सौंप रखा है. अगर कोई ढंग से जाँच करे तो ऐसे कितने घोटाले निकलेंगे.


आलोक पाठक-

सपा के पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने आज आरोप लगाया कि अयोध्या में सुल्तान अंसारी और रविमोहन तिवारी ने एक जमीन 18 मार्च 2021को दो करोड़ में खरीदी और उसी दिन कुछ ही मिनट बाद उसी जमीन को रामजन्म भूमि ट्रस्ट को 18.5 करोड़ में बेच दिया।

दोनों ही रजिस्ट्री में रामजन्म भूमि ट्रस्ट के अनिल मिश्रा और अयोध्या के मेयर श्रृषिकेश उपाध्याय गवाह है। सवाल ये है की सब कुछ जानते हुए भी रामजन्म भूमि ट्रस्ट ने दो करोड़ की जमीन को 18.5 करोड़ में क्यों खरीदा? सुल्तान अंसारी , रवि तिवारी और ऋषिकेश उपाध्याय प्रापर्टी डीलर है।

रामजन्म भूमि ट्रस्ट के इस सौदे की जांच सुप्रीम कॉर्ट को करानी चाहिए क्योंकि रामजन्म भूमि ट्रस्ट अब तक जनता से लगभग 11 हजार करोड़ का चंदा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण के लिए ले चुकी है।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
1 Comment

1 Comment

  1. Nitin

    June 13, 2021 at 9:10 pm

    Enko to narak me bhi jagah na milega

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन