Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सियासत

जिनका चयन सेना में हो गया था और बुलावे का इंतजार कर रहे थे, उनकी रही सही उम्मीद भी ख़त्म कर दी गई!

गिरीश मालवीय-

तैयारी कर रहे युवाओं की रही सही उम्मीद भी खत्म कर दी गई, इस बार नेताओ से नहीं कहलवाया गया बल्कि तीनो सेनाध्यक्ष को सामने कर दिया गया। उनकी प्रेस कांफ्रेंस में साफ़ कह दिया गया है कि तीनों सेनाओं में अफ़सर रैंक से नीचे की सभी भर्ती अग्निपथ स्कीम से ही की जाएंगी, और अग्निपथ योजना वापस नहीं ली जाएगी।

आपने कभी ठीक से सोचने की कोशिश की है कि तैयारी कर रहे युवा देश भर में इतना उग्र प्रदर्शन क्यो कर रहे हैं ? क्यों हिंसा पर उतारू है जबकि वे आपसे हमसे ज्यादा जानते हैं कि सेना का दूसरा नाम अनुशासन है…… दरअसल अभी दो तरह के युवा हैं जो प्रदर्शन कर रहे हैं। एक वे हैं जो तैयारी कर रहे थे और एक वे जिनका चयन सेना में हो गया था, वे अपने बुलावे का इंतजार कर रहे थे।

अधिकतर हिंसक प्रदर्शन में मुब्तला वे युवा है जो पिछ्ले दो तीन सालो में आयोजित आर्मी भर्ती रैली में शमिल होकर फिजिकल फिटनेस टेस्ट दे चुके हैं। अनेक युवा तो लिखित परीक्षा भी दे चुके हैं। उसमे पास हो गए हैं। उनका पुलिस वेरिफिकेशन हो चुका है उनका मेडिकल भी हो चुका है।

इन युवाओं को कितना बड़ा धक्का लगा होगा ये आप अपने ड्राइंग रूम में बैठे कल्पना भी नहीं कर सकते। अगर अग्निपथ स्कीम सरकार को लाना ही था तो आप एक पायलट प्रोजेक्ट भी कर सकते थे, लेकिन नहीं आपको तो तानाशाही चलानी है।

Local News Community
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन