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अजित उज्जैनकर, रंजीव, एसपी सिंह, विकास राज तिवारी, सुमन झा के बारे में सूचनाएं

अंग्रेजी मासिक पत्रिका GFILES magazine के मुंबई ब्यूरो चीफ अजित उज्जैनकर Editor investigation के तौर पर 1 अक्टूबर 2015 से करेंगे world news report के साथ काम शुरू. अजित उज्जैनकर अब तक Etv,  Zee news, News 24, Times now, tv9 न्यूज चैनलों में रिपोर्टर से लेकर एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्य कर चुके हैं.

अंग्रेजी मासिक पत्रिका GFILES magazine के मुंबई ब्यूरो चीफ अजित उज्जैनकर Editor investigation के तौर पर 1 अक्टूबर 2015 से करेंगे world news report के साथ काम शुरू. अजित उज्जैनकर अब तक Etv,  Zee news, News 24, Times now, tv9 न्यूज चैनलों में रिपोर्टर से लेकर एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्य कर चुके हैं.

खबर है कि हिंदुस्तान लखनऊ से वरिष्ठ पत्रकार रंजीव ने इस्तीफा दे दिया है. वे कहां जा रहे हैं, ये पता नहीं चल पाया है.

एसपी सिंह ने दैनिक सवेरा अख़बार में बतौर चीफ रिपोर्ट अंबाला ज्वाइन किया है. इसके साथ ही उन्हें यमुनागर ब्यूरो का भी प्रभारी बनाया गया है.

विकास राज तिवारी ने साधना न्यूज बिहार झारखंड ज्वाइन किया है. वहां इन्हें सीनियर प्रोडयूसर कम एंकर बनाया गया है. वहां विकास बिहार चुनाव के लिए होने वाली कवरेज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. इससे पहले विकास राज तिवारी चंडीगढ़ से संचालित होने वाले चैनल केबीसी न्यूज में आउटपुट एडिटर थे. विकास ने करियर की शुरुआत इंडिया टीवी से की थी. वो फोकस टीवी के लॉचिंग टीम के सदस्य रहे.

बिहार के बेगुसराय ज़िले के बखरी अनुमंडल में कार्यरत दैनिक जागरण संवाददाता सुमन झा पर आरोप लगा है कि वह सरकारी टीचर की भी नौकरी कर रहे हैं. जागरण के बिहार संपादक प्रशांत मिश्रा को भेजे गए एक पत्र के मुताबिक, सुमन झा पत्रकारिता का धौंस दिखा कर सरकारी टीचर की नौकरी कर रहा है. यह भी आरोप है कि उन्होंने अपना 2 अलग-अलग नाम भी रखा हुआ है. जागरण में वह सुमन झा के नाम से कार्यरत हैं और स्कूल में कमलेश कुमार झा के नाम से नौकरी कर रहे हैं. यह भी आरोप है कि सुमन झा उर्फ़ कमलेश झा कभी स्कूल जाते ही नहीं.

उधर, समाचार प्लस लखनऊ से खबर है कि संजीव रतन ने चैनल को गुडबाय बोल दिया है.

एक खबर दैनिक जागरण जम्मू से है. यहां काम के लोड से एक वरिष्ठ उपसंपादक की सोमवार रात हालत बिगड़ गई. उनसे 13 घंटे ड्यूटी लिया जाता है, ऐसा कहा जा रहा है. उन्हें मेडिकल कॉलेज भर्ती कराया गया. डॉक्टरों ने स्लिप डिस्क की बात कही है. जम्मू जागरण में 15 स्टाफ का काम 5 से लिया जा रहा है, उपर से कुर्सियां टूटी हुई हैं और अन्य बेसिक सुविधाएं भी न के बराबर हैं. कुछ माह पहले एक उप संपादक घंटों फोन पर खबर लिखने के कारण कान गंवा चुका है. एक उपसंपादक के कार्यालय में अत्यधिक काम के बोझ के कारण नाक से खून निकलने लगा था.

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