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अख़बार संचालन पर संकट के चलते 6 जोन में बांटा गया उत्तर प्रदेश!

  • स्मॉल एंड मीडियम न्यूजपेपर्स फेडरेशन की बैठक में उठे कई गंभीर मुद्दे
  • पत्रकारों की सुरक्षा, आवास व पहचान पत्र की मांग उठी प्रमुखता से

लखनऊ। ऑल इंडिया स्मॉल एंड मीडियम न्यूजपेपर्स फेडरेशन, नई दिल्ली की उत्तर प्रदेश राज्य शाखा की बैठक प्रदेश कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष शोएब अहमद ने की।

बैठक में अखबार उद्योग पर आए संकटों को गंभीरता से उठाया गया। सदस्यों ने चिंता जाहिर की कि भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) का कार्यकाल समाप्त हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी 15 वीं परिषद का गठन नहीं हुआ है। इसी प्रकार सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली के कॉमन कॉज बनाम यूनियन ऑफ इंडिया (13 मई 2015) निर्णय के अनुपालन की मांग दोहराई गई।

बैठक में यह भी बताया गया कि प्रेस परिषद की 12 वीं परिषद ने सर्वसम्मति से स्मॉल एंड मीडियम न्यूजपेपर्स के लिए न्यूजप्रिंट पर जीएसटी हटाने का प्रस्ताव पारित किया था, किन्तु अब तक जीएसटी काउंसिल ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। फेडरेशन ने भारत सरकार से इस प्रस्ताव को तत्काल लागू करने की मांग की।

सदस्यों ने सीबीसी (भारत सरकार) और यूपीआईडी (उत्तर प्रदेश सरकार) द्वारा विज्ञापन वितरण में छोटे और मध्यम समाचार पत्रों के साथ भेदभाव किए जाने पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। बैठक में प्रदेश शाखा को छह जोनों में विभाजित करने का निर्णय लिया गया है।

बैठक में लिए गए निर्णय के अुनसार उत्तर प्रदेश को 6 जोन में विभाजित कर जोन कॉर्डिनेटर बनाए गए। जिनमें जोन 1 के अशोक नवरत्न (लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़, आगरा), जोन 2 के नीरज गुप्ता (मुरादाबाद, बरेली), जोन 3 के मुकेश गोयल (मेरठ, सहारनपुर), जोन 4 के अनिल त्रिपाठी (वाराणसी, प्रयागराज), जोन 5 के परवेज आलम (बांदा, झांसी, मिर्जापुर) व जोन 6 के शोएब अहमद (आजमगढ़, गोरखपुर, देवीपाटन, अयोध्या, बस्ती) को बनाया गया।

इसके अतिरिक्त, पत्रकारों व संपादकों के लिए सामूहिक बीमा, पहचान पत्र, आवास सुविधा और पत्रकारों पर अभियोग दर्ज करने से पूर्व उच्च स्तर पर जांच कराने की मांग भी की गई।

बैठक में यह भी कहा गया कि उत्तर प्रदेश सरकार को प्रेस परिषद की विज्ञापन उप समिति की रिपोर्ट पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही प्रयागराज उच्च न्यायालय में लंबित वर्ष 2025 की याचिका की शीघ्र सुनवाई से छोटे और मध्यम समाचार पत्रों को राहत मिलने की उम्मीद जताई गई।

बैठक में प्रमुख रूप से अशोक कुमार नवरत्न, अनिल कुमार त्रिपाठी, परवेज आलम, अनिल कुमार सिंह, अमजद हुसैन, केपी मिश्रा, तीरथ सिंह, अश्वनी कुमार गुप्ता, पंकज शर्मा, मनीष श्रीवास्तव, दीपक तिवारी, अर्जुन द्विवेदी, बालाजी प्रजापति, विजय राज साहू, हर्षित त्रिपाठी, पंकज सिंघल आदि उपस्थित रहे।

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