आगरा। राजा मंडी क्षेत्र में वर्ष 1947 में सरकार द्वारा दुकानों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए की गई लीज को लेकर विवाद गहरा गया है। मामले में संबंधित पक्ष ने आरोप लगाया है कि किराया बढ़ोतरी से बचने के लिए भवन को अवैध बताने की कोशिश की जा रही है और एक मीडिया रिपोर्टर द्वारा एकतरफा खबरें प्रकाशित कर माहौल बनाया जा रहा है।
मेरठ निवासी विशाल जैन ने Amar Ujala के प्रबंधन को लिखित शिकायत भेजी है। शिकायत में उन्होंने आगरा स्थित अखबार के रिपोर्टर देशदीपक पर आरोप लगाया है कि वह पिछले 10-15 दिनों से विनय चंद जैन एवं उनके परिवार के खिलाफ लगातार खबरें प्रकाशित कर रहे हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंधित रिपोर्टर ने बलविंदर सूरी नामक दुकानदार से कथित रूप से आर्थिक लाभ लेकर यह खबरें प्रकाशित की हैं।
शिकायत के अनुसार, वर्ष 1947 में राजा मंडी, आगरा में सरकार द्वारा दुकानों और व्यावसायिक उपयोग के लिए लीज प्रदान की गई थी। आरोप है कि बलविंदर सूरी नामक दुकानदार लगभग 100 रुपये मासिक किराया अदा कर रहे हैं, जबकि उन्होंने उक्त दुकान को कथित रूप से 1.25 लाख रुपये प्रतिमाह पर सबलेट कर रखा है। जब किराया बढ़ाने का विषय सामने आया तो भवन को अवैध बताकर विवाद खड़ा किया गया।
विशाल जैन ने अपने पत्र में कहा है कि उनके पास सभी वैध दस्तावेज उपलब्ध हैं, जो संपत्ति की वैधानिक स्थिति को प्रमाणित करते हैं। उनका आरोप है कि रिपोर्टर द्वारा प्रकाशित खबरों के कारण न केवल उनकी पारिवारिक प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है, बल्कि सरकारी स्तर पर भी एक नकारात्मक धारणा बनाई जा रही है।
उन्होंने अमर उजाला के चेयरमैन राहुल माहेश्वरी को संबोधित ईमेल में मामले की निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया है। साथ ही यह भी कहा है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो मानहानि का मामला दायर किया जाएगा।
शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर पत्रकारिता की मर्यादा का उल्लंघन पाया जाता है तो उचित कार्रवाई की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की फर्जी या पक्षपातपूर्ण खबरों पर रोक लग सके।
फिलहाल इस संबंध में संबंधित रिपोर्टर या अखबार प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


