प्रोफ़ेसर आनंद प्रधान की माताजी का निधन

आनंद प्रधान-

माँ 6 नवंबर को चली गई।

वे 82 वर्ष की उम्र में भरापूरा जीवन जीकर गईं हैं। उनके जाने से गाँव अचानक सूना हो गया। बाबूजी अकेले हो गए हैं।

उनकी न जाने कितनी यादें कई दिनों से मन में उमड़-घुमड़ रही हैं।

वे आज भी अपने से ज़्यादा हमलोगों की चिंता करती थीं। उनकी दुनिया हम सब थे। प्रियजन थे।


आनंद प्रधान बीएचयू छात्र संघ के अध्यक्ष रहे हैं, आईआईएमसी में प्रोफेसर हैं, आर्थिक मामलों के विश्लेषक हैं। आनंद प्रधान जी के दो भाई हैं। अविनाश प्रधान (पत्रकार और समाजसेवी) और अखिलेश प्रधान (पुलिस इंस्पेक्टर)। आनंद प्रधान माता जी के निधन के बाद लगातार अपने गाँव (ज़िला ग़ाज़ीपुर का सुल्तानपुर गाँव) बने रहे। भड़ास एडिटर यशवंत , कामरेड राममूर्ति राय और समाजसेवी उमेश श्रीवास्तव ने आनंद प्रधान जी के गाँव जाकर माताजी को श्रद्धांजलि अर्पित की। आनंद प्रधान जी का ख़ानदान जिले का सर्वाधिक लोकतांत्रिक परिवार माना जाता है। आनंद जी के कुनबे में बीएचयू में प्रोफ़ेसर रहे और साहित्यकार अवधेश प्रधान, अपना जीवन ग़रीबों मज़लूमों के लिए समर्पित करने वाले व आधुनिक कबीर के रूप में चर्चित मोती प्रधान जैसे रत्न हैं जिन पर ग़ाज़ीपुर ही नहीं बल्कि पूर्वांचल और प्रदेश-देश को गर्व है।



भड़ास का ऐसे करें भला- Donate

भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *