टाइम्स ऑफ इंडिया में रहे वरिष्ठ पत्रकार तरुण सुभाष जी का आज अंतिम संस्कार राजधानी के वीआईपी रोड स्थित श्मशान में किया गया। बीती शाम उनका निधन हो गया था। इस खबर ने लखनऊ के मीडिया जगत को स्तब्ध कर दिया था क्योंकि तरुण भाई की अभी जाने की उम्र नहीं थी। वह हमेशा हंसते मुस्कुराते और ऊर्जा से परिपूर्ण नजर आते थे।

बहरहाल उनकी मृत्यु के कारणों के बारे में पता चला कि महाधमनी धमनी विस्फार (एओर्टिक एन्यूरिज्म) की समस्या थी, जो एक जानलेवा चिकित्सा आपात स्थिति है जहां कमजोर महाधमनी फट जाती है, जिससे गंभीर आंतरिक रक्तस्राव होता है, और तत्काल चिकित्सा ध्यान देने की आवश्यकता होती है। महाधमनी धमनीविस्फार महाधमनी में एक उभार या गुब्बारा है, जो शरीर की सबसे बड़ी धमनी है। जब यह उभार फट जाता है या लीक हो जाता है, तो इसे रप्चर कहा जाता है। इसके लक्षणों में अचानक, गंभीर दर्द पेट, पीठ या छाती में, चक्कर आना, बेहोशी, ठंड लगना और तेजी से दिल की धड़कन शामिल हैं। उपचार में आपातकालीन सर्जरी शामिल है जो महाधमनी की मरम्मत करती है।
उन्हें करीब पांच साल पहले इस बीमारी का पता चला था और सर्जरी की सलाह दी गई थी। यह एक दुर्लभ बीमारी है और इसका ऑपरेशन एक कुशल डॉक्टर द्वारा किया जा सकता है। लखनऊ या यूपी में ऐसा कोई डॉक्टर नहीं था और सर्जरी की सफलता दर बहुत अधिक नहीं थी। इसलिए उन्होंने सर्जरी से बचने का फैसला किया।
इस स्थिति में मरीज को अपने रक्तचाप को नियंत्रित रखना आवश्यक था। उच्च रक्तचाप से समस्या हो सकती थी (जो अंततः हुई भी)। शुक्रवार से उनका रक्तचाप बढ़ गया था। रविवार को वह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गए थे, जो अजंता अस्पताल द्वारा आयोजित की गई थी। अस्पताल का पीआर देखने की वजह से उनका कार्यक्रम में जाना जरूरी था और वह गये भी। मगर ज्यादा तकलीफ़ के चलते उन्हें रविवार को ही अजंता अस्पताल में भर्ती कराया गया। डाक्टरों ने उन्हें इमरजेंसी में इंजेक्शन दिया जिसके बाद वह अचेत होकर गिर पड़े। डॉक्टरों की टीम ने उन्हें आपातकालीन जीवन रक्षक प्रणाली दी लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
क्या होता है ये रोग? आसान भाषा में समझिए….
महाधमनी धमनीविस्फार (Aortic Aneurysm) एक गंभीर लेकिन अक्सर धीरे-धीरे विकसित होने वाली बीमारी है। इसे सरल भाषा में समझिए:
महाधमनी (Aorta) – यह हमारे शरीर की सबसे बड़ी रक्त वाहिका (धमनी) है, जो हृदय से पूरे शरीर में खून पहुंचाती है।
धमनीविस्फार (Aneurysm) – जब किसी धमनी की दीवार कमजोर हो जाती है और उस हिस्से पर गुब्बारे जैसी सूजन या फूलाव आ जाता है, तो उसे धमनीविस्फार कहते हैं।
यानी जब महाधमनी की दीवार कमजोर होकर फूलने लगती है तो इसे महाधमनी धमनीविस्फार (Aortic Aneurysm) कहा जाता है।
इसके प्रकार
- Abdominal Aortic Aneurysm (AAA) – महाधमनी का निचला हिस्सा (पेट में स्थित) प्रभावित होता है।
- Thoracic Aortic Aneurysm (TAA) – महाधमनी का ऊपरी हिस्सा (छाती में स्थित) प्रभावित होता है।
- Thoracoabdominal Aneurysm – छाती और पेट दोनों हिस्सों में फैलाव।
कारण
- लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप)
- धूम्रपान
- एथेरोस्क्लेरोसिस (धमनियों में चर्बी जमना)
- आनुवंशिक कारण (जैसे Marfan Syndrome)
- उम्र बढ़ना (60 साल से अधिक में ज्यादा)
लक्षण
- शुरुआती अवस्था में अक्सर कोई लक्षण नहीं मिलते।
- बड़े आकार पर या फटने से पहले:
- पेट या पीठ में लगातार दर्द
- पेट में धड़कन जैसा अहसास
- सांस लेने में तकलीफ (Thoracic Aneurysm में)
- अचानक तेज दर्द → अगर एन्यूरिज्म फट जाए (rupture) तो यह इमरजेंसी स्थिति बन जाती है।
खतरा
अगर महाधमनी का यह फूलाव (Aneurysm) फट जाए तो बहुत ज्यादा आंतरिक रक्तस्राव (internal bleeding) होता है, जिससे कुछ ही मिनटों में जान भी जा सकती है।
उपचार
- छोटे आकार और लक्षण न होने पर – दवाओं और रेगुलर स्कैन से निगरानी।
- बड़े आकार या खतरे की स्थिति में – सर्जरी या स्टेंट (Endovascular Repair)।
मूल खबर…
वरिष्ठ पत्रकार तरुण सुभाष जी का हार्ट अटैक से निधन!


