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सियासत

अतीक अहमद और सरदार ख़ान में समानताएँ!

नितिन त्रिपाठी-

आप सबने गैंग्स ऑफ़ वासेपुर तो देखी ही होगी. सरदार ख़ान. चार पाँच जायज़ नाजायज़ बच्चे. कितने भी सम्पन्न हो गये पर क्रूरता वही कबाड़ी वाली ही रही. सोलह सत्रह साल के बच्चों को अपने पिता / भाई की निगाह में आना हैं तो कुछ खूँख्वार करना पड़ेगा. एक दो मर भी गये तो उनका बदला वीभत्स लिया जाएगा. सरदार ख़ान की बीबी भी उतनी ही ज़ालिम.

यह पूरी कहानी अतीक की है.

सरदार ख़ान के मर्डर वाला सीन याद है न? इग्ज़ैक्ट ऐसे ही इलाहाबाद के विधायक राजू पाल का मर्डर किया था बस पंद्रह साल पहले. फ़िल्म में क्रूरता दिखा नहीं पाते हैं. असल जीवन में तो जिस गाड़ी में लाश लेकर जा रहे थी उसको घेर उसकी धज्जियाँ उड़ा दी थीं.

अभी देखिए योगी राज में प्रयाग राज में सड़क पर दिन दहाड़े गवाह को ही नहीं साथ में पुलिस वालों को भी मार दिया. आपने सस्ती क्राइम नावेल में पढ़ा होगा बड़े से बड़ा अपराधी पुलिस पर हाथ नहीं उठाता. यह ऐसे थे कि सरे आम पुलिस का मर्डर करते थे.

क्रूर. पागल. आततायी.

आपको क्या लगता है, अतीक के बेटे की हत्या हो गई वह छोड़ देता. आज की तारीख़ में जब इतनी सख़्ती है अतीक का ऐसा भौकाल था कि जेल में उसने टार्चर चैम्बर बनवा रखा था. विरोधियों को पकड़ कर जेल में मँगवाया जाता था और टार्चर करता था.

बेटे की मृत्यु पर तो उसने सीधे सीधे बोला था एक बार जेल से बाहर आने दो दिखाता हूँ किसकी सत्ता है.

इन पर हाथ तभी डालना चाहिये जब नेस्तना बूँद कर सको. अन्यथा यह इतने ज़ालिम हैं कि कोई सत्ता कोई ताक़त इन्हें रोक न पाई.

कल से देख रहा हूँ राष्ट्र वादियों का एक ख़ेमा मातम मचाये है बहुत बुरा हुआ. क़ानून को अपना कार्य करने देना चाहिए था. यह हत्या क़ानून व्यवस्था को चैलेंज है.

घंटा. अभी एक साल में अतीक ऐसी बीस हत्याएँ करता वो चैलेंज होतीं क़ानून व्यवस्था पर. जिन पुलिस वालों ने अतीक पर कार्यवाही की थी वह सस्पेंड हो चुके होते अपने घर परिवार की रक्षा के लिये अतीक से दुहाई माँग रहे होते.

इनका एक ही इलाज है समूल ख़ात्मा. घर में एसी कमरे में बैठ लगता है क़ानून पुलिस जज की ताक़त है. सामने कोई ऐसा पागल आ जाये जिसके हाथ में बंदूक़ हो बड़े बड़े जज मुर्ग़ा बन जाते हैं. अतीक के सामने बन चुके हैं.

गुड राइडेंस. अतीक का समूल विनाश हुआ. मुझे अच्छे से पता है भारतीय क़ानून अतीक का बाल बाँका नहीं कर सकता था सामान्य तरीक़े से.

अतीक के ख़िलाफ़ जंग में जिन पुलिस वालों ने दिल से मेहनत की उन्हें बधाई. यूपी अब अतीक से आज़ाद हुआ.

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