
अमर उजाला अखबार में गुरुग्राम डेटलाइन से छपी एक खबर में रिपोर्टर लिखता है- ”यह जानकारी प्रदेश के पुलिस महानिदेश बीएस संधू ने दैनिक जागरण से बातचीत में दी.” इस लाइन के छपने से हंगामा मच गया है. लोग कह रहे हैं कि अमर उजाला वालों ने दैनिक जागरण की खबर नेट से चुराई और उसे बिना पढ़े बिना एडिट किए ही अखबार में चेंप दिया. फिलहाल अमर उजाला अखबार में दैनिक जागरण से बातचीत वाली खबर की न्यूज कटिंग ह्वाट्सअप और सोशल मीडिया पर जोरशोर से घूम रही है.
इसके पहले अमर उजाला वालों ने दिल्ली के बहुचर्चित बीएमडब्लू कांड में दोषी उत्सव भसीन पर शनिवार को आए फैसले की ख़बर में भसीन की जगह एक युवा फिल्म निर्माता संदीप कपूर की फोटो लगा दी. संदीप कपूर ‘अनारकली ऑफ आरा’ फिल्म के निर्माता हैं. अमर उजाला में भसीन की जगह अपनी हंसती हुई तस्वीर देखकर संदीप ने फेसबुक पर लिखा- ”When the research of journalists begins and ends with Google and they take Google as Gospel Truth, such blunders happen. My picture has been used by this paper without checking and re-checking. Such journalists bring disrepute to the entire community.”
कुल मिलाकर इन दिनों अमर उजाला कंटेंट के मोर्चे पर निचले स्तर पर गिर चुका है. इस अखबार की एक जमाने में साख हुआ करती थी लेकिन जबसे यह अखबार ब्रांडिंग, सरकुलेशन और मार्केटिंग वाले लोग चलाने लगे, तबसे इसका दम निकलने लगा है. शीर्ष स्तर पर न कोई देखने वाला है और न कोई दुरुस्त करने वाला. सब अपनी नौकरी बचाने और सेलरी लेने में लगे हैं.
11 Comments
Leave a Reply
Cancel reply
Leave a Reply
भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team
भड़ास मेल: [email protected]
Latest 100 भड़ास
- मनीष दुबे भड़ास से कार्यमुक्त!
- वरिष्ठ पत्रकार शिशिर रॉय चौधरी को मिला प्रतिष्ठित मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार, अंग्रेजी प्रिंट मीडिया में योगदान का सम्मान
- छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता-सम्मान से बड़े हुए सीने, और छोटे हुए दिल, दोनों के लिए छोटी-छोटी दो-दो बातें!
- मनोज बाजपेयी ने संजय शर्मा से ग़ज़ब बात कह दी- “जो सितारे जनता के सवालों पर खामोश हैं, आखिर हम उन्हीं को सबसे बड़ा स्टार क्यों मानते हैं!”
- मुर्गा बाजार की आड़ में चल रहे लाखों के जुए का भंडाफोड़, 20 लाख कैश समेत 47 चारपहिया वाहन जब्त, 156 लोगों पर कार्रवाई!
- मीनाक्षी इकलौती फीमेल एंकर है जो ओपन कंपटीशन फाइट कर न्यूज़ एंकर बनी!
- क्या बिहार एडमिनिस्ट्रेटिव कॉलेप्स की तरफ बढ़ रहा है?
- आज के अखबार : दिल्ली, मुंबई या सुप्रीम और हाई कोर्ट की दो खबरें, क्षुद्र मानसिकता व विचारधारा का मामला?
- पत्रकार अंशु शर्मा को नर्मदा नदी में तैरते समय ब्रेन स्ट्रोक हुआ, हालत खतरे से बाहर!
- नोएडा पुलिस कमिश्नर की कुर्सी के लिए गजब जोड़ जुगाड़ चल रहा है!
- संघी प्रोफेसर संगीत रागी ने माफ़ी माँगी, लेकिन लड़के माफ़ करने के मूड में नहीं!
- संगीत रागी द्वारा सपा प्रवक्ता मनोज काका को टीवी डिबेट में ‘अहीर गंवार’ कहना महंगा पड़ा, लड़के खोज रहे!
- दिल्ली हाईकोर्ट में अंजना ओम कश्यप और खान सर के बीच मानहानि मामले में समझौता, 4पीएम वाला मामला अटका
- मोदी सरकार मीडिया की निगरानी पर कितना पैसा खर्च कर रही और आगे क्या है प्लान, जानिये
- पुलिस सेवा में तत्पर नोएडा मीडिया क्लब ने दो अफसरों को दी विदाई!
- सियांग बांध की ख़बर करना भी जोखिम: अरुणाचल में वरिष्ठ संपादक पर सर्च वारंट की अर्ज़ी, स्थानीय मीडिया के पेज और ख़बरें ब्लॉक
- RSF की ‘प्रेस फ़्रीडम प्रीडेटर्स’ सूची में ‘ऑपइंडिया’ पर गंभीर आरोप, भारत 180 देशों में 157वें पायदान पर
- प्रेरित चौहान अब न कोई दूसरा यूट्यूब चैनल बना सकते हैं और न ऐसे किसी चैनल का इस्तेमाल कर सकते हैं जिस पर वे “बार-बार या प्रमुखता से” दिखते हों!
- वरिष्ठ पत्रकार योगेश कुमार गोयल को मिलेगा ‘राष्ट्रीय मीडिया अकादमी सम्मान’
- इंडियन एक्सप्रेस हिंदी की सोशल मीडिया टीम के साथ काम करना चाहते हैं तो अपना वर्क सैम्पल और सीवी भेजें!
- अनिल अंबानी की 510 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क, दो चार्टर्ड विमान भी ED की कार्रवाई के दायरे में
- सावरकर पर अरुण शौरी की किताब ‘The New Icon’ अब हिंदी में भी उपलब्ध, शीर्षक है ‘नया मसीहा’
- DTH से सरकार की कमाई करीब 40 करोड़ घटी, 2025 में मिली 618 करोड़ की लाइसेंस फीस
- संचार मंत्रालय ने संजीव बंजाल को TDSAT का सदस्य नियुक्त किया
- अखबारों और पत्रिकाओं के पंजीकरण की प्रक्रिया ऑनलाइन हुई, प्रेस सेवा पोर्टल से मिलेंगी सभी प्रमुख सुविधाएं
- अक्षत मित्तल ने एएनआई में एसोसिएट एडिटर के रूप में शुरू की नई पारी
- आज के अखबार : विदेशी मदद से PM बनने का राहुल का आरोप गोल, संसद में चर्चा का शाही झुनझुना HT में
- दीपा सागर की संदिग्ध मौत पर भड़का आक्रोश, पूर्व विधायक संतोष बाफना की दुकान के बाहर हंगामा और पथराव
- राइटविंग वाले यूट्यूबर बिना पास जबरन घुसे और कांग्रेसियों से भिड़ गए!
- जगदलपुर में पूर्व विधायक के व्यावसायिक परिसर की छत पर युवती का शव, सुसाइड नोट मिलने से मामला उलझा
- लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार श्याम कुमार की पत्रकारिता का 66वाँ वर्ष शुरू, पढ़िए उनके जीवन और करियर की कहानी!
- टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लखीमपुर खीरी जिले के प्रभारी बने सतीश त्रिवेदी
- दिल्ली पुलिस के खिलाफ इंकलाब का बिगुल फूंकने वाले Delhi Police के ACP मनस्वी वशिष्ठ सस्पैंड
- सुमित अवस्थी का टाइम्स नेटवर्क से इस्तीफ़ा, साल भर भी नहीं चला ‘चक्रव्यूह’ का सफ़र
- राज्योत्सव कवर करने गए पत्रकार से खैरागढ़ में पुलिस की मारपीट, वीडियो वायरल होने पर सिपाही निलंबित; थाने के सामने धरने पर बैठे पत्रकार
- दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर ACP मनस्वी वशिष्ठ समेत पुलिसकर्मियों का प्रदर्शन, पांच मांगें रखीं
- IDBI बैंक अपने ही पैसे से खुद को बेचेगा, इधर देश वोट चोरी में उलझा है, उधर एक और बैंक लुट गया!
- मोदीजी ने जिस सुभाष चंद्रा की प्रशंसा की थी, वो नटवरलाल निकला, 1,322 करोड़ की ऋण धोखाधड़ी का आरोप!
- काशी के पत्रकारों ने धारदार सवालों से घेरा, प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़ गए संबित पात्रा!
- आलोक कुमार पाण्डेय ने टाइम्स नाउ नवभारत के साथ शुरू की नई पारी, रायबरेली में संभालेंगे जिम्मेदारी
- वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल वाले कांड के बाद रियल एस्टेट में हड़कंप, अफसर और बिल्डरों के सिंडिकेट पर गहराया संकट
- अमर उजाला देहरादून यूनिट में सात कर्मचारियों को बिना नोटिस हटाने का आरोप, 14 साल से कार्यरत नाइट सुपरवाइजर भी शामिल
- आज के अखबार : रैली पहली खबर तो बन गई लेकिन भीड़ (कम या ज्यादा) दिखाने वाली फोटो नहीं दिखी
- सौरभ चंद्राकर के ऑनलाइन सट्टा स्कैम पर पहली बार लिखा तो उसके ठीक बाद रायपुर के सारे अखबारों में महादेव ऐप का विज्ञापन छपा!
- अमिताभ बच्चन किस मीडिया वाले से दुखी होकर ठोकने की बात कर रहे हैं!
- जी एंटरटेनमेंट ने सुभाष चंद्रा के 1322 करोड़ के धोखाधड़ी मामले की CBI जांच से झाड़ा पल्ला!
- ‘हिंदुस्थान समाचार’ और ‘एसआईएस’ कंपनी वाले आरके सिन्हा ‘इंडियन एक्सप्रेस’ से नाराज़ थे; वजह थी कि पनामा पेपर्स कांड में ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ के मालिकों का भी नाम था पर उसका जिक्र नहीं किया गया!
- इंडियन एक्सप्रेस की कटिंग शेयर कर मनीष सिसोदिया ने पीएम से पूछा- इतने बड़े देश में सिर्फ चंद अफसरों को बार-बार सेवा-विस्तार देकर शीर्ष पदों पर बिठाए रखने की क्या मजबूरी है?
- राहुल गांधी की रैली में ‘आजतक’ की मौसमी सिंह और ‘इंडिया टीवी’ की मीनाक्षी जोशी की रिपोर्टिंग का फर्क पढ़िए!
- सीएम उमर अब्दुल्ला की दुल्हन निधि राजदान एक बार ठगी जा चुकी हैं!
- खबरों के पीछे भागते पत्रकारों के स्वास्थ्य की चिंता; काशी पत्रकार संघ ने किया शिविर का आयोजन!
- नैनीताल समाचार अखबार के समारोह में पहुंचकर लगा जैसे वक्त ने अचानक पीछे की ओर छलांग लगा दी हो!
- वोटर लिस्ट में गड़बड़ी; डिप्टी कलेक्टर मयंक गोस्वामी व हेमंत चौधरी निलंबित, FIR में बढ़ेगी ये धारा!
- नवभारत टाइम्स के 80 साल के इतिहास में पहली बार महिला को राष्ट्रीय ब्यूरो प्रमुख की जिम्मेदारी!
- राजधानी, तेजस और वंदे भारत तक रेलवे कैटरिंग वाले यात्रियों के लिए जितना घटिया, सड़ा-गला भोजन पकाते हैं, इसके लिए उन्हें अलग से अवॉर्ड दिया जा सकता है!
- आज के अखबार : मॉक पार्लियामेंट ‘पलटवार’ की खबर के साथ पहले पन्ने पर पहुंची; HT, TOI पुराने अंदाज में!
- छत्तीसगढ़ सरकार इन पाँच पत्रकारों को देगी ‘राज्य अलंकरण सम्मान- 2026’, देखें लिस्ट
- तावड़े जी की तो ग़ज़ब तोड़ाई कर दी सपा वालों ने, 4M के शौक़ीन होने का आरोप लगाया!
- पत्रकार दीपक चौधरी, शुभम गर्ग और राजा सिंह राठौर के बारे में सूचनाएं!
- सीएनएन संवाददाता लैरी मडोवो की ये तस्वीर टीवी की वह सच्चाई बताती है जो कभी स्क्रीन पर नहीं दिखती!
- वरिष्ठ पत्रकार परंजॉय गुहा ठाकुरता की वेबसाइट बंद, इंडियाबुल्स के फाउंडर समीर गहलोत पर लगाए गंभीर आरोप!
- गंभीर बीमारी के बावजूद लेखन में सक्रिय वरिष्ठ पत्रकार अरविंद चतुर्वेदी की नई किताब ‘कांकर-पाथर’ पाठकीय संवेदना से रिश्ता नहीं तोड़ती!
- ट्रंप ने अब रॉयटर्स के पत्रकार को हड़काया, कहा– “तुम घिनौने हो, पहले खुद को फिट करो”
- बुरी तरह भ्रष्टाचार, ब्लैकलिस्टिंग, टंकियों के फूटने व ईडी की जांच के अंतहीन रिकार्ड के बीच अनुराग श्रीवास्तव इस विभाग के ‘त्रिवेदी’ बन चुके हैं?
- अब उमर अब्दुल्लाह संग जीवन गुजारेंगी NDTV की पूर्व एंकर निधि राजदान, देखें दूसरी शादी की तस्वीरें!
- आज के अखबार : वोट चोरी पर विशेष सत्र बुलाने की पेशकश जैसी ‘खबर’ से कनफूजिया गए संपादक जी
- आरके सिन्हा संस्मरण: कई बार ऐसा होता कि SIS कंपनी का गार्ड काम से भाग जाता तो वे स्वयं गार्ड बनकर 8 घंटे की नौकरी कर रहे होते थे!
- मध्यप्रदेश में ब्लैकलिस्ट “Acer” को यूपी में 12.5 लाख टैबलेट का ऑर्डर? सवालों में सरकारी खरीद
- हिंदुस्थान समाचार एजेंसी के चेयरमैन रहे आरके सिन्हा के निधन पर बिहार के पूर्व मंत्री शिवानन्द तिवारी की भावुक श्रद्धांजलि!
- ऑस्ट्रेलिया के सरकारी ब्रॉडकास्टर ने उठाया दिल्ली में पत्रकारों की धरपकड़ का मुद्दा!
- अमर उजाला डिजिटल को कंटेंट राइटर्स (हिंदी) की तलाश!
- नवभारत टाइम्स में आज यह मेरा आख़िरी साप्ताहिक कॉलम है- सुधीर मिश्रा
- NDTV Profit Ignite के दिवाली विशेष आयोजन में एक मंच पर जुटे बाजार के दिग्गज, निवेश का शेयर किया नजरिया!
- आओ मृत्यु मुझसे सहवास करो! ऋतुराज जितना पावरफुल अब कौन लिखेगा?
- 98% गोदी चैनल घाटे में, कर्मचारियों और रिपोर्टरों को समय पर वेतन देना भी मुश्किल, जानिए वजह!
- पूर्व राज्यसभा सांसद और पत्रकार आरके सिन्हा का निधन, ब्रेन स्ट्रोक के बाद लंबे समय से कोमा में थे!
- मजीठिया वेज बोर्ड मामले में दैनिक ‘आज’ अखबार के कर्मचारी रामपुकार सिंह की बड़ी जीत- मिलेगी इतनी धनराशि!
- ‘गले में लटका प्रेस कार्ड और माइक ID पत्रकार होने का प्रमाण नहीं’; जिला सूचना अधिकारी हमीरपुर का आदेश पढ़िए!
- इकोनॉमिक टाइम्स से कैलाश बाबर और रत्न भूषण की नई पारी, TOI से जुड़ीं अनुष्का!
- आज के अखबार : वाराणसी, नागपुर में हार पर PM ने कुछ कहा नहीं, जयराम रमेश ने जो कहा वह छपा नहीं
- ‘धुरंधर’ से पत्रकारिता होगी या सरकार की छवि चमकाने का नया अध्याय?
- फेसबुक और इंस्टाग्राम से वीडियो हटवाए जाने का खेल कितना घातक मोड़ ले चुका है, इन दो पत्रकारों से समझिए!
- पत्रकार प्रणव मुकुल, प्रशांति त्यागी, अक्षत द्विवेदी और अमन सिंह के बारे में सूचनाएं!
- एक समय ऐसा आया जब मुझे लगा फिल्म भारतीय दर्शकों तक नहीं पहुंच पाएगी; “PYRE” में मुझे अपनी चिता दिख रही थी- विनोद कापड़ी
- डिजिटल विज्ञापन का बाज़ार दौड़ रहा, पर न्यूज़ वेबसाइटों के हिस्से आ रही धीमी चाल!
- बिहार में पत्रकारों पर कहर; कटिहार में अगवा कर पिटाई, बेगुसराय में प्रभात खबर संवाददाता को धमकी!
- चालीस विला के मालिक IAS-IPS दंपति से हैरान वरिष्ठ पत्रकार संजय सिन्हा एक वाजिब सवाल पूछ रहे हैं!
- IANS में नए बॉस के खराब व्यवहार और टॉर्चर से अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं पत्रकार!
- आज के अखबार : विधान परिषद चुनाव नतीजों की खबर से भाजपाई प्रचार और प्रचारकों की पोल खुली
- ‘पायर’ आज से सिनेमाघरों में, देख आइए एक पत्रकार की महानतम कृति!
- मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में बीजेपी महिला प्रदेश अध्यक्ष की बेटी मृणाल एलकर की नियुक्ति सवालों में!
- ‘सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Weaponise हुए हैं’; स्मृति ईरानी के इस वाक्य पर अजीत अंजुम का जवाब पढ़िए!
- चांदनी चौक में जाएँगे तो फ़ोन हो जाएगा ग़ायब, पुलिस पर भारी पड़ रहे पॉकेटमार!
- अंबानी परिवार के बच्चों के वीडियो देखते हुए मेरे मन में एक सवाल आया कि अगर यही सब हमारे मध्यमवर्गीय घरों में हो, तो क्या हमारी प्रतिक्रिया भी ऐसी ही होगी?
- दैनिक जागरण लखनऊ में रहते ‘थापा भाई’ की ब्लाइंड तस्वीरों ने जो कमाल किया था वह आज भी याद है!
- प्रेस काउंसिल पहुंचा असम का डिजिटल मीडिया बनाम न्यूज चैनल विवाद!
- बेड़ियों में पत्रकारिता : मामला अब निर्णायक मोड़ पर है!
- IFWJ के 76वें स्थापना दिवस पर जयपुर में गूंजी पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग!
- पंजाब विधानसभा में गूंजा ‘उड़ता हरियाणा’; नशे पर खबर, लिविंग इंडिया के 6 पत्रकारों पर कहर!
- टाटा समूह की बर्बादी को लेकर राहुल गांधी का मोदी-शाह पर तीखा हमला!


reetu Panday
July 19, 2017 at 9:42 am
उदय कुमार और भपेंद्र कुमार का चेला मयंक तिवारी उधेड़ रहा गुड़गांव अमर उजाला की बखिया… गुड़गांव अमर उजाला, पत्रकारिता के इतिहास में इतने गिरावट का और जलालत भरा दिन कभी नहीं देखा था। जितना उदय कुमार और भपेंद्र कुमार के चहेते मयंक तिवारी के ब्यूरोचिफी में देख रहा है। 18 जुलाई 2017 अमर उजाला के गुड़गांव के पेज तीन पर शास्त्र लाइसेंस से संबंधित एक खबर छपी है जिसमे लिखा है कि डीजीपी ने दैनिक जागरण को बताया। यह तो होना ही था। मयंक की औकात स्ट्रिंगर से अधिक की नहीं थी फिर भी इनके लिए योग्य लोगों को दरकिनार कर दिया गया। टेस्ट में धांधली कर उन्हें पास कर चीफ सब प्रमोट किया गया। यही कारण है कि अमर उजाला से एक एक कर योग्य लोग जा रहे हैं। मयंक जैसे अयोग्य व भ्रष्ट को ब्यूरो चीफ बनाने से सीधा फायदा उदय कुमार व भपेंद्र कुमार को है संस्थान को नहीं। इसे लेकर अमर उजाला में दबी जुबान में चर्चा भी हो रही है। मयंक को कोई रोके नहीं इसे लेकर गुड़गांव ब्यूरो से एक रिपोर्टर को फरीदाबाद तो दूसरे को नोएडा भेज दिया गया। यह बात सभी जानते हैं कि मयंक को खुद लिखना नहीं आता तो वह अपने रिपोर्टर साथियों को क्या बताएगा। गलती पर गलती होने के बाद भी मयंक का कोई कुछ नहीं कर सकता। क्योंकि उदय और भपेंद्र का उस पर हाथ है। मयंक खुद ही कहता है कि मार्च तक उसका कोई कुछ उखाड़ नहीं सकता। भूपेंद्र और मयंक दोनों को ही उदय आशीर्वाद है। दोनों ही अयोग्य हैं। फिर भी आगे बढ़ रहे हैं। अब मयंक ब्यूरो चीफ की वह धांसू खबर भी पढ़ लीजिये.
Reetu
July 19, 2017 at 2:25 pm
गुड़गांव अमर उजाला, पत्रकारिता के इतिहास में इतने गिरावट का और जलालत भरा दिन कभी नहीं देखा था। जितना उदय कुमार और भपेंद्र कुमार के चहेते मयंक तिवारी के ब्यूरोचिफी में देख रहा है। 18 जुलाई 2017 अमर उजाला के गुड़गांव के पेज तीन पर शास्त्र लाइसेंस से संबंधित एक खबर छपी है जिसमे लिखा है कि डीजीपी ने दैनिक जागरण को बताया। यह तो होना ही था। मयंक की औकात स्ट्रिंगर से अधिक की नहीं थी फिर भी इनके लिए योग्य लोगों को दरकिनार कर दिया गया। टेस्ट में धांधली कर उन्हें पास कर चीफ सब प्रमोट किया गया। यही कारण है कि अमर उजाला से एक एक कर योग्य लोग जा रहे हैं।
मयंक जैसे अयोग्य व भ्रष्ट को ब्यूरो चीफ बनाने से सीधा फायदा उदय कुमार व भपेंद्र कुमार को है संस्थान को नहीं। इसे लेकर अमर उजाला में दबी जुबान में चर्चा भी हो रही है। मयंक को कोई रोके नहीं इसे लेकर गुड़गांव ब्यूरो से एक रिपोर्टर को फरीदाबाद तो दूसरे को नोएडा भेज दिया गया। यह बात सभी जानते हैं कि मयंक को खुद लिखना नहीं आता तो वह अपने रिपोर्टर साथियों को क्या बताएगा।
गलती पर गलती होने के बाद भी मयंक का कोई कुछ नहीं कर सकता। क्योंकि उदय और भपेंद्र का उस पर हाथ है। मयंक खुद ही कहता है कि मार्च तक उसका कोई कुछ उखाड़ नहीं सकता। भूपेंद्र और मयंक दोनों को ही उदय आशीर्वाद है। दोनों ही अयोग्य हैं। फिर भी आगे बढ़ रहे हैं।
Vc
July 22, 2017 at 6:25 am
भूपेंदर कुमार पाला बदलू है. पहले उदय कुमार से अपनी मनमानी कराता रहा. अब पंचाेली के केबिन के चक्कर मारता है. अब पंचाेली से साठगांठ में लगा है और उदय कुमार को इसकी जानकारी नहीं है.
Vc
July 22, 2017 at 6:52 am
भाई साहब भूपेंदर कुमार की अभी एक पोल खुली है. मालिकों की आंख में धूल झोंक रहा है. गुड़गांव में मयंक के साथ शहनवाज भी खबर का बडा दलाल हैं. मयंक अपने भाई के साथ दलाली करता है जो पंजाब केशरी में है. मयंक और शहनवाज छोटे अखबारों में भी दुकान चलाते हैं. भूपेंदर को पता है फिर भी खुद दलाली लेने के लिए दोनों को बढ़ावा दिया. यशलोक ने मुह खोला तो हटा दिया वहां से. उदय कुमार को हर बात में आगे करके काम करने वालों को भूपेंदर हटवा देता है.
sanju
July 26, 2017 at 8:59 am
कट पेस्ट में पारंगत मयंक तिवारी ने दैनिक जागरण की खबर पूरी की पूरी छाप दी। इतनी बड़ी गलती करने वाले चेले को बचाने के लिए उदय कुमार ने फिर से गोटियां बिछानी शुरू कर दी हैं। चेले को बचाने के लिए एक बार फिर कुछ लोगों की बलि चढ़ाने की तैयारी की जा रही है। मयंक पर कार्यवाही करना उदय की मजबूरी है लेकिन उसे अपनी मानेसर की फैक्ट्री भी बचानी है जिसका कर्ताधर्ता उसका चेला मयंक तिवारी है। मालिकान को कार्रवाई भी दिखा दी जाए और चेले का नुकसान भी न हो इसका रास्ता तैयार किया जा रहा है। मयंक को सजा के तौर पर फरीदाबाद भेजने की तैयारी की जा रही है। इससे होगा यह कि उसका मानेसर आना जाना बना रहेगा और उदय की निर्माणाधीन फैक्ट्री का काम भी चलता रहेगा। मालिकान को खुश करने के लिए उस रिपोर्टर को बर्खास्त किया जाएगा जिसकी गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने जागरण में खबर जाने की सूचना उदय के चमचे मयंक तिवारी को दी थी।
sanju garg
July 26, 2017 at 9:09 am
भईया वास्तवर में अमर उजाला को इस स्थिति तक पहुंचाने में दरअसल उदय कुमार का हाथ है। उसने अयोग्य चमचों को मलाई खिलाई और योग्य लोगों को संस्थान के बाहर का रास्ता दिखाया गया। गुरुग्राम का ब्यूरो चीफ अपने चहेते मयंक तिवारी को बनाने के लिए उदय कुमार ने उस दिन से ही तैयारी कर लिया था जब दोनों ने मानेसर में फैक्ट्री डालने का योजना बनाया। उदय कुमार की बेटी के नाम से स्थिापित की जा रही इस फैक्ट्री में उनका चमचा मयंक तिवारी २५ प्रतिशत का हिस्सेदार बताया जा रहा है। मानेसर की इस फैक्ट्री निर्माण में प्रशासन कोई बाधा न बने इसके लिए मंयक तिवारी को गुडग़ांव का ब्यूरो बनवाया गया। मयंक के रास्ते की सबसे बड़ी बाधा गुडग़ांव में तैनात यशलोक सिंह था। दो साल पहले ही मयंक को गुडग़ांव की कमान देने की साजिश का सबसे पहला शिकार मलिक असगर हाशमी को बनाया गया। ओमप्रकाश कुशवाहा को प्रमोशन का लॉलीपॉप देकर गुडग़ांव भेजा गया। उसे उदय कुमार और भूपेंद्र की साजिश का पता चला तो बेचारे ने पोर्टल की राह पकड़ी। उदय और भूपेंद्र की साजिश मेें अब मयंक तिवारी के समकक्ष सीनियर सब स्तर के रिपोर्टर आ रहे थे। मयंक की पदोन्नति को उचित ठहराने के लिए पिछले साल सीनियर रिपोरटर्स को टेस्ट दिलाने का ड्रामा रचा गया। हुआ वही जो उदय कुमार एंड कंपनी चाहती थी। कॉपी में कई गलतियां होने के बावजूद मयंक को पास किया गया और गुडग़ांव का ब्यूरो बनाया गया। पंजाब केसरी की खबरें कापी पेस्ट कर अमर उजाला को गर्त में ढकेल रहा मयंक तिवारी कितनी बार अखबार में गलतियां छपवा चुका है यह पिछले तीन माह के अमर उजाला की खबरों को पढ़कर अंदाज लगाया जा सकता है।
sanju garg
July 26, 2017 at 9:10 am
कट पेस्ट में पारंगत मयंक तिवारी ने दैनिक जागरण की खबर पूरी की पूरी छाप दी। इतनी बड़ी गलती करने वाले चेले को बचाने के लिए उदय कुमार ने फिर से गोटियां बिछानी शुरू कर दी हैं। चेले को बचाने के लिए एक बार फिर कुछ लोगों की बलि चढ़ाने की तैयारी की जा रही है। मयंक पर कार्यवाही करना उदय की मजबूरी है लेकिन उसे अपनी मानेसर की फैक्ट्री भी बचानी है जिसका कर्ताधर्ता उसका चेला मयंक तिवारी है। मालिकान को कार्रवाई भी दिखा दी जाए और चेले का नुकसान भी न हो इसका रास्ता तैयार किया जा रहा है। मयंक को सजा के तौर पर फरीदाबाद भेजने की तैयारी की जा रही है। इससे होगा यह कि उसका मानेसर आना जाना बना रहेगा और उदय की निर्माणाधीन फैक्ट्री का काम भी चलता रहेगा। मालिकान को खुश करने के लिए उस रिपोर्टर को बर्खास्त किया जाएगा जिसकी गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने जागरण में खबर जाने की सूचना उदय के चमचे मयंक तिवारी को दी थी।
Rita semwal
July 27, 2017 at 1:48 pm
आखिरकार मयंक तिवारी की गलतियों का खामियाजा एक उभरते हुए प्रतिभावान पत्रकार को भुगतना पड़ा . उदय कुमार और मयंक तिवारी की राजनीति में फंसे युवा पत्रकार ने इस्तीफा देकर पिंड छुड़ा लिया.
dinesh
July 28, 2017 at 7:40 pm
मयंक तिवारी के कारण अब भूपेंद्र कुमार उदय कुमार के ऊपर प्रबंधन ने कड़ाई करनी शुरू कर दी है। दोनों का गठबंधन अब टूटने वाला है। पूरे सिस्टम को कमजोर करने वाले उदय और भूपेंद्र के कारनामे एक गलती से सामने आ गए। दोनो एक दूसरे की नौकरी चला रहे थे। और दलाली की कमाई से घर भर रहे थे। किसी को कानोकान भनक तक नहीं थी। स्थानांतरण करना तो इनके बाये हाथ का खेल है। राजुल माहेश्वरी को कुछ भी रिपोर्ट देकर एक ब्यूरो से दूसरे ब्यूरो भेज देते हैं। भूपेंद्र कुमार तो किसी लायक नहीं। दिनभर गुरग्राम से delhi तक राजनीति करता है रिपोर्टर से। सूअर का बाल है इसकी आंख में। यही कारण था कि राकेश भट्ट भूपेंद्र को फटकने भी नही देते थे। उन्हें डेल्ही ब्यूरो से हटाने का उदय और भूपेंद्र ने बहुत प्रयास किया। उनके जम्मू जाते ही डेल्ही ब्यूरो खराब करने पर लग गए दोनों। भूपेंद्र और उदय कुमार ने अपने अधिकारों का गलत प्रयोग किया। अमर उजाला के नाम पर पैसे कमाए। राजुल माहेश्वरी को गुमरहा किया।
dinesh
July 30, 2017 at 7:29 pm
सीधे तौर पर मयंक की इस गलती के जिम्मेदार भूपेंद्र कुमार है। भूपेन्द्र ने उसे सिर चढा रखा था। मयंक की एक गलती से भूपेंद्र की योग्यता का पता मालिको को चल गया होगा। भूपेन्द्र जैसे कई नालायक संपादक अमर उजाला में होंगे। जो उदय और यशवंत व्यास के दम पर नौकरी कर रहे हैं।
Rita semwal
August 1, 2017 at 4:57 pm
मालिकान की आंखों में धूल झोंकने के लिए एक और साजिश रची गई जांच के लिए फर्जी कमेटी का गठन किया गया जिसमें उदय कुमार औरभूपेंद्र के चमचों को शामिल किया गया यह जांच सिर्फ मालिकान को दिखाने के लिए दिखावा है फैसला पहले ही हो चुका है जिसमें मयंक तिवारी को नोएडा बिठाया जाएगा जिसमें मयंक तिवारी की गलतियों पर पर्दा डालने का उदय कुमार भूपेंद्र करेंगे मामला ठंडा होने के बाद मयंक को गुडगांव या फरीदाबाद को वापस भेज दिया जाएगा