अमर उजाला के संपादक के खिलाफ बुलंदशहर में एफआईआर दर्ज

बुलंदशहर नगर कोतवाली में अमर उजाला के संपादक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता की तहरीर पर जिला प्रशासन की तरफ से यह एफआईआर दर्ज कराई गई। संपादक के खिलाफ आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने पर यह एफआईआर दर्ज कराई गई है।

संपादक के खिलाफ एफआईआर दर्ज होते ही बुलंदशहर के ब्यूरो चीफ आशीष कुमार के पसीने छूट गए है। ब्यूरो चीफ ने डीएम और एसएसपी से काफी अनुरोध किया कि संपादक के खिलाफ एफआईआर दर्ज न हो, लेकिन ब्यूरो चीफ की एक नहीं चली। बताया जा रहा है कि एफआईआर दर्ज होने से अमर उजाला के संपादक डॉ इंदु शेखर पंचोली बुलंदशहर के ब्यूरो चीफ से काफी नाराज हैं। देखें एफआईआर की कापी…

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अमर उजाला, लखनऊ ने शुद्धिपत्र छापकर कहा- ‘हमने गल्ती से नंबर वन होने का दावा किया था!’

अमर उजाला, लखनऊ संस्करण में पिछले दिनों अमर उजाला की तरफ से एक खंडन यानि शुद्धिपत्र छपा. इसमें अमर उजाला ने कहा है कि उसने गल्ती से नंबर वन होने का दावा कर दिया था जिसके लिए वह क्षमाप्रार्थी है. पूरा माजरा क्या है, जानने के लिए आइए शुद्धिपत्र को पढ़ते हैं…

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अमर उजाला अखबार में छप गई दैनिक जागरण के रिपोर्टर से बातचीत वाली खबर!

अमर उजाला अखबार में गुरुग्राम डेटलाइन से छपी एक खबर में रिपोर्टर लिखता है- ”यह जानकारी प्रदेश के पुलिस महानिदेश बीएस संधू ने दैनिक जागरण से बातचीत में दी.” इस लाइन के छपने से हंगामा मच गया है. लोग कह रहे हैं कि अमर उजाला वालों ने दैनिक जागरण की खबर नेट से चुराई और उसे बिना पढ़े बिना एडिट किए ही अखबार में चेंप दिया. फिलहाल अमर उजाला अखबार में दैनिक जागरण से बातचीत वाली खबर की न्यूज कटिंग ह्वाट्सअप और सोशल मीडिया पर जोरशोर से घूम रही है.

इसके पहले अमर उजाला वालों ने दिल्‍ली के बहुचर्चित बीएमडब्‍लू कांड में दोषी उत्‍सव भसीन पर शनिवार को आए फैसले की ख़बर में भसीन की जगह एक युवा फिल्‍म निर्माता संदीप कपूर की फोटो लगा दी. संदीप कपूर ‘अनारकली ऑफ आरा’ फिल्‍म के निर्माता हैं. अमर उजाला में भसीन की जगह अपनी हंसती हुई तस्‍वीर देखकर संदीप ने फेसबुक पर लिखा- ”When the research of journalists begins and ends with Google and they take Google as Gospel Truth, such blunders happen. My picture has been used by this paper without checking and re-checking. Such journalists bring disrepute to the entire community.”

कुल मिलाकर इन दिनों अमर उजाला कंटेंट के मोर्चे पर निचले स्तर पर गिर चुका है. इस अखबार की एक जमाने में साख हुआ करती थी लेकिन जबसे यह अखबार ब्रांडिंग, सरकुलेशन और मार्केटिंग वाले लोग चलाने लगे, तबसे इसका दम निकलने लगा है. शीर्ष स्तर पर न कोई देखने वाला है और न कोई दुरुस्त करने वाला. सब अपनी नौकरी बचाने और सेलरी लेने में लगे हैं.

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अमर उजाला में पहले पेज पर छपी फर्जी खबर, हाजी महबूब को दिखाया मरहूम

अमर उजाला में पहले पेज पर छपी फर्जी खबर… हाजी महबूब को दिखाया मरहूम… हाजी महबूब ने जताई कड़ी आपत्ति… कहा कि फर्जी खबर का करें खण्डन नहीं तो करेंगे मान हानि का दावा… मामला फैज़ाबाद का है… अमर ऊजाला अखबार के प्रथम पेज पर बाबरी मस्जिद के मुद्दई हाजी महबूब को मरहूम/ मृतक दिखाये जाने पर हाजी महबूब ने जताई कड़ी आपत्ति…

उन्होंने कहा कि यह सोची समझी साजिश है… उन्होंने बताया कि अखबार के सम्पादक इसके लिए मुझसे क्षमा याचना करें व फर्जी खबर का तुरन्त खंडन करें अन्यथा करेंगे मान हानि का दावा… इस खबर से मुझको गहरी ठेस पहुंची है…

Mazhab Hussain
mazharhussain139@gmail.com

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