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सनातन धर्मी मानसिकता वाला दैनिक जागरण संकिसा बौद्ध स्तूप को टीला लिखता है ताकि बौद्ध अनुयायी अपमानित हो सकें

: संकिसा बौद्ध महोत्सव की झूठी खबर छापने से बौद्ध अनुयायियों में रोष : फर्रूखाबाद। विश्व प्रसिद्ध संकिसा बौद्ध पर्यटक स्थल पर आयोजित विशाल महोत्सव के बारे में दैनिक जागरण द्वारा झूठी खबर छापे जाने से बौद्ध अनुयायियों में रोष व्याप्त हो गया है। कानपुर से प्रकाशित दैनिक जागरण के फर्रूखाबाद संस्करण के आज 23 अक्टूबर के समाचार पत्र के पेज नम्बर 2 पर (बयानबाजी से संकिसा में माहौल गर्माया शीर्षक) समाचार प्रकाशित किया गया है। खबर धम्मा लोको बुद्ध बिहार के अध्यक्ष कर्मवीर शाक्य के हवाले से प्रकाशित किया गया है। इसमें कहा गया है कि उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य एस अश्वघोष 26 अक्टूबर को अशोक स्तम्भ का अनावरण करेंगे।

: संकिसा बौद्ध महोत्सव की झूठी खबर छापने से बौद्ध अनुयायियों में रोष : फर्रूखाबाद। विश्व प्रसिद्ध संकिसा बौद्ध पर्यटक स्थल पर आयोजित विशाल महोत्सव के बारे में दैनिक जागरण द्वारा झूठी खबर छापे जाने से बौद्ध अनुयायियों में रोष व्याप्त हो गया है। कानपुर से प्रकाशित दैनिक जागरण के फर्रूखाबाद संस्करण के आज 23 अक्टूबर के समाचार पत्र के पेज नम्बर 2 पर (बयानबाजी से संकिसा में माहौल गर्माया शीर्षक) समाचार प्रकाशित किया गया है। खबर धम्मा लोको बुद्ध बिहार के अध्यक्ष कर्मवीर शाक्य के हवाले से प्रकाशित किया गया है। इसमें कहा गया है कि उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य एस अश्वघोष 26 अक्टूबर को अशोक स्तम्भ का अनावरण करेंगे।

इसी समाचार में मय फोटो समाचार प्रकाशित किया गया कि 22 अक्टूबर को राम नवमी के अवसर पर मां विसारी देवी सेवा समिति के संयोजक अतुल दीक्षित ने करीब देढ़ दर्जन साथियों के साथ संकिसा स्थित बौद्ध स्तूप पर मां विसारी देवी मंदिर के सामने हवन पूजन किया। बीते कई वर्षों से सनातन धर्मी मानसिकता के कारण दैनिक जागरण में बौद्ध अनुयायियों को अपमानित करने के लिये संकिसा के बौद्ध स्तूप को टीला लिखा जाता है। भारत सरकार यूपी सरकार एवं जनपद फर्रूखाबाद के सरकारी अभिलेखों में स्तूप परिसर की भूमि केन्द्र सरकार के पुरातत्व विभाग के अधीन है। भगवान बुद्ध का स्तूप होने के कारण ही स्तूप परिसर का अधिग्रहण किया गया था। पुरातत्व विभाग ने स्तूप परिसर की देखभाल करने के लिये चौकीदार जहरूद्दीन को तैनात किया है। जिला प्रशासन ने स्तूप परिसर की सुरक्षा के लिये स्थाई रूप से पुलिस गार्द को तैनात किया है।

संकिसा में विदेशी व स्थानीय अनुयायियों द्वारा बनवाये जा रहे बौद्ध बिहारों की लगातार  बढ़ी रही संख्या इस बात का सबूत है कि सनातन धर्म के लोग बौद्ध स्तूप व बौद्ध अनुयायियों के कार्यक्रमों का विरोध करते है। उतना ही संकिसा का विकास हुआ है। स्तूप की स्थापना के कारण ही संकिसा में गेस्ट हाउस, टेलीफोन एक्सचेंज के बाद पर्यटक हाउस बनवाया गया है। स्तूप की बदौलत ही मोहम्मदाबाद से संकिसा एवं काली नदी होते हुये भोगांव मैनपुरी की ओर काफी चौड़ी सड़क बनवाई गई है। जब कि संकिसा के वासिंदे गांव का विकास न होने के कारण 19वी सदी की तरह जिन्दगी जी रहे है। भगवान बुद्ध की कथित मौसी मां विसारी देवी के नाम पर मुठ्ठी भर लोग पूरे साल उसी समय अपना कार्यक्रम करके व्यवधान उत्पन्न करते है जब अक्टूबर माह के अंतिम सप्ताह में प्रदेश व विदेश के लोग बौद्ध महोत्सव का आयोजन करते है।

स्तूप की बदौलत ही 31 जनवरी 2015 को परमपावन दलाई लामा संकिसा स्तूप स्थल गये थे। श्री लामा ने स्तूप के निकट यूथ बुद्धिस्ट सोसाइटी की ओर से जसराजपुर बुद्ध बिहार में विशाल अशोक स्तम्भ का उद्घाटन किया था। संकिसा के विकास एवं बौद्ध धर्म के प्रचार के लिये सूवे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उसी दौरान संकिसा में ही  दलाई लामा से भेट की थी। कामरेड कर्मवीर शाक्य ने दैनिक जागरण में प्रकाशित झूठे समाचार पर नाराजगी जाहिर करते हुये बताया कि कायमगंज के प्रमुख उद्योगपति व समाज सेवी चन्द्र प्रकाश अग्रवाल 26 अक्टूबर को नवनिर्मित अशोक स्तम्भ का उद्घाटन करेगे न कि उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य एस अश्वघोष। श्री शाक्य ने बताया कि श्री घोष 26 अक्टूबर को बौद्ध भिक्षु सम्मेलन का उद्घाटन करेगे। उन्होने बताया कि दैनिक जागरण वालों की पिक्को लाला से अनवन चल रही है। इसी लिये जानबूझकर झूठा समाचार प्रकाशित किया गया है। दैनिक जागरण बौद्ध अनुयायियों को अपमानित करने के लिये उनके पवित्र स्तूप स्थल को टीला लिखता है। श्री शाक्य ने दैनिक जागरण वालों को समय रहते भूल सुधार करने एवं भविष्य में स्तूप स्थल को टीला न लिखने की चेतावनी दी है।

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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