भास्कर प्रबंधन बड़प्पन दिखाये ओर सभी पत्रकारों को काम पर वापस ले : संभागीय श्रम आयुक्त

जयपुर। दैनिक भास्कर प्रबंधन की प्रताड़ना झेल रहे वरिष्ठ  पत्रकार संजय कुमार सैनी समेत 23 पत्रकारों की ओर से दायर औधोगिक वाद के मामले की सुनवाई श्रम आयुक्त के यहां हुई। सुनवाई में सवेरे 11. 30 बजे से लेकर 12 30 बजे तक दैनिक भास्कर प्रबंधन की ओर से जब कोई नहीं आया तो समभागीय श्रम आयुक्त जी पी कुकरेती ने 24 मार्च की अगली तारीख तय कर दी। पत्रकारों की ओर से अनुरोध किया कि भास्कर प्रबंधन के प्रतिनिधि के नहीं आने पर सेक्शन 11 में अरेस्ट वारंट जारी कर कंपनी के अधिकारियों को तलब किया जाये।

इसके बाद भास्कर प्रबंधन की ओर से 1 बजे लीगल ऑफिसर सुमित व्यास वहां पहुंचे। उन्होने समभागीय श्रम आयुक्त जी पी कुकरेती से और समय देने की मांग की। समभागीय श्रम आयुक्त ने उनके अनुरोध को ख़ारिज कर दिया। साथ ही व्यास को हिदायत दी कि पत्रकारों का उत्पीड़न बंद किया जाये। उन्हें काम पर लिया जाये। उनका निलंबन / डेपुटेशन निरस्त किया जाये। कुकरेती ने कहा कि दैनिक भास्कर प्रबंधन इस मामले में बड़प्पन दिखाये ओर सभी को काम वापस ले। उन्होंने पत्रकारों से भी इस मामले में संयम बरतने की सलाह दी। पहले तो भास्कर प्रबंधन ने श्रम आयुक्त के यहां से दिए गए नोटिस लेने से ही मना कर दिया था। बाद में श्रम आयुक्त ने भास्कर प्रबंधन के सीओओ संजय शर्मा, स्टेट हेड hr वंदना सिन्हा, यूनिट हेड hr जोगिन्दर सिंह को ईमेल कर नोटिस की कॉपी भेजी थी। साथ ही एक बार फिर नोटिस भिजवाए थे जो उन्होंने रिसीव कर लिए थे।



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  • अजमेर कोटा व जयपुर के बाद भास्कर जोधपुर में भी उठा पठक मचने वाली है। प्रेसक्लब पर कब्जा करने वाले भास्कर के लोग मजिठिया को लेकर सक्रिय हैं। हो भी क्यों नहीं जोधपुर में उनके मातहत रहे लोग अभी बडे पदों पर है। राजेश त्रिवेदी जो पांच साल तक जबरदस्ती अध्यक्ष रहे उन्हें ओम गौड ने ही अध्यक्ष बनाया। चुनाव नहीं करवाए तो पहले कभी ओम गौड की सरपरस्त रही महिला पत्रकार ने त्रिवेदी एंड कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल कर जोधपुर प्रेस क्लब पर आॅफिशियली कब्जा कर लिया। बौखलाए त्रिवेदी गुट ने इसी नाम से आम सहमति बना कर उन्हें अध्यक्ष बनाया लेकिन साथ में कोषाध्यक्ष के पद पर मनोज पुरोहित को नियुक्त कर दिया जिससे उद्योगपतियों से वसूली और खर्चे निकाले जा सके। इसके अलावा पुलिस की पीआरशिप करने वाले भास्कर के ही कमल वैश्णव को कार्यकारिणी में जगह दी। यानी की कुल मिलाकर भास्कर के लोगों ने एक अनआॅफिशियली क्लब बना लिया। क्योंकि पांच साल तक त्रिवेदी एंड कंपनी मजे लूट चुकी है। अभी क्लब पर कब्जा हुआ तो जयपुर से भास्कर के उच्चस्तरीय अधिकारियों ने आपत्ती की लेकिन स्थानीय लुंज पुंज संपादक व्यवस्थाएं नियंत्रित करने में असफल रहे। इसकी बडी वजह यह भी है कि त्रिवेदी के मातहत कुलदीप व्यास इन दिना आरटू के स्टेट हैड हैं। इनके कार्यकाल में ही त्रिवेदी की पत्नी पार्षद बनी फिर भी व्यास ने उन्हें नगर निगम का रिपोर्टर बनाए रखा। सबने मिलकर खिचडी पकाई जो अब भास्कर प्रबंधन पर भारी पडने वाली है।

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