Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

उत्तर प्रदेश

बड़बोले नेताओं की हरकतों से यूपी सरकार और संगठन की फजीहत बढ़ी!

लखनऊ। कोरोना संक्रमण काल में कठिन परिश्रम, सूझ-बूझ, संवेदना और सक्रियता सेकोरोना महामारी से निपटने में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो लकीर खींची है, उसने प्रधानमंत्री को छोड़ कर भाजपा में सबको बौना बना दिया है। राज्य के विपक्षी दल भी योगी की घेरेबंदी करने का साहस नहीं दिखा पा रहे थे, लेकिन भाजपा के भीतर बैठे नेताओं ने अपने कृत्यों और वक्तव्यों से विपक्ष के अस्त्र बन गये।

सीतापुर के विधायक राकेश राठौर ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए अपने वक्तव्यों में कोरोना से निपटने के मोदी फार्मूले की धज्जियां उड़ाई तथा मजाक बनाया। राकेश राठौर यहीं नहीं रुके, मुख्यमंत्री कार्यालय से फीडबैक के लिये किये गये फोन का हास्‍यास्‍पद जवाब देकर रही-सही कसर पूरा कर दिया।

पानी सिर से ऊपर जाने के बाद प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह के निर्देश पर पार्टी के महामंत्री और अनुशासन कमेटी के अध्यक्ष विद्यासागर सोनकर ने राकेश राठौर को कारण बताओ नोटिस जारी किया। बता दें कि राकेश राठौर भाजपा के टिकट पर जीतने से पहल सपा-बसपा में रह चुके हैं। संघ की आपत्ति के बाद भी तत्कालीन परिस्थितियों में भाजपा के एक ताकतवर नेता रहे व्‍यक्ति ने अपना वीटो लगा कर पार्टी में आये नवागत अर्थोन्मुखी नेताओं को संरक्षण दिये। आगरा के मेयर नवीन जैन, जिनका एक पत्र वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए लिखा है कि आप आगरा को बुहान बनाने से बचा लीजिये, जबकि कोरोना से निपटने में उसी आगरा मॉडल की प्रशंसा राष्‍ट्रीय स्‍तर पर मीडिया ने की थी। जैन ने पत्र ने जो गंभीर आरोप लगाये उसको लेकर विपक्ष ऐसा उड़ा मानो उसको मुंह मांगी मुराद मिल गयी। अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का केंद्र आगरा कभी स्वच्छता में अग्रणी नहीं बना।

वर्षों से आगरा में विभिन्न पदों पर जमे हुए वर्तमान नगर आयुक्त से जवाब-तलब सार्वजनिक नहीं करने वाले नवीन जैन इस बार चिट्ठी बम किसके इशारे पर दागे हैं? यह सवाल सबको मथ रहा है। शहर में स्थानीय सांसद प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल ने अपने निजी खर्चे से सैनेटाइजिंग कराया। सांसद ने मेयर के मुहल्ले में भी स्वयं के संसाधन से सैनेटाइजिंग कराया।

नवीन जैन के पत्र को लेकर कांग्रेस महासचिव व उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा तथा समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। बताते चलें कि नवीन जैन के मेयर कार्यकाल में ही आगरा में पार्टी के वरिष्ठ विधायक रहे स्वर्गीय जगन प्रसाद गर्ग ने नगर-निगम पर भ्रष्टाचार के आरोप का पत्र लिखे थे। एक और विधायक जो वर्तमान में राज्य सरकार में राज्यमंत्री हैं, चौधरी उदयभान सिंह ने भी नगर-निगम के भ्रष्टाचार के संदर्भ में पत्र लिखा था।

वैसे भी नवीन जैन तीन भाई हैं। प्रदीप जैन, जो कांग्रेस में निकटता रखते हैं, फिर नवीन जैन जो भाजपा का टिकट लेकर आगरा से मेयर चुने गये, तीसरे चक्रेश जैन जिनकी समाजवादी पार्टी में पैठ बताई जाती है। पीएनसी नाम की इनकी कंस्ट्रक्शन कंपनी है। मायावती को छोड़ कर प्रदेश में किसी की सरकार रही हो सभी दलों में पैठ बनाने में माहिर कंपनी के कर्ता-धर्ताओं का यही हुनर काम आता है, इसलिये कभी उसके प्रभाव में कभी कोई आंच नहीं आया।

बदायूं के एक प्रोजेक्‍ट में घोटाला के आरोप लगने के बाद भी कंपनी की सेहत पर कोई जांच नहीं पड़ा। अब भी वह देश-प्रदेश में बड़े-बड़े काम कर रही है। सपा सरकार के कार्यकाल में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे का बड़ा हिस्सा इस कंपनी ने बनाया था, जिसका एक हिस्‍सा के बह जाने तथा उसमें कार गिरने के बाद सुर्खियों में आया था। तीसरा मामला जो चर्चित हुआ वह हरदोई के बीजेपी विधायक श्याम प्रकाश ने कोरोना से लड़ने के लिए दी गई अपनी निधि का पैसा बाकायदा पत्र लिखकर वापस मांगा, इस पत्र के वायरल होते ही सनसनी मच गयी।

खबर चली कि स्वाथ्य विभाग में भ्रष्टाचार की खबरों पर गोपामऊ के विधायक ने अपनी निधि द्वारा दी गयी रकम वापस मांगी है, जिसमें कहा गया था कि कोरोना से बचाव के लिए अपने क्षेत्र में सेनेटाइजर और मास्क उपलब्ध कराने के लिए विधायक ने अपनी निधि से 25 लाख रुपए दिये थे। भ्रष्टाचार की शिकायतों पर विधायक ने अपने फंड के खर्च का हिसाब मांगा था। बताते हैं कि जब जवाब नहीं मिला तो पत्र लिखकर अपनी निधि के 25 लाख रुपये विधायक ने वापस मांग ली। इस पत्र ने योगी सरकार के जीरो टॉलरेंस के दावे को झटका दिया।

मंगलवार को जिलाधिकारी हरदोई पुलकित खरे ने जिले के मुख्यचिकित्सा अधिकारी के विरुद्ध शासन की पत्र लिखते हुए एक फार्मासिस्ट की निलंबित कर दिया। भाजपा ने विधायक को नोटिस जारी किया है। इस बीच देवरिया से भाजपा विधायक सुरेश तिवारी का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह मुसलमानों से सामान न खरीदने की बात करते दिख रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक जब विधायक का वायरल वीडियो राष्ट्रीय समाचार चैनलों पर चला तब भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व हरकत में आया। उसने राज्य इकाई को इस मुद्दे पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह के निर्देश पर पार्टी के प्रदेश महामंत्री व अनुशासन कमेटी के अध्यक्ष विद्यासागर सोनकर ने विधायक सुरेश तिवारी को नोटिस जारी किया।

लखनऊ से मनोज श्रीवास्तव की रिपोर्ट. संपर्क- [email protected]

Local News Community
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन