विनय मौर्या-
वाराणसी | शुक्रवार 30-अगस्त 2024 समय रात के 10:32 अचानक से व्हाट्सएप कॉल की घण्टी बजी स्क्रीन पर जो उभरा उसकी पहचान के तौर पर यूजर नेम था डॉ. राकेश सिंह. नंबर 9839711271 था. मैं समझ गया कि यह महाभ्रष्ट बीएसए राकेश सिंह है जो बीते 15 दिनों से अलग-नम्बरों से मुझे खबर न रोकने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी दिलवा रहा है।
इससे पहले यूजर नेम नवीन सिंह मोबाइल 9616282811 से भी 19 अगस्त को वाट्सप काल पर धमकी मिली थी, मगर मैंने इग्नोर किया। मगर इसके पूर्व विशाल उर्फ विशु यादव ने 13 अगस्त को 993514***नंबर से फोन कर खबर छापने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी।
कल शुक्रवार 30 अगस्त 2024 को जब राकेश सिंह का व्हाट्सएप कॉल नहीं उठाया तब उसका गुर्गे विशु यादव ने फोन लगाया ।
हेलो विनय मौर्या बोल रहे हो… हां आप कौन…?
मैं विशु यादव राकेश सिंह का बेटा.. हां बोलिये…
राकेश सिंह सर लाइन पर हैं किसके कहने पर खबर छाप रहे हो…कितना पैसा लिए हो। औऱ धमकी अपशब्दों की बौछार।
मेरा जवाब रहा पहले तमीज से बात करना सीखो। और इस अखबार को या मुझे, तुम्हारे बाप में इतनी क्षमता नहीं जो खरीद सके। यह अखबार आज भी लोगों के सहयोग चन्दे से छपता है। उस वक्त राकेश सिंह लाइन पर था।
राकेश सिंह लगातार मुझको अर्दब में लेने औऱ धमकाने पर लगा है। उसे नहीं पता कि मैं धमकियों से डरने वाला नहीं हूं। यह मेरा पीछा औऱ रेकी करवा रहा है। राकेश सिंह जान ले कि किसी भी स्तर तक जाकर मेरी कलम रुकवा नहीं सकता। उसके भ्र्ष्टाचार की जड़ें और तेजी से खोदकर उसे बेनकाब करूंगा। जितनी मर्जी हो धमकवा ले, जितने बड़े माफियाओं को जानता हो उससे फोन करा ले।
इस संबंध में भड़ास की तरफ से उक्त नंबरों पर फोन कर जानकारी ली गई. डॉ. राकेश सिंह का नंबर सेवा में नहीं होना बताया गया. इनमें से नवीन सिंह नामक व्यक्ति से हमारी बात हुई, नवीन ने बताया मैं किसी राकेश सिंह को नहीं जानता हूं, पता नहीं किसी और ने किया या कैसे नंबर आ गया पता नहीं. मेरा इन सबसे कोई लेना देना नहीं है.
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