Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सुख-दुख

वरिष्ठ पत्रकार समरेन्द्र सिंह ने नए साल के मौके पर हमारे, आपके और ख़ुद के लिए कही बहुत सुंदर बात, सुधर जायें!

समरेंद्र सिंह-

व वर्ष की खूब सारी शुभकामनाओं के साथ…

जवानी से बुढ़ापे की तरफ कदम बढ़ते हैं तो कुछ बातें सही से समझ में आती हैं। मसलन एक अच्छी नींद बहुत कीमती होती है। सुबह पेट का साफ होना कितना जरूरी है। और गुनगुने पानी से एक अच्छा स्नान किसी आशीर्वाद की तरह है।

सर्दियों की धूप, गर्मियों में भोर की ताजी हवा, अनमोल होती है। नजरों में खूब सारे चमकते रंग भरने चाहिए। मुमकिन हो तो टिमटिमाता आकाश पलकों में बार बार कैद करना चाहिए। अच्छा स्पर्श, अच्छे रंग, अच्छी खुशबू, सबकुछ बहुत कीमती होते हैं।

सपने जरूरी हैं। जीने के लिए और आगे बढ़ने के लिए – दोनों के लिए जरूरी हैं। लेकिन इतने भी जरूरी नहीं कि उनके लिए जीना छोड़ दिया जाए।

कुछ साल पहले की बात है मैं अपने एक अमीर (सबकुछ तुलनात्मक है) मित्र के साथ बैठा था। मैंने उनसे कहा कि आपने सही किया। जब मेहनत करनी थी, आपने मेहनत की। अब आप कामयाब हैं। आपके पास सब सुख सुविधाएं हैं। अब जो वैभव भोगना है वो भोग सकते हैं। बच्चों का भविष्य भी सुनिश्चित है। और आपका बुढ़ापा भी आराम से कटेगा।

वो मुस्कुराया। वो हंसा। उसने कहा कि भोगे कैसे?

वो शरीर कहां हैं? मीठा खा नहीं सकते। नमक भी कम खाना है। पानी भी नाप कर पीना है। सर्दी से बचना है। पहाड़ चढ़ नहीं सकते। समंदर तो दूर नदी, तालाब में उतरने लायक शरीर नहीं है। इसलिए सही यही है कि सपनों के पीछे भागने के साथ-साथ थोड़ा जीवन का लुत्फ भी उठाते रहना चाहिए।

इसलिए बड़े ज्ञानियों ने कहा है कि पल में, वर्तमान में जीना चाहिए। जो बीत गया वो बीत गया। बदला नहीं जा सकता। जो आने वाला है, वो अनिश्चित है। अनगिनत फैक्टर काम कर रहे हैं। कुछ भी नियंत्रण में नहीं है। कुछ सेकेंड से अधिक सांस भी नहीं रोक सकते। सांस ही नहीं, अपने शरीर में बहुत कुछ ऐसा है जिस पर अपना जरा भी बस नहीं। बाल झड़ रहे हैं। कुछ समय में दांत गिरेंगे। हड्डियां दरकने लगेंगी। ये उम्र जैसे-जैसे बीत रही है, अनिश्चितता बढ़ रही है।

कुछ दिन पहले हॉलीवुड के मशहूर अभिनेता डेंजेल वाशिंगटन का एक इंटरव्यू देख रहा था। डेंजेल वाशिंगटन 70 साल के हैं। इस इंटरव्यू में इनकी उम्र का जिक्र है इसलिए लगता है कि ये बातचीत ताजा है। उनका इंटरव्यू जो शख्स ले रहा है वो भी उम्रदराज दिख रहा है। वो डेंजेल वाशिंगटन से कहता है कि आप शानदार शेप में हैं। आप रोज जिम जाते हैं। जिम जाना बोर नहीं करता?

डेंजेल अपने डोले दिखाते हुए एंकर से पूछते हैं कि आपकी क्या उम्र है। वो कहता है कि 52 साल। एंकर उम्र से कहीं अधिक बूढ़ा नजर आ रहा था। डेंजेल उससे कहते हैं कि ये जरा भी क्यूट नहीं लग रहा। शांति के पलों में युद्ध की तैयारी करनी चाहिए। बुढ़ापा अपने आप में युद्ध है। हमें तैयार रहना चाहिए।

इस साल से युद्ध की तैयारी शुरू करनी है। मन, मस्तिष्क और शरीर सभी को अच्छे शेप में होना चाहिए। सबकुछ हिला हुआ है।

इस पर काम शुरू कर दिया है मैंने। लेकिन सबकुछ इतना हिला हुआ है कि पटरी पर लाने में वक्त लगेगा। ये भी सही है कि बहुत कुछ ऐसा है जो पटरी पर नहीं आएगा, लेकिन सुधार जरूर होगा। और तैयारी तो करनी ही होगी। जितना संभल सके, उतना सही है। इसलिए ये वर्ष बढ़ती उम्र के सम्मान को समर्पित वर्ष है।

मेरी उम्र के तमाम लोगों से इतना ही कहना है कि आप सब भी ध्यान दीजिए। इस शांति काल में युद्ध के लिए खुद को तैयार कीजिए। अपने से कम उम्र के लोगों से इतना ही कहना है कि जिंदगी के लिए वक्त निकालिए। खुद खुश रहिए, अपनों को खुश रखिए। समय नहीं संभल रहा है तो उसे समय पर छोड़ दीजिए। समय का चरित्र ही बदलना है। ये बदल जाता है।

बच्चों से तो इतना ही कहना है कि तनाव में रहने की जरूरत भी नहीं है। नंबरों को लेकर बहुत तनाव ठीक नहीं। जैसे-जैसे जीवन आगे बढ़ता है तो लगता है कि ये नंबर कहीं काम नहीं आते। लेकिन ऐसा कहने का कतई ये मतलब नहीं कि स्कूल और कॉलेज की शिक्षा का कोई महत्व नहीं है। महत्व है, ये शिक्षा आपको जीवन के अगले अध्याय के लिए तैयार करती है, इसे गंभीरता से लेना चाहिए। मगर पागलपन, ऑब्सेशन सही नहीं। ये सबकुछ नहीं है।

कम शब्दों में खुश रहिए और अपने ऊपर ध्यान दीजिए। अपना ख्याल रखिए। खुद से प्यार कीजिए। आप खुद से प्रेम नहीं कीजिएगा तो कोई आपसे कैसे प्रेम करेगा… आप अपना ख्याल नहीं रखिएगा तो कोई और आपका ख्याल कैसे रखेगा? रखेगा भी तो कितना रखेगा? और हां, अपना ख्याल रखने में कुछ भी गलत नहीं है। ख्याल रखने का अर्थ खुद को बर्बाद करना नहीं है, ख्याल रखना है। मन और तन को साफ-सुथरा रखना है। सिर्फ अच्छे कपड़ों से ही नहीं, अच्छे विचारों से भी संवारना है। अच्छी आदतों को सहेजना है। बुरी आदतों को डिलीट करना है।

आप सभी को खूब सारी शुभकामनाएं! सब मंगल हो! सबका मंगल हो!

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन