कनाडा के पीएम ने फोन कर मांगी वैक्सीन, पीएम मोदी ने किया आश्वस्त

दूसरे देशों में भी भारत की वैक्सीन के लिए भरोसा और विश्वास बढ़ता जा रहा है। भारत फरवरी माह में 25 देशों को वैक्सीन भेजने के लिए लिस्ट किया है। इसी बीच सात समंदर पार से अब कनाडा ने भी भारतीय वैक्सीन की मांग की है। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने पीएम मोदी को फोन कर भारत से कोविड-19 टीकों की आपूर्ति संबंधी कनाडा की जरूरतों के बारे में जानकारी दी।

पीएम मोदी ने वैक्सीन देने के लिए किया आश्वस्त

कनाडा के पीएम ट्रूडो ने भारत से कोविड-19 टीकों की आपूर्ति संबंधी कनाडा की जरूरतों के बारे में पीएम मोदी को जानकारी दी। जिसके बाद पीएम मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री को आश्वस्त किया कि भारत कनाडा के टीकाकरण प्रयासों का हर संभव मदद करने की कोशिश करेगा जैसा कि उसने कई अन्य देशों के लिए किया है।

प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व की सराहना की

इस दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूडो ने भारत की सराहना करते हुए कहा कि यदि दुनिया कोविड-19 के खिलाफ जंग को जीतने में कामयाब रही है, तो उसमें भारत की जबरदस्त फार्मास्युटिकल क्षमता है और इस क्षमता को दुनिया के साथ साझा करने में प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व महत्वपूर्ण होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूडो को उनकी इस भावना के लिए धन्यवाद दिया।

दोनों देशों के बीच घनिष्ठ सहयोग को जारी रखने पर भी जताई सहमति

दोनों नेताओं ने कई महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक मुद्दों पर भारत और कनाडा के समान रुख को भी दोहराया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन और वैश्विक महामारी के आर्थिक प्रभाव जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में दोनों देशों के बीच घनिष्ठ सहयोग को जारी रखने पर भी सहमति जताई। वहीं दोनों नेताओं ने इस साल के अंत में विभिन्न महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे से मिलने और आपसी हित के सभी मुद्दों पर चर्चा जारी रखने के लिए उत्‍सुकता जताई।

25 देशों को कमर्शियल आधार पर भेजी जाएगी वैक्सीन

बता दें कि विदेश मंत्रालय ने फरवरी में 25 देशों को कमर्शियल आधार पर 2.4 करोड़ खुराक भेजने के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इसके तहत भारत 2.4 करोड़ वैक्सीन डोज भेजेगा। ये वैक्सीन ब्राजील, म्यांमार, नेपाल, निकारागुआ, मॉरीशस, फिलीपींस, सर्बिया, सऊदी अरब, मोरक्को, संयुक्त अरब अमीरात और कतर आदि देश शामिल हैं। हालांकि इन 25 देशों में अभी कनाडा का नाम शामिल नहीं है। वहीं इससे पहले भारत ने करीब 63 लाख डोज 13 देशों को अनुदान में दिए थे।

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