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चुनाव आयोग को इन दो महिला पत्रकारों ने गज़ब आईना दिखाया है, वीडियो देखें

विपक्ष के वोट चोरी जैसे आरोपों पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने दो दिन पहले सबसे ज़बरदस्त बात कही थी। वो ये कि चुनाव में धांधली के आरोप को नकारने के लिए CCTV फुटेज की माँग एकदम ग़लत है। चुनाव आयोग ने इसके पीछे तर्क देते हुए कहा कि लोगों की माँ, बहन, बेटी, बहू वोट डालने जाती हैं, क्या उनके वीडियो सार्वजनिक किए जाने चाहिए, चुनाव आयोग इसके सख्त ख़िलाफ़ है।

बिल्कुल सही, महिला की आबरू की हिफ़ाज़त करना चुनाव आयोग का काम है, भले इसके लिए उन्हें अपने दामन में कितने भी दाग लेने पड़ें। बहरहाल, अब दो महिला पत्रकारों ने चुनाव आयोग के इस तर्क का गज़ब मखौल उड़ाया है, नीचे पढ़ें वीडियो देखें…


सौरभ यादव-

महिलाओं की प्राइवेसी का बहाना देकर अपनी गलती छुपाने वाले EC ज्ञानेश कुमार को दो पत्रकारों मौसमी सिंह और स्मिता शर्मा ने बढ़िया आईना दिखाया है।

दोनों ने एक वीडियो बनाया है जिसमें वो कह रही हैं कि कृपया हमारा वीडियो ना लें हम वोट डालने जा रहे हैं ये हमारी प्राइवेसी का मामला है। शायद ये देखकर उन्हें कुछ शर्म आए….


नवेद शिकोह-

चोर नहीं डाकू…. बिना लिखे, बिना बोले और बिना नाम लिए केंचुआ को डाकू कह दिया!

कार्टून, प्रिंट मीडिया के माथे की बिंदिया है। सबसे कम स्थान लेकर सबसे सशक्त, आकर्षक, पाठकों को खींचने वाला कंटेंट क्रिएट करने का माध्यम है। एक कार्टूनिस्ट के भीतर गंभीर पत्रकार होता है, व्यंग्यकार, चित्रकार और गागर में सागर भरने का हुनरमंद भी होता है।

दैनिक भास्कर के मंसूर का ये कार्टून देखिए। इसमें केवल दो चरित्र हैं। एक डाकू और दूसरा ज्वैलर। सिर्फ डाकू का एक छोटे वाक्य का संवाद है।

बिना नाम लिए ये कार्टून केंचुआ पर जबरदस्त हमला (व्यंग्य) कर रहा हैं।

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