Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

दिल्ली

कोर्ट कवर करने वाले पत्रकारों से मिले सीजेआई, पक्ष-विपक्ष से पटाखों तक पढ़ें बातचीत

प्रभाकर कुमार मिश्रा-

सीजेआई जस्टिस चंद्रचूड़ आज कोर्ट कवर करने वाले पत्रकारों से मिले। पिछली बार मिले तो मैंने कहा था कि ‘आप ऐसे CJI हैं जिससे सत्ता पक्ष भी खुश है, विपक्ष भी खुश है और लोग भी खुश हैं!’ आज मैंने पुरानी बात याद दिलाते हुए कहा कि ‘अब स्थिति थोड़ी बदली हुई लग रही है! कुछ लोग खुश नहीं लग रहे!’

जस्टिस चंद्रचूड़ मुस्कुरा दिए। बोले ‘उनसे पूछना चाहिए की अब क्यों खुश नहीं हैं?’

मौका था दिवाली मिलन का, तो जस्टिस चंद्रचूड़ ने पत्रकारों से पूछा कि आप लोग दिवाली में यहीं रहेंगे या कहीं बाहर जा रहे हैं?

मैं मजाक के मूड में था। मैंने कहा -‘सर बाहर ही जाना पड़ेगा! क्योंकि आप लोग यहां पटाखा जलाने ही नहीं देते!’

उन्होंने हंसते हुए कहा- ‘देखिएगा कि लोग कोर्ट के आदेश का कितना पालन करते हैं!’ फिर बात दिल्ली में पॉल्यूशन की शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि ‘अभी से बुरा हाल है। मैंने तो मॉर्निंग वॉक पर जाना बंद कर दिया है।’


फुरकान-

लेकिन आपने एक भी सवाल पत्रकारिता वाला नहीं किया। क्यों ऐसा??? पत्रकार काम क्या सिर्फ हंसी मज़ाक वाला रह गया है। मोदी से आम कैसे खाते हो पूछने से लेकर तो आपका संभाषण भी वही हुआ। आप बुलडोजर पे सवाल करते, बिना ट्रायल के मुस्लिम नौजवान सालों से जेल में बंद हैं वो भी पूछ सकते थे।

प्रभाकर-

एक सामान्य ज्ञान की बात समझ लीजिए – जज और नेता, मंत्री में अंतर होता है। जजों का एक प्रोटोकॉल होता है। जब तक वो जज की कुर्सी पर होते हैं उनके पद की गरिमा होती है। यह एक औपचारिक मुलाक़ात थी, कोई इंटरव्यू नहीं था। न विश्वास हो तो वक्फ के वकील से पूछ लीजिए। और एक बात, सैकड़ों मुस्लिम वकील सुप्रीम कोर्ट के जजों के सामने रोज सजदे में सिर झुकाते हैं।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन