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उत्तर प्रदेश

सहारनपुर जिला अस्पताल की टपकी छत, पत्रकारों को महिला सीएमएस ने हड़काया, देखें वीडियो

सहारनपुर- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिला अस्पताल के महिला सर्जिकल वार्ड में बारिश के बाद वार्ड की छत से पानी टपकने लगा। पानी टपकने से मरीजों को परेशानी हुई। इस बात की खबर पत्रकारों तक पहुंची तो कवरेज करने पहुँचे।

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पानी मरीजों के बेड पर गिर रहा था, जिसके बाद कुछ मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। पत्रकार जब मौके पर पहुंचे तो वहां मौजूद वार्ड ब्वॉय ने सीएमएस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सहारनपुर जिला अस्पताल की CMS बौखला गईं। फिर क्या था सीएमएस ने आकर पत्रकारों से पहचान पत्र और कवरेज करने की परमिशन मांगी, उन्हें धमकी भरे अंदाज़ में बाहर निकलने के लिए कहा, ताकि जिला अस्पताल की कमियों को छुपाया जा सके।

CMS डॉ. सुधा सुमन ने पत्रकारों के साथ बदसलूकी करते हुए कवरेज रुकवा दी। पत्रकारों के कैमरे बंद करवा दिए। बात यहीं नहीं रुकी। सीएमएस खुद अपना मोबाइल निकाल कर पत्रकारों की वीडियो बनाने लगी, कहने लगी कि आप हमें परमिशन दिखाइए, जैसे ही सीएमएस से जानकारी लेने की कोशिश की तो सीएमएस तुरंत वहां से भागने लगी।

इस घटना के बाद एक और हास्यास्पद बयान सामने आया जब सीएमओ प्रवीण कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि सर्जिकल वार्ड में कुछ जगहों पर पानी टपक रहा है इसकी जानकारी जुटाई जाएगी साथ ही सब पत्रकारों के साथ अभद्रता का सवाल CMO साहब से पूछा गया तो CMO साहब कहने लगे की CMS मैडम अभी नई हैं पत्रकारों को जानती ही नहीं। लगातार बारिश आने से अस्पताल के कुछ हिस्सों में पानी भर गया है। सर्जिकल वार्ड और मेडिकल वार्ड के कुछ हिस्सों में पानी टपकने की सूचना मिली है।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में तुरंत जांच कराई जा रही है और जल्द ही आवश्यक मरम्मत कार्य करवाया जाएगा। मरीजों को सुरक्षित वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है, जहाँ पानी टपकने की कोई समस्या नहीं है। मरीजों की सुविधा और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। वे स्वयं मौके का निरीक्षण करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसी मरीज को परेशानी न हो पत्रकारों को अस्पताल से दूर रखने का उद्देश्य किसी कमी को छुपाना तो नहीं है। मरीजों की प्राइवेसी और इलाज के दौरान होने वाली संभावित डिस्टर्बेंस को ध्यान में रखते हुए कुछ सावधानियां बरती जाती हैं।

अब सवाल यह उठता है कि जब कवरेज करने पहुँचे पत्रकारों के हाथ में कैमरा और चैनल कि ID थी तो CMS मैडम क्यों नहीं पहचान पाई या फिर अस्पताल कि कमियां सामने ना आ सके इसलिए पत्रकारों को धमकाकर पत्रकारों के साथ बदसलूकी कर उन्हें कवरेज करने से रोका जा रहा है।

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