दानिश सिद्दीकी फाउंडेशन ने पत्रकारों के साहस, ईमानदारी और सच्चाई को सम्मानित करने के लिए “दानिश सिद्दीकी जर्नलिज्म अवार्ड” शुरू किया है। यह पुरस्कार प्रिंट, फोटो जर्नलिज्म, डिजिटल और ब्रॉडकास्ट मीडिया के पत्रकारों को दिया जाएगा, जिन्होंने अपनी रिपोर्टिंग से समाज पर गहरा असर डाला हो।
दानिश सिद्दीकी एक प्रसिद्ध फोटो जर्नलिस्ट थे, जिन्होंने दो बार पुलित्जर पुरस्कार जीता। 16 जुलाई 2021 को अफगानिस्तान के कंधार में रिपोर्टिंग के दौरान उनकी मौत हो गई। लेकिन उनकी बहादुर पत्रकारिता आज भी दुनिया भर के पत्रकारों को प्रेरित करती है।
कौन आवेदन कर सकता है?
यह पुरस्कार भारतीय नागरिकों और भारत में काम करने वाले विदेशी पत्रकारों के लिए खुला है।
रिपोर्टिंग का समय 1 जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 के बीच का होना चाहिए।
ऐसी स्टोरीज को प्राथमिकता दी जाएगी जो नई और अनसुनी हों और जिनका समाज पर असर पड़ा हो।
आवेदन करने के लिए यहाँ क्लिक करें: दानिश सिद्दकी भड़ास
पुरस्कार तय करने वाली जूरी
इस पुरस्कार के लिए नामांकन का फैसला एक अनुभवी जूरी करेगी, जिसमें शामिल हैं:
राजदीप सरदेसाई – वरिष्ठ पत्रकार और न्यूज़ एंकर
वैष्णा रॉय – वरिष्ठ पत्रकार
किशलय भट्टाचार्य – डीन, जिंदल स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन
गैब्रिएल फोन्सेका – दक्षिण एशिया संपादक, रॉयटर्स पिक्चर्स
राजदीप सरदेसाई ने कहा- “दानिश सिद्दीकी ने अपनी तस्वीरों और रिपोर्टिंग से दुनिया को सच दिखाया। यह पुरस्कार उन्हीं मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए है। मैं सभी पत्रकारों से आवेदन करने का अनुरोध करता हूँ, ताकि हम सच्ची और असरदार पत्रकारिता को सम्मान दे सकें।”
आवेदन की अंतिम तारीख और पुरस्कार समारोह
अंतिम तिथि: 31 मार्च 2025
पुरस्कार समारोह: 4 मई 2025, नई दिल्ली
फाउंडेशन के सदस्य अख्तर सिद्दीकी का कहना है- “हम उन पत्रकारों को सम्मानित करना चाहते हैं जो सच्चाई के साथ समाज की कहानियाँ सामने लाते हैं, जैसे दानिश सिद्दीकी किया करते थे।”


