आसमोहम्मद कैफ-
अखिलेश यादव ने लखनऊ में जिस प्रेस कांफ्रेंस में दैनिक जागरण के बहिष्कार और News 24 पर अपने लोगों के जाने पर रोक लगाई है, संयोगवश मैं भी इस प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद था, यहां पहली पंक्ति में एकदम बांयी तरफ बैठे एक पत्रकार साथी ने सवाल किया कि दिल्ली की सीएम ने एक न्यूज चैनल पर आपको लेकर एक आपत्तिजनक शब्द कहा है, इसके बाद ठीक मेरी पंक्ति से अगली पंक्ति में एकदम बायीं तरफ बैठी एक महिला पत्रकार काविश अज़ीज़ ने सवाल को पूरा करते हुए कहा कि ‘एंकर’ ने इस पर टोका नहीं और हंसा भी!
इसके बाद अखिलेश जी ने कहा कि ‘NEWS 24 चैनल पर कोई जाएगा नहीं’! ध्यान दें कि अखिलेश यादव ने स्वयं चैनल का नाम लिया और यह भी कहा “वो कांग्रेस से थोड़ा लगाव रखता है।’
इसके देर बाद तक यही बात तैरती रही! दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता के अभद्र बयानों को सभी पत्रकारों ने डिजिटल स्क्रीन पर देखा, जिसमें वो राहुल गांधी समेत तमाम नेताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर रही हैं, इसके बाद लखनऊ के पत्रकारों में कुछ की आवाज़ आई कि यह तो पार्षद बनने के भी लायक नहीं है! वैसे फैक्ट यह है कि रेखा गुप्ता, दिल्ली में विधायक बनने से पहले पार्षद ही थी, वो पहली बार विधायक बनी और बेहद योग्य आतिशी को खींसे निपोर -निपोर बेवकूफ बता रही थी।
इसके बाद पत्रकारों ने चर्चा को आगे बढ़ाया तो उन्हें दैनिक जागरण के दिए ज़ख्म याद आ गए, जिस पर उन्होंने काफ़ी बोल्ड बात कही, अपने पिता की तरह, जैसे उन्होंने अमर उजाला की प्रतियां जलवा दी थी और बाकायदा हल्ला बोल नाम वाला एक अभियान छेड़ दिया था। इसके अलावा एक और बेहद सच बात कही कि पीडीए परिवार के व्यक्ति को कभी न कभी अपमानित होना पड़ा है, इसमें उन्होंने खुद के मंदिर जाने और उसके बाद उसे धुलवाने का भी जिक्र किया।
मानक गुप्ता , उस कार्यक्रम का मुख्य एंकर था, जिसमें यह टिप्पणी की गई, और टिप्पणी के बाद बेहद गलत तरीके मानक ने ‘ठिस’ की आवाज़ भी निकाली, जो ‘हिस्स’ जैसी थी। ऐसा लगा जैसे मानक को भी यह अच्छा लगा, जबकि वो इस पर प्रतिक्रिया दे सकते थे, दिल्ली की मीडिया अखिलेश यादव के प्रति दुर्भावनाग्रस्त है! यहां योग्यता का पैमाना एक विशेष वर्ग से होना है, एक समूह को लगता है कि योग्यता पर सिर्फ इस विशेष वर्ग का कॉपीराइट है! वो समय समय पर बहुजन नेताओं को नीचा दिखाते रहते है। इसमें क्या कांग्रेस, क्या भाजपा और मीडिया का यह वर्ग …सब एक है!
यक़ीनन अखिलेश यादव का यह साहस काबिले -तारीफ है, इसका माकूल जवाब यह है कि बहुजनों को अपना मीडिया विकसित करना चाहिए! जो उन्होंने नहीं किया है। तकलीफ यह है कि बहुजनों की सरकारों में भी इन्हीं के जैसी विचारधारा वाले मीडिया समूह को आगे बढ़ाया जाता रहा है। यहां एक और बात महत्वपूर्ण है जिसे कुछ अच्छे पत्रकारों ने अलग से कहा भी कि NEWS24 के मालिक कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला Akhilesh Yadav के मित्र हैं। वो ‘मैनेजर’ हैं, अखिलेश जी को मना लेंगे! मगर यह कैसे मित्र हैं! ऐसे भी मित्र होते हैं क्या!
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