अमिताभ श्रीवास्तव-
हा हा हा! गौतमबुद्ध नगर (आम पब्लिक के लिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा) के जिलाधिकारी महोदय के एक्स (ट्विटर) एकाउंट से पहले राहुल गांधी को “पप्पू” कहते हुए ट्वीट किया जाता है, फिर सफाई के तौर पर बचकानी दलील दी जाती है कि साहब , ये हम नहीं थे, हमारा एकाउंट तो हैक हो गया था।
यह तो हाल है हमारी ब्यूरोक्रेसी का। घनघोर पूर्वाग्रही और पक्षपाती! विपक्ष के प्रति हिंसा और नकारात्मकता से भरी हुई। जब यह बड़े नेताओं के प्रति इस प्रकार की भावना रखते हैं तो आम जनता के लिए इनसे न्याय की उम्मीद कैसे की जाए?
अगर, इस सफाई पर यकीन कर भी लिया जाए तो एक और सवाल खड़ा होता है कि जब डीएम साहब अपने ही सोशल मीडिया एकाउंट के दुरुपयोग को नहीं रोक पा रहे तो अपने जिले की जनता की साइबर सुरक्षा कैसे करेंगे? कौन यकीन करे इन पर?
रवीश कुमार-
प्रशासनिक अधिकारी भी ट्रोल हो गए हैं। इस भाषा को हासिल करने में नौकरशाही को कितने साल लगे हैं। आम आदमी तो हर दिन इस भाषा का सामना करता है जो इनकी शालीनता के परदे के पीछे रह जाता है। अब ख़ुद ही परदा हटाने लगे हैं।
फर्ज़ी केस में फंसाने की ताकत ही नौकरशाही को बेलगाम किए जा रही है। वो किसी भी धमकी दे सकती है, किसी को भी मिटा सकती है, उसका आत्मविश्वास इस भाषा में छलक रहा है। ट्रोल बनकर ही अब इस राजनीति में सभी की मुक्ति है।
कब तक ब्लेज़र और बेकन लाइट की गरिमा से लदे रहेंगे, उतार फेंक कर इस भाषा पर आ जाना ही ठीक रहेगा। यह लिखना बेकार की बात है कि नौकरशाही के मुखिया इन सभी का संज्ञान का लेंगे।
अच्छा रहेगा कि कैबिनेट सचिव के साथ-साथ प्रदेश स्तर पर ट्रोल सचिव का भी पद बना दिया जाए।
सुप्रिया श्रीनेत-
यह DM Noida हैं, पूरे ज़िले की ज़िम्मेदारी है। देश के नेता विपक्ष राहुल गांधी के बारे में इनकी भाषा और विचार ज़रूर देखे जायें।
साफ़ है प्रशासनिक अमले में संघियों की भरमार है – और अब वो संवैधानिक पद पर बैठ कर नफ़रत को हवा दे रहे हैं।

गोविंद प्रताप सिंह-
ये सच में नोएडा के DM का ऑफिसियल X हैंडल है? मॉडल स्टेट यूपी गज़ब है!




शैलेश पाण्डेय
September 14, 2024 at 2:20 pm
गौतमबुद्ध नगर डीएम की प्रोफाइल को खोलकर देखें तो साफ पता चलता है कि हैक हुआ अथवा कुछ कैमिकल रिक्शन का भी परिणाम हो सकता है। प्रोफाइल की फॉलोइंग लिस्ट देखिए विपक्ष के यदा कदा तो सत्ता पक्ष के ढेरो नेताओं के प्रोफाइल को फॉलो किया गया है। विपक्ष के बड़े नेताओं तक से परहेज सा है । यह भी सब देख ले ।