वॉशिंगटन: अमेरिका की एक संघीय अदालत ने ट्रंप प्रशासन को कड़ा झटका देते हुए एसोसिएटेड प्रेस (AP) की व्हाइट हाउस और राष्ट्रपति से जुड़ी प्रेस कवरेज पर लगी रोक को तुरंत हटाने का आदेश दिया है। यह फैसला उस विवाद के संदर्भ में आया है जिसमें एसोसिएटेड प्रेस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा “गल्फ ऑफ मेक्सिको” का नाम बदलकर “गल्फ ऑफ अमेरिका” कहे जाने के निर्देश को अपनी रिपोर्टिंग में शामिल करने से इनकार कर दिया था।
यह मामला तब तूल पकड़ा जब ट्रंप प्रशासन ने एक कार्यकारी आदेश के जरिए “गल्फ ऑफ मेक्सिको” को “गल्फ ऑफ अमेरिका” कहने की सिफारिश की। एसोसिएटेड प्रेस ने इस बदलाव को अपनाने से मना कर दिया, जिसके बाद एजेंसी की राष्ट्रपति से जुड़ी रिपोर्टिंग पर पाबंदियां लगा दी गईं। इसके तहत व्हाइट हाउस और एयरफोर्स वन जैसी प्रमुख कवरेज से AP को बाहर कर दिया गया।
अदालत में सुनवाई के दौरान जज ट्रेवर मैकफैडन, जिन्हें ट्रंप प्रशासन ने ही नियुक्त किया था, ने कहा कि यह प्रतिबंध अमेरिकी संविधान के पहले संशोधन का उल्लंघन है। उन्होंने अपने फैसले में लिखा, “अगर सरकार कुछ पत्रकारों को ओवल ऑफिस या ईस्ट रूम जैसी जगहों पर रिपोर्टिंग की इजाजत देती है, तो वह सिर्फ उनके दृष्टिकोण के आधार पर दूसरों को इससे वंचित नहीं कर सकती। यह संविधान के खिलाफ है।”
हालांकि, अदालत ने इस आदेश के अमल को रविवार तक स्थगित कर दिया है, जिससे ट्रंप प्रशासन को अपील का मौका मिल सके।
एसोसिएटेड प्रेस ने अदालत में कहा कि शब्दों के इस्तेमाल को लेकर असहमति के चलते उनकी कवरेज रोकना प्रेस की आजादी पर सीधा हमला है। फैसले के बाद AP की प्रवक्ता लॉरेन ईस्टन ने कहा, “यह निर्णय इस बात की पुष्टि करता है कि प्रेस और आम नागरिकों को सरकार से भयमुक्त होकर अपनी बात कहने की आज़ादी है — यह स्वतंत्रता संविधान द्वारा सुरक्षित है।”
कोलंबिया यूनिवर्सिटी स्थित नाइट फर्स्ट अमेंडमेंट इंस्टिट्यूट के कार्यकारी निदेशक जमील जाफर ने भी अदालत के इस फैसले की सराहना करते हुए इसे असंवैधानिक और प्रतिशोधात्मक प्रतिबंध बताया।
गौरतलब है कि एसोसिएटेड प्रेस ने ट्रंप प्रशासन की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट, चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स और डेप्युटी चीफ ऑफ स्टाफ टेलर बुडोविच के खिलाफ मुकदमा दायर किया था।
ट्रंप प्रशासन का दावा है कि किसी मीडिया संस्था को “विशेष पहुंच” की गारंटी नहीं दी जा सकती। वहीं, एसोसिएटेड प्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह “गल्फ ऑफ मेक्सिको” को ही इस्तेमाल करता रहेगा, लेकिन नाम बदलने की सरकारी कोशिशों की जानकारी देना उसकी पत्रकारिता का हिस्सा बना रहेगा।



