Tarun Kumar Tarun-
आज मेरा एकाउंट खाली होते-होते बचा! शातिर साइबर ठगों से मुठभेड़… DTDC कुरियर की एन्क्वायरी में साइबर ठगी का झोल… आज मेरा एकाउंट खाली होते होते बचा!! मेरे साथ जो हुआ और जो होने वाला था, वह औरों को सतर्क व सावधान करने की कहानी है! मैं एक जानलेवा रोग का सर्वाइवर हूं। दिल्ली से कुरियर के माध्यम से दवा मंगवाता हूं, क्योंकि दिल्ली के गंगाराम अस्पताल की लिखी वे दवाएं आसानी से नहीं मिलती।
दिल्ली के एक केमिस्ट ने 8 नवंबर को मेरी दवा कुरियर कर रखी है। पिछले चार दिनों से मैं DTDC site पर tracking no. के जरिए इस कुरियर का स्टेटस चेक कर रहा हूं! हैरत की बात है कि जिस सही लगने वाली साइट पर पर कुरियर चेक कर रहा हूं, वह फर्जी है और उसका पता मुझे तब लगा जब इसके चक्कर में मैं साइबर ठगी का शिकार बनते-बनते बचा! पत्रकारिता की दुनिया से रहा हूं इसलिए ठगों की तुलना में कई बार दिमाग ज्यादा तेज चलता है। दिलचस्प, पर सोचनीय स्थिति यह है कि गूगल पर DTDC का फर्जी साइट ओरिजिनल साइट से पहले खुलता है।


हैरत की बात यह है कि फर्जी साइट पर भी मेरे कुरियर का डिटेल्स उपलब्ध है! फिर कस्टमर ओरिजनल और फ्राड का फर्क कैसे पहचाने! इस फर्जी साइट पर मेरा कुरियर जबलपुर में दिखा रहा है। इस फर्जी साइट में DTDC का Logo या Icon गायब है, जो रेड कलर का होता है । मैंने उस फर्जी साइट पर दिए एक नंबर पर call किया तो पहले बंगला, फिर हिंदी और अंग्रेजी में रिकार्डेड आवाज आई। फिर किसी महिला ने फोन उठाया। उसने मुझसे थोड़ी बात करके कहा कि हमारे सीनियर से बात कीजिए, तब तक पीछे से एक और call आने लगा। जब मैंने उसे उठाया तो उधर से कुरियर ट्रेकिंग नंबर पूछा गया। असली खेल अब शुरू हुआ।
उसने कहा कि जैसा कि मैं देख रहा हूं आपका कुरियर जबलपुर में है। यह एड्रेस गलत दर्ज होने के कारण जबलपुर में अटका है। आपको आनलाइन पता दर्ज कराना होगा। मैंने कहा यह कैसे होगा? उसने कहा कि आपको एक लिंक भेजता हूं। इस लिंक के माध्यम से दो रुपये का पेमेंट कराकर इस पर अपना पता दर्ज कराएं! मेरा दिमाग धक से यहीं खटका! मैंने पूछा कि फिर कुरियर कब मिलेगा तो उसने कहा कि जैसे ही आप पेमेंट करेंगे, डेढ़ घंटे में कुरियर मिल जाएगा! मैंने गुस्से में पूछा कि अगर जबलपुर से अनूपपुर की दूरी 250 से 300 किलोमीटर है तो क्या फाइटर प्लेन से कुरियर भेजोगे? उधर से खिन्न होकर वह अनाप-शनाप बकने लगा!
वह समझ गया कि फ्राड ने गलत आदमी को चुन लिया! उसने गाली की भाषा में जैसे ही कुछ बोला, मैंने देहाती और शहरी गालियों की संक्रामक बौछार उस पर कर दी और फिर गुस्सा शांत करते हुए उसे दार्शनिक अंदाज में जीवन-मरण व नैतिकता का पाठ सिखाने लगा। गैंडे जैसी मोटी चमड़ी का वह परम ठग पापी सब कुछ सुनता गया और फिर बोला, ” अगर तुम्हें लगता है कि मैं ठग हूं तो क्या तुम्हारे सुधारने से सुधर जाऊंगा? तुम्हारे जैसे कितने हमें भाषण देते हैं, इतना सुनूंगा तो काम कैसे चलेगा? फोन रख! मैंने फिर आक्रामक शब्दों में उसकी खबर देते हुए फोन रख दिया! उस फरेबी ने राकेश शर्मा नाम से मुझे लिंक भेजा। उसे फौरन ब्लाक मारा! उस लिंक पर 2 रुपया पेमेंट करते ही एकाउंट खाली हो जाता (अगर माल उसमें है तो!!)
यह चिंता और शर्म की बात है कि गूगल सर्च पर फर्जी साइट ऊपर और असली साइट नीचे है! कस्टमर कैसे धोखा नहीं खाएगा? और उस पर भी यह कि फर्जी साइट पर भी आपका डिटेल्स उपलब्ध है! आज के बिकाऊ जमाने मॆं असली साइट के डाटा हैंडलर नकली साइट के ठग हैंडलर को डेटा बेच देते हैं। सो नकली साइट पर आपके कुरियर डिटेल्स का होना बड़ी बात नहीं है। सावधान!
डीटीडीसी के फर्जी और असली साइट्स के स्क्रीनशाट्स यहां संलग्न है। ऊपर वाला फर्जी और नीचे वाला, जो रेड logo के साथ है, असली है! DTDC के असली साइट पर लिखा है कि फ्राड से सावधान, हम UPI/OTP के जरिए पेमेंट नहीं लेते। ठग राजीव शर्मा द्वारा शेयर लिंक का स्क्रीन शाट भी मैंने लगा दिया है ताकि आप कुरियर ट्रेकिंग के चक्कर में कंगाल होने से बचे! सावधान इंडिया!


