रूपेश सिंह-
जौनपुर जिले का मूवी माफिया महाठग दुर्गेश सिंह
दोस्तों यही वह फिल्म है “माटी रंगाई खून से” जिसकी निर्मात्री प्रतिभा सिंह उर्फ़ परी सिंघानिया जी हैं जो महाठग आर्या डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का ऑनर फ्रॉड जौनपुर जिले का मूवी माफिया दुर्गेश सिंह ने 28 लाख में फिल्म की डील किया और परी सिंघानिया को सिस्टर-सिस्टर बोलकर अपनी बातों में फंसाकर पूरी फिल्म का हार्डडिस्क सेंसर कॉपी के साथ ले लिया और एग्रीमेंट के अनुसार बिना एक रुपया दिए 15 अगस्त को फिल्म का ट्रेलर अपने चैनल पर रिलीज़ कर दिया है और अब दादा गिरी भी कर रहा है कि पूरी फिल्म भी दशहरा में रिलीज करेगा।

आप लोगों को बता दूं कि दुर्गेश सिंह ने पूरी फिल्म का मैटेरियल लेने के बाद 4 महीने तक फ़ोन नहीं उठाया। परी के व्हाट्सएप मैसेज पर आज कल-आज कल करके टालता रहा। परी सिंघानिया प्रताड़ित होकर जब प्रशासन का सहारा लिया तब दुर्गेश सिंह ने परी सिंघानिया के एकाउंट में मात्र 100 सौ रुपए डाला जो की परी सिंघानिया वो 100 सौ रुपए भी उसके कंपनी की डीडी बनाकर उसे वापस कर दी थी।
उसके बाद दुर्गेश सिंह जान बूझकर परी सिंघानिया को मेल करता है कि आपकी सारी फाइल क्राफ्ट है ये बोलकर परेशान कर दिया जो की तीन ड्राइव थी तीनों ड्राइव परी दुर्गेश को दे चुकी हैं तो जरा सोचिए की मेल पर लिखता है की सब फाइल क्राफ्ट हैं, आउट सिंक है तो ट्रेलर कैसे रिलीज़ कर दिया और फिल्म दशहरा में रिलीज़ करने की बात मुझसे किया। मेरे पास ऑडियो रिकार्डिंग है दुर्गेश सिंह की।
जब दुर्गेश सिंह मेरे से दादागिरी में चैलेंज किया कि फिल्म माटी रंगाई खून से दशहरा में रिलीज़ करूंगा जिसकी औकात हो रोक कर दिखा दे, तभी मैंने एक्शन लिया अब आप लोग ही बताइए की परी सिंघानिया कहां से गलत हैं या मैं कहां से गलत हूं? ऊपर से मुझपर भी उसने मुकदमा कर दिया है।
अगर इसे धूर्तबाज बोल रहा हूं, चोर को चोर बोल रहा हूं, गलत को गलत बोल रहा हूं तो क्या गलत कर रहा हूं?
दुर्गेश सिंह ने अभी तक बहुत प्रड्यूसर को अपने जाल में फंसाया है। हर रोज एक नए केस सचिन जी और मेरे पास आ रहे हैं। बहुत ऐसे निर्माता बेचारे अकेले की वजह से परेशान होकर चुप बैठ गए थे लेकिन हमारी मुहिम की वजह से लोग अपने-अपने सबूत के साथ जुड़ते जा रहे हैं। अब चोर दुर्गेश सिंह कितने दिन तक प्रशासन और कानून के आंख में धूल झोंक पाएगा, सत्य की जीत होगी और असत्य का विनाश होगा जय मां गायत्री, सांच को आंच नहीं।
सचिन यादव-
जौनपुर का मूवी माफिया दुर्गेश सिंह का एक और ठगी का मामला
आर्या डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का ऑनर फ्रॉड महाठग दुर्गेश सिंह का एक और फिल्म के ठगी का मामला सामने आया है “तोहार अंखियां के काजल हमार जान ले गईल” जिसके निर्माता निर्देशक अनिल एस मेहता और हरी लाल है इस फिल्म का एग्रीमेंट तक़रीबन 3 साल पहले दुर्गेश सिंह करता है। एग्रीमेंट के बाद पोस्टर और ट्रेलर अपने चैनल पर धड़ल्ले से चला रहा है और निर्माता को अभी तक एक रुपए से भेंट नहीं हुई है।
निर्माता अपनी फिल्म के पैसे के लिए गिड़गिड़ाता रहा जो की निर्माता के बेटी की शादी थी। निर्माता बोला- भाई बिटिया की शादी है उसमें कुछ ही पैसे दे दो लेकिन धूर्त महाठग को थोड़ा भी रहम नहीं आया और आज तक दुर्गेश सिंह ने अनिल मेहता और हरी लाल को एक रुपए भी नहीं दिया है।
तो दोस्तों आप लोग बताइए क्या ऐसी चोर कंपनी धूर्तबाज़ महाठग को हमारी फिल्म इंडस्ट्री में रहना चाहिए? ये हमारी फिल्म इंडस्ट्री की बहुत बड़ी क्षति कर रहा है हमारी फिल्म इंडस्ट्री बर्बाद कर रहा है। इस आर्या डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को प्रशासन कानून और गूगल से ब्लैक लिस्टेड करवाना होगा नहीं तो न जाने कितने निर्माता निर्देशक बर्बाद होते रहेंगे। लोग आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे हैं, इस धूर्तबाज़ के अराजकता को रोकना है।

रूपेश मिश्रा-
जौनपुर का मूवी माफिया दुर्गेश सिंह का कारनामा
आर्या डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का ऑनर फ्रॉड महाठग दुर्गेश सिंह का एक और फिल्म के ठगी का मामला सामने आया है। “खोईचा जिसके निर्माता है कृष्णेश्वर शर्मा है इस फिल्म का एग्रीमेंट तक़रीबन 11 साल पहले 2013 में दुर्गेश सिंह करता है। एग्रीमेंट के बाद पोस्टर और ट्रेलर अपने चैनल पर धड़ल्ले से चला रहा है और निर्माता को अभी तक 11000 रु मात्र के बाद एक रुपए से भेंट नहीं हुई है।
निर्माता अपनी फिल्म के पैसे के लिए गिड़गिड़ाता रहा। निर्माता बोला भाई यह मेरे रिटायरमेंट का पैसा है मैंने अपनी पाई-पाई इस फिल्म में लगा दी है, उसमें कुछ ही पैसे दे दो लेकिन धूर्त महाठग को थोड़ा भी रहम नहीं आया और आज तक दुर्गेश सिंह ने कृष्णेश्वर जी को एक पैसा नहीं दिया।
दुख तो इस बात का है कि आज भी झूठ बात का हमारे इंडस्ट्री से ही लोग साथ दे रहे हैं।

शाहिद शम्स-
आर्या डिजिटल के मालिक दुर्गेश सिंह ने मेरी फिल्म का बी राइट खरीदा ता और एक पैसा नहीं दिया. फिल्म को डीडी बिहार पर और अपने यूट्यूब चैनल के अलावा कई जगह रिलीज कर दिया. मैंने बहुत कोशिश की लेकिन मुझे एक पैसा नहीं मिला, न ही एग्रीमेंट की कॉपी दी.
बोला कि मैं कंपनी से आपका मास्टर चेक करवा रहा हूं, और आपकी चेक बनाकर ले आता हूं. इसके बाद मास्टर भी रख लिया और कोई चेक भी नहीं दिया.
आप सभी दोस्तों से रिक्वेस्ट है कि मेरी भी मदद की जाए. मैं भी बहुत तकलीफ में हूं.

सचिन यादव-
दोस्तों देखो ये और दो फिल्में सामने आई। हमारे बहुत पुराने मित्र मुन्ना रिजवी जो बांद्रा के बिल्डर हैं इन्होंने करीब 9 साल पहले अपनी 2 फिल्मे आर्या डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के धूर्त महाठग मूवी माफिया दुर्गेश सिंह को 9,50,000 में बेची थी। उनको कुल राशि 2,50,000 दे कर पूरी फिल्म हथिया ली और जो चेक दिया था वो भी बाउंस हुआ पड़ा है।
अभी थोड़ी देर पहले मुन्ना रिजवी जी का कॉल आया था मेरे पास, बोले- सचिन भाई बहुत बुरी तरह फंसाया है दुर्गेश सिंह और दोनों फिल्में अपने चैनल पर रिलीज करके पैसे कमा रहा है। IMPPA में केस किए थे। अब IMPPA पूरी तरह से सभी पीड़ित निर्माताओं के लिए ऐक्टिव हो चुकी है। ठग को बख्शा नहीं जायेगा। मुन्ना भाई आप कैंसर पीड़ित हैं, जौनपुर आने में असमर्थ हैं लेकिन आप चिंता ना करें, आप लोगों का बेटा आप लोगों का भाई सचिन यादव जौनपुर में उसके लिए सक्षम है। बस आप लोग सच्चाई के साथ खड़े रहिए हमारे साथ दुर्गेश सिंह की सारी काली करतूतों का पर्दाफाश मीडिया प्रशासन और कानून के सामने पूरी जानता जनार्दन के सामने होगा।
ठग दुर्गेश सिंह किसी सपना सिंह की नई आईडी से मुझे जौनपुर आने की धमकी दे रहा है, जैसे जौनपुर उसके ही बाप का है। हम उसके घर भी जायेंगे जरा देखेंगे उसकी पावर जो धमकी दिलवा रहा है। किसी सपना सिंह नाम की लड़की से वो भी किसी सज्जन पिता की बेटी या बहन होगी उनको भी अपनी काली करतूतों में शामिल करके बदनाम कर रहा है। दुर्गेश सिंह मर्द बनो मर्दों से बात करो, तुम धमकी दे रहे हो तो खुले आम धमकी दो किसी लड़की की आड़ में क्या मर्दानगी.




दोस्तों आर्या डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के ऑनर दुर्गेश सिंह का कहना है कि हमारे कंपनी के एग्रीमेंट के अनुसार मुझे निर्माताओं का कॉन्टेंट प्रोवाइड नहीं होता इसलिए मैं पैसे नहीं देता। ज्यादातर ऐसे ही फॉल्स केसेस कोर्ट में हैं और आपकी नज़र में सब लोग गलत ही हैं तो दुर्गेश सिंह मैं आपको एक राय देता हूं आप अपनी तरफ से 5 समझदार पढ़े लिखे लोगों का पंच तैयार करो। जगह भी आपका हो। लोग भी आपके और समय भी आपका। जहां बोलो वहां मैं सभी निर्माताओं को लेकर आता हूं पूरे कॉन्टेंट के साथ। बस पैसे सबका तैयार रखो। अगर है दम तो जो बोल रहा हूं ये करो। झगड़ा खत्म हो जाएगा हमेशा के लिए। निर्माता को लाना कॉन्टेंट प्रोवाइड की ज़िम्मेदारी मेरी। मैं टेक्निकल स्ट्रांग हूं। टेक्निकल कंटेंट की जिम्मेदारी मेरी। बस आप अपना जगह, अपने पंच, अपना समय और पैसा सब एक साथ रेडी करो। जब बोलो जहां बोलो मैं सब लेकर आता हूं। IMPPA सबकुछ प्रोवाइड करवायेगी।
इससे पहले के कारनामे भी पढ़ें….
आर्या डिजिटल वाले दुर्गेश सिंह की ठगी का शिकार फिल्म निर्माताओं ने CM योगी से मांगा न्याय



