Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

टीवी

रवीश कुमार और प्रणव रॉय ‘इमोशनल फूल’ बना रहे थे!

प्रवीण सिंह- रवीश कुमार और प्रणव रॉय ‘इमोशनल फूल’ बना रहे थे। आखिर में यह होना ही था। जो भी अभी तक हुआ वह भी प्रणव रॉय की मर्जी से हुआ है। यह यह भी मर्जी से हुआ है।

रंगनाथ सिंह- NDTV के संस्थापक प्रणय राय और राधिका राय ने अपने हिस्से के ज्यादातर शेयर आपसी बातचीत के बाद अडाणी समूह को बेच दिए हैं। राय दंपती की तरफ से जारी बयान के अनुसार गौतम अडाणी के संग उनकी बातचीत रचनात्मक रही। उनके द्वारा दिए गए सभी सुझाव खुले और सकारात्मक रूप से स्वीकार किए गए।

रामाशंकर सिंह- मैं लगातार कहता आ रहा हूँ कि कॉरपोरेट पूंजीवाद सिर्फ़ और सिर्फ़ अपने निजी मुनाफ़े के लिये सबका इस्तेमाल करता रहा है। इस बयान के आख़िरी दो पैरा पढिये और जाते जाते प्रणय रॉय की ‘ आशाओं ‘ पर हँसिये ! यदि रवीश कुमार के प्राइम टाइम की लोकप्रियता के कारण विज्ञापनदाता न मिलते होते तो उन्हें न जाने कब रुखसत किया जा चुका होता। जो व्यक्ति अडाणी समूह के बुनियादी चरित्र को नहीं समझ सका उसके ऐसे अवसान पर न कोई आश्चर्य है और न ही दुख।

अमिताभ श्रीवास्तव- एनडीटीवी की नींव रखने वाले प्रणाॅय रॉय और राधिका रॉय के बयान ने संस्थान की नयी मालिकाना व्यवस्था और उसके पीछे की प्रक्रिया के बारे में तस्वीर साफ कर दी है।

अभिषेक पाराशर- ये बताता है कि रवीश कुमार कितने अनजान थे ये फिर सब कुछ जानते हुए कैसे रघुनंदन बने हुए थे! अपने आप को शहीद बताते हुए कह रहे थे कि उन्हें पैदल करने के लिए हजारों करोड़ खर्च किये गए, जबकि चैनल मालिकों ने आराम से “रचनात्मक” बातचीत करते हुए अपनी हिस्सेदारी अडानी को बेची. यानी यह एक सामान्य बिज़नेस डील थी और राधिका व प्रणव राय के बयान को पढ़ कर लग रहा है कि उनकी उम्मीद से ज्यादा बेहतर डील उन्हें मिली. पहले से साफ और स्पष्ट था, लेकिन अब ये शीशे की तरह साफ है कि NDTV कहीं से भी होस्टाइल अधिग्रहण नहीं था.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
1 Comment

1 Comment

  1. Akshat shrotry

    December 25, 2022 at 9:39 pm

    मतलब रविश भी मोदी जी के हैं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन