साक्षी जोशी-
Godi Media and Opposition have a Symbiotic relationship
क्या मस्त झाड़ा है कहकर वाहवाही कर लीजिए लेकिन मैंने एक ही चैनल के दो अलग एंकर्स के साथ के क्लिप देखे और समझ में आया कि कांग्रेस को भी इन्हीं लोगों के शो में जाकर, ज़लील होने का शौक़ है! और फिर चिल्लाएँगे देखिए कितने बदतमीज़ हैं। अरे तो आप वहाँ फूलों की बरसात की उम्मीद करके गए थे क्या!
एक शो से तो उठकर जाना पड़ा और दूसरे में जो टॉप बैंड चल रहा था वो इस प्रकार था-
- शौर्य पर भारी कुर्सी की चाहत
- सवालों की आड़ में बेशुमार सियासत
- बेनक़ाब होगा पाकिस्तान, कांग्रेस क्यों परेशान?
बैठते ही टॉप बैंड से समझ आ जाता है कि गोदी मीडिया कांग्रेस को गद्दार और पाकिस्तानी एजेंट बताने पर तुला है। क्यों नहीं ऐसी लाइनें देखते ही इतनी रीढ़ दिखाई जाए कि आपको निकाला जाए उससे पहले आप अपने आत्म सम्मान के बारे में सोचकर वहाँ से उठकर पहले ही चले जाएँ। उस डिबेट में हिस्सा लेने का इतना शौक क्यों है! इन एंकरों के नाम से पता है कि ये Repeat offenders हैं तब भी मुँह उठाकर चले जाते हो आप लोग। सच तो ये है गोदी मीडिया और विपक्षी एक दूसरे का ज़्यादा चहेता लगता है।
BJP को वो लताड़ नहीं सकते तो आपको ज़लील करके उन्हें TRP मिलती है और बदले में विपक्ष को भी ऐसे ही लोगों को Relevance देने में मज़ा आ रहा है। और खुद भी गोदी मीडिया से ही Relevance चाहिए।
ये कॉल आप लोग क्यों नहीं ले सकते कि किस बीजेपी के नेता या एंकर का बहिष्कार करना है। सुलझे हुए ढंग से बात करने वाले बीजेपी के प्रवक्ता हैं जैसे सुधांशु त्रिवेदी, उनके सामने जाइए ना! क्योंकि जिस दिन आप लोगों ने ऐसा करना शुरु किया चैनल वालों को BJP के भी सुलझे हुए प्रवक्ता ही बैठाने पड़ेंगे। ऐसा नहीं है कि बीजेपी में ढंग की बात करने वाले लोग हैं ही नहीं लेकिन डिमांड बदतमीजों की ज़्यादा आप लोगों ने बना रखी है।
साक्षी जोशी के इस ट्वीट पर आया ये सवाल और उसका जवाब भी पढ़ें….
कंवल चड्ढा-
Shakshi ji अगर कांग्रेस वाले इन चैनलों पे नहीं जाएंगे और चैनलों द्वारा बोले गए झूठ को बेनकाब नहीं करेंगे, उनके मकसद का पर्दाफाश नहीं करेंगे तो बीजेपी/मीडिया अपने मकसद में कामयाब नहीं हो जाएगी?
किसी भी विषय में सच्चाई क्या है और कांग्रेस का पक्ष क्या है, ये जनता का जानना जरूरी है।
साक्षी जोशी-
कंवल जी, जनता सब समझ चुकी है इसलिए टीवी बंद कर चुकी है. पहले की बात और थी लेकिन अब सब कुछ शीशे की तरह साफ हो चुका है। इसलिए जब कांग्रेस दिखेगी ही नहीं तो ऐसे डिबेट शो चल नहीं पाएंगे। जनता ही नहीं देखेगी। मुर्ग़ा मंडी भी नहीं लग पाएगी
कंवल चड्ढा-
जी, धन्यवाद…


