ITV गुजरात ने पढ़ा ज़मीर का जनाजा, ये रहा आधिकारिक ‘झांसापत्र’!

आईटीवी नेटवर्क के ‘नौकरों’ ने ज़मीर का जनाजा पढ़ लिया है! किसी कर्मचारी को त्रासदी देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इनके हर एक रीजनल चैनल में कोई न कोई परेशान है। ऐसा ही कुछ गुजरात ब्यूरो में भी हुआ। इस नेटवर्क में HR फोन कर दफ्तर नहीं आने देने का दबाव बनाता है। नोटिस देने का रिवाज नहीं है।

यहां काम करने वाले लोगों को सिर्फ ‘लेटर आफ इंटेन्ट’ देकर धोखाधड़ी की जाती है! कइयों को तो ये भी नहीं मिलता। इससे आने वाले समय में अगर किसी से रिजाइन मांग लिया जाए तो वह किसी किस्म का क्लेम नहीं कर सकता। दफ्तर से जुड़ने के कुछ ही समय में ज्वाइनिंग लेटर देने का प्रावधान है। लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं होता है। न तो एचआर नरेश जसवाल को पता होता हैं, न ही एचआर मुखिया नीरज सोनी को। वहीं कर्मियों के कॉल रिसीव करना ‘यमराज’ की कॉल की भांति लगता है‌।

इस चैनल में लेटर आफ इंटेन्ट पर काम करने वालों से बंधुआ मजदूर की तर्ज पर काम करवाया जाता है। न पीएफ कटता है, न ESI और न ही समय पर दिहाड़ी आती है। न कभी पगार में इज़ाफ़ा हुआ और न ही किसी को प्रोबेशन पीरियड दिया! हाल ही में कुछेक लोगों ने ठान लिया है कि हलक में हाथ डाल कर सैलरी निकलवाई जाएगी। उन्होंने लेबर कोर्ट में रिकवरी अर्जी और दूसरे मामले दर्ज कराएं हैं।

एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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