विनीत कुमार-
इंडिया टीवी जैसे चैनल, उसके एंकर को फर्क़ पड़ता है, संभवतः राहुल गांधी को नहीं. ऊपर साल 2018 की 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस की तस्वीर है. आप देख सकते हैं कि राहुल गांधी किस कतार में बैठकर कार्यक्रम देख रहे हैं और आगे, सबसे आगे कौन होंगे!
राहुल गांधी स्कूल के किसी उत्सुक छात्र की तरह थोड़ा उचककर देख रहे हैं. जाहिर है, वो इतने पीछे बैठे हैं कि ठीक से दिखाई नहीं दे रहा होगा और आगे बैठे लोगों के सिर टकराते होंगे. लेकिन राहुल गांधी को शायद ही इससे कोई फर्क़ पड़ता हो.
लेकिन अभी देखा की इंडिया टीवी की एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर साझा की जा रही है, जिसमें चैनल का एंकर पूरी बेशर्मी से राहुल गांधी की इस बात का मज़ाक उड़ा रहा है कि पहले वो नीचे बैठा करते, अब नेता प्रतिपक्ष हो गए हैं तो कुछ और नहीं तो कम से कम ऊपर सीट मिल गयी. सत्ता की चाटुकारिता करने में एंकर आज के दिन की गरिमा और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की शान तक भूल गए कि बिना विपक्ष के लोकतंत्र अधूरा है.
राहुल गांधी का उपहास उड़ाने के फेर में एंकर यह भूल गए कि ख़ुद उनके बारे में दर्शक की क्या समझ बनेगी? जो एंकर अपने भीतर के जहर को जाहिर करने के लिए आज का दिन भी नहीं छोड़ सकता, वो बेहतर एंकर-मीडियाकर्मी क्या, समझदार-संवेदनशील इंसान होगा, इसमें भी शक़ है. उन्हें इस बात का अंदाज़ा नहीं है कि ऐसा करके उन्होंने राहुल गाँधी के साथ जो करने की कोशिश की, वो तो नाकाम हो गयी लेकिन ख़ुद वो अपना ऐसा परिचय दे गए जो हम दर्शक शायद जान नहीं पाते.
(ऊपर की तस्वीर साभार- TOI) नीचे इंडिया टीवी की क्लिप और उस पर कुछ कमेंट…
महावीर-
और इनसे क्या आशा रख सकते हैं अशोक जी और ये महाशय काम किस न्यूज चैनल पर करते हैं वो भी देखो. खैर, सही कहा दलाल थे दलाल ही रहेंगे.
देशराज मीणा-
गोदी मीडिया से उम्मीद भी क्या कर सकते हैं. हर सुबह उठते ही जो काम करना है वह तो करके ही रहेंगे. झूठ बोलना सच के साथ खड़ा ना होना, दिन-रात मोदी मोदी करना, हिंदू मुस्लिम करना भारत-पाकिस्तान करना और है ही क्या इनके सिलेबस में इसके अलावा.



Deepak
August 17, 2024 at 12:10 am
Shame on India tv